शरीर को स्वस्थ रखने के लिए स्वास्थ्य विशेषज्ञ दिनभर में खूब पानी पीते रहने की सलाह देते हैं। पानी सिर्फ प्यास नहीं बुझाता, बल्कि ये शरीर के कामकाज को ठीक तरीके से जारी रखने के लिए भी जरूरी है। हमारे शरीर का लगभग 50-60 प्रतिशत हिस्सा पानी ही होता है जो शरीर की लगभग हर महत्वपूर्ण प्रक्रियाओं जैसे खून के संचार, शरीर का तापमान नियंत्रित रखने, पोषक तत्वों को कोशिकाओं तक पहुंचाना और अपशिष्ट पदार्थों को बाहर निकालने का काम करता है। तो क्या शरीर को स्वस्थ रखने के लिए खूब पानी पीते रहना चाहिए?
Water Intake: 'जितना ज्यादा पानी पिएंगे, उतना ही स्वस्थ रहेगा शरीर', जानिए कितनी है इस बात में सच्चाई?
यह धारणा गलत है कि जितना ज्यादा पानी पिएंगे, उतना ही शरीर स्वस्थ रहेगा। जरूरत से ज्यादा पानी पीने पर शरीर में सोडियम का स्तर असामान्य रूप से कम हो सकता है, जिसे हाइपोनेट्रेमिया कहा जाता है।
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पानी जरूरी, पर संतुलित मात्रा में
स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, यह धारणा गलत है कि जितना ज्यादा पानी पिएंगे, उतना ही शरीर स्वस्थ रहेगा। जरूरत से ज्यादा पानी पीने पर शरीर में सोडियम का स्तर असामान्य रूप से कम हो सकता है, जिसे हाइपोनेट्रेमिया कहा जाता है। यह स्थिति गंभीर होने पर मस्तिष्क में सूजन, भ्रम, दौरे और दुर्लभ मामलों में जानलेवा भी हो सकती है। हालांकि ज्यादा पानी पीने के कारण होने वाली समस्याएं बहुत दुर्लभ हैं।
- विशेषज्ञों का मानना है कि पानी की जरूरत हर व्यक्ति में अलग-अलग होती है। उम्र, मौसम, शारीरिक गतिविधि, खानपान, गर्भावस्था और कुछ बीमारियों में पानी की जरूरत अधिक हो सकती है।
बहुत ज्यादा पानी पीने से क्या होता है?
जरूरत से ज्यादा पानी पीने पर शरीर का सोडियम स्तर काफी कम हो सकता है। इस स्थिति को हाइपोनेट्रेमिया कहा जाता है।
- सोडियम कोशिकाओं के सामान्य कामकाज के लिए जरूरी है। जब इसका स्तर तेजी से कम होने लगता है तो आपको कई तरह की दिक्कतें हो सकती हैं।
- शुरुआत में मतली, सिरदर्द और कमजोरी महसूस हो सकती है, जबकि गंभीर मामलों में भ्रम, दौरे, बेहोशी और जान का खतरा भी हो सकता है।
ज्यादा पानी पीने का किडनी पर असर
स्वस्थ किडनी अतिरिक्त पानी को पेशाब के रूप में बाहर निकाल देती है। लेकिन लगातार आवश्यकता से बहुत अधिक पानी पीना किडनी को लगातार अतिरिक्त काम करने पर मजबूर करता है। यदि किसी व्यक्ति को पहले से किडनी की बीमारी है, तो उसकी किडनी अतिरिक्त पानी को प्रभावी ढंग से बाहर नहीं निकाल पाती।
- इससे शरीर में पानी जमा हो जाता है और इलेक्ट्रोलाइट असंतुलन की समस्या बढ़ सकती है।
- इसलिए किडनी रोगियों में पानी की मात्रा डॉक्टर की सलाह के अनुसार ही तय की जाती है।
फिर रोज कितना पानी पीना चाहिए?
हर व्यक्ति के लिए पानी की जरूरत अलग होती है। मौसम, वजन, उम्र, व्यायाम, गर्भावस्था, स्तनपान और स्वास्थ्य स्थिति के अनुसार यह बदलती रहती है।
- मेडिकल रिपोर्ट्स बताते हैं कि अधिकांश स्वस्थ लोगों में प्यास लगना और हल्के पीले रंग का पेशाब इस बात का अच्छा संकेत है कि शरीर में पानी पर्याप्त है।
- दिन में 2-3 लीटर पानी पर्याप्त माना जाता है।
- बुजुर्ग, गर्भवती महिलाओं, खिलाड़ी, बाहर धूप में काम करने वाले लोगों को पानी की मात्रा पर विशेष ध्यान देना चाहिए। इन लोगों में डिहाइड्रेशन जल्दी हो सकता है।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस के आधार पर तैयार किया गया है।
अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।