कैंसर दुनियाभर में तेजी से बढ़ती गंभीर और जानलेवा बीमारियों में से एक है, इससे हर साल लाखों लोगों की मौत हो जाती है। पुरुष हों या महिला, बच्चे हों या बुजुर्ग सभी इस गंभीर समस्या की गिरफ्त में देखे जा रहे हैं। जब भी कैंसर की बात होती है, तो सबसे पहले हमारे मन में फेफड़े, स्तन, मुंह या पेट के कैंसर का ख्याल आता है। पुरुषों में लंग्स और मुंह के कैंसर जबकि महिलाओं में स्तन और सर्वाइकल कैंसर के मामले सबसे ज्यादा रिपोर्ट किए जाते रहे हैं।
Kidney Cancer: क्या किडनी में भी होता है कैंसर, कौन से लक्षण हैं तो हो जाना चाहिए अलर्ट? जानिए सबकुछ
किडनी का मुख्य काम शरीर से अपशिष्ट पदार्थों को छानकर बाहर निकालना, तरल संतुलन बनाए रखना और कई महत्वपूर्ण हार्मोन के निर्माण में भूमिका निभाना है। क्या शरीर के इस छोटे लेकिन अति महत्वपूर्ण अंग में भी कैंसर हो सकता है?
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किडनी में कैंसर होने का खतरा
किडनी कैंसर का जल्दी पता लगाने, इसके जोखिम के कारणों और मरीजों की मदद के बारे में दुनियाभर में जागरूकता बढ़ाने के लिए हर साल जून के तीसरे गुरुवार को 'वर्ल्ड किडनी कैंसर डे' मनाया जाता है। इसका मुख्य मकसद लोगों का ध्यान इस बीमारी के 'साइलेंट' स्वभाव की ओर खींचना और समय पर हेल्थ स्क्रीनिंग को बढ़ावा देना है।
- डॉक्टर कहते हैं, किडनी कैंसर का मतलब है किडनी में कोशिकाओं का असामान्य रूप से बढ़ना।
- यह ज्यादातर उन छोटी नलियों में शुरू होता है जो खून को फिल्टर करती हैं (इसे रीनल सेल कार्सिनोमा कहते हैं)।
- शुरुआती स्टेज में इसके अक्सर कोई लक्षण नहीं दिखते, लेकिन बाद में पेशाब में खून आने, पीठ या कमर के हिस्से में लगातार दर्द और बिना किसी वजह के वजन कम होने की समस्या देखी जाती रही है।
क्यों बढ़ रही है ये बीमारी?
मेडिकल रिपोर्ट्स में किडनी के कैंसर का सटीक कारण स्पष्ट नहीं है, हालांकि माना जाता है कि जीन में म्यूटेशन की वजह से किडनी की कोशिकाएं बेकाबू होकर बढ़ने और विभाजित होने लगती हैं। जीवनशैली, पर्यावरण और जेनेटिक जोखिम के कई कारक इस म्यूटेशन को बढ़ावा देते हैं।
- धूम्रपान, मोटापा, लंबे समय तक हाई ब्लड प्रेशर, कुछ आनुवंशिक स्थितियां और बढ़ती उम्र कैंसर का खतरा बढ़ाने वाले हो सकते हैं।
किडनी में कैंसर की क्या पहचान है?
स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, किडनी कैंसर के संभावित लक्षणों में पेशाब में खून आना सबसे आम है।
- इसके अलावा कई मरीजों को कमर के एक तरफ लगातार दर्द, पेट में गांठ महसूस होने या बिना वजह वजन घटने की समस्या हो सकती है।
- मरीजों में थकान और बुखार के भी लक्षण देखे जाते रहे हैं।
कैसे कम करें इसका खतरा?
स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, अच्छी बात यह है कि यदि बीमारी का पता शुरुआती चरण में चल जाए, तो यहां से इलाज आसान हो जाता है और जान बचने की संभावना भी बढ़ जाती है।
- यह बीमारी किसी को भी हो सकती है। इसलिए कम उम्र से ही बचाव के उपायों को लेकर सावधानी बरतते रहना जरूरी है।
- किडनी कैंसर को पूरी तरह रोकने का कोई निश्चित तरीका नहीं है, लेकिन धूम्रपान से बचना, वजन और ब्लड प्रेशर कंट्रोल रखना, संतुलित आहार अपनाना जोखिम कम करने में मदद कर सकते हैं।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस के आधार पर तैयार किया गया है।
अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।