World Arthritis Day 2025: लाइफस्टाइल और खानपान में गड़बड़ी ने कई प्रकार की बीमारियों के खतरे को काफी बढ़ा दिया है। इसका असर हड्डियों की सेहत पर भी देखा जा रहा है। आर्थराइटिस का नाम सुनते ही अगर आपके दिमाग में भी बुजुर्गों की तस्वीर बनती है तो थोड़ा अलर्ट हो जाइए। मौजूदा समय में कम उम्र के लोग भी हड्डियों में दर्द और आर्थराइटिस का शिकार हो रहे हैं।
World Arthritis Day: हड्डियां बनेंगी लोहे जैसी मजबूत, आर्थराइटिस से बचाव वाली इन चीजों को बनाएं डाइट का हिस्सा
- अगर शरीर को आहार के माध्यम से सही पोषक तत्व मिलें तो जोड़ों की सेहत को लंबे समय तक सुरक्षित रखा जा सकता है। आइए समझते हैं कि हड्डियों को बुढ़ापे तक फौलादी बनाए रखने के लिए आपकी डाइट में कौन-कौन से पोषक तत्व जरूर होने चाहिए?
ज्यादा बैठे रहने की आदत बिगाड़ रही है सेहत
अमर उजाला में प्रकाशित एक रिपोर्ट में हमने बताया कि किस तरह से लंबे समय तक बैठे-बैठे काम करते रहने की आदत ने हड्डियों को कमजोर कर दिया है। लोग लंबे समय तक डेस्क पर काम करते समय या फोन का स्क्रीन देखते समय गर्दन झुकाए रहते हैं, इससे शरीर का वजन और गुरुत्वाकर्षण जोड़ों पर असमान रूप से दबाव डालता है। यह अतिरिक्त दबाव घुटनों, कूल्हों और रीढ़ की हड्डी के कार्टिलेज को समय से पहले प्रभावित करने लगता है, जिससे ऑस्टियोआर्थराइटिस जैसी समस्याएं शुरू हो सकती हैं।
इस तरह की आदतों में बदलाव के साथ आपको आहार में कुछ जरूरी पोषक तत्व वाली चीजों को भी शामिल कर लेना चाहिए।
कैल्शियम सबसे जरूरी
कैल्शियम हड्डियों का सबसे जरूरी पोषक तत्व है। इसकी कमी से हड्डियां कमजोर होती हैं और जोड़ों में दर्द बढ़ने लगता है। भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) की रिपोर्ट के अनुसार, 30 वर्ष की उम्र के बाद शरीर में कैल्शियम का अवशोषण 20% तक घट जाता है। ऐसे में अगर आहार में ये पोषक तत्व नहीं है तो हड्डियों की समस्या और तेजी से बढ़ने लग सकती है।
इससे बचाव के लिए डाइट में दूध, दही, पनीर, बादाम और हरी सब्जियों को जरूर शामिल करें। इसके अलावा कुछ समय धूप में बिताएं इससे विटामिन-डी प्राप्त होता है जो कैल्शियम के अवशोषण में मदद करता है।
ओमेगा-3 फैटी एसिड वाली चीजें
कैल्शियम की तरह ओमेगा-3 भी हड्डियों की सेहत के लिए जरूरी है। इसमें मौजूद एंटी-इन्फ्लेमेटरी गुण जोड़ों की सूजन और दर्द को कम करने में मदद करते हैं। जर्नल ऑफ रुमेटोलॉजी में प्रकाशित रिपोर्ट के अनुसार, नियमित ओमेगा-3 सेवन करने वालों में जोड़ों की सूजन 30% तक कम पाई गई।
फिश ऑयल, अखरोट, अलसी के बीज और चिया सीड्स से इस पोषक तत्व की कमी को पूरा कर सकते हैं।
विटामिन-डी भी जरूरी
विटामिन-डी हड्डियों में कैल्शियम को जमा करने में मदद करता है और मांसपेशियों को मजबूत बनाता है। हालांकि डब्ल्यूएचओ की रिपोर्ट के अनुसार, भारत में 70% से अधिक लोगों में विटामिन डी की कमी पाई जाती है, जो आर्थराइटिस के मामलों को बढ़ाती है। लोगों को अधिकतर समय ऑफिस में बीत जाता है जिससे सूर्य की रोशनी से संपर्क कम होता है और विटामिन डी की कमी बढ़ सकती है। सुबह की धूप, अंडे की जर्दी, मशरूम और फोर्टिफाइड दूध से इस पोषक तत्व को प्राप्त कर सकते हैं।
आहार में है जिंक की मात्रा?
मेडिकल रिपोर्ट्स बताती हैं कि जिंक की कमी वाले लोगों में आर्थराइटिस के लक्षण अधिक गंभीर होते हैं। जिंक वाली चीजें भी हड्डियों को स्वस्थ रखने में मदद करती हैं। जिंक शरीर में सूजन को नियंत्रित करता है और जोड़ों के ऊतकों की मरम्मत में मदद करता है। इसके लिए भोजन में मूंग दाल, कद्दू के बीज, काजू और साबुत अनाज को शामिल किया जा सकता है।
-------------
नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।
अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
