क्या आप अपनी किडनी का ठीक तरीके से ख्याल रखते हैं? कहीं आपकी किडनी भी तो खतरे में नहीं है? ये सवाल इसलिए महत्वपूर्ण हो जाते हैं क्योंकि दुनियाभर में किडनी से संबंधित बीमारियों के मामले काफी तेजी से बढ़ते जा रहे हैं। बच्चों से लेकर बुजुर्ग तक सभी में किडनी से संबंधित समस्याएं तेजी से बढ़ती जा रही हैं।
World Kidney Day 2026: किडनी की खतरनाक बीमारियों से बचने के लिए कौन सा डाइट प्लान है बेस्ट? चल गया पता
असंतुलित डाइट, ज्यादा नमक, प्रोसेस्ड फूड और रेड मीट का अधिक सेवन किडनी पर अतिरिक्त दबाव डालता है। EAT-Lancet डाइट को किडनी के लिए बहुत फायदेमंद माना जाता है। आइए इस डाइट प्लान के बारे में जान लेते हैं।
किडनी के लिए EAT-Lancet डाइट
अध्ययनों से पता चलता है कि असंतुलित डाइट, ज्यादा नमक, प्रोसेस्ड फूड और रेड मीट का अधिक सेवन किडनी पर अतिरिक्त दबाव डालता है। जो लोग इस तरह की चीजें ज्यादा खाते हैं उनमें किडनी की बीमारियों का खतरा अधिक होता है।
किडनी को हेल्दी रखने के लिए शोधकर्ताओं ने EAT-Lancet डाइट को सबसे अच्छा बताया है। यह डाइट मुख्य रूप से प्लांट-बेस्ड फूड्स, साबुत अनाज, दालें, फल-सब्जियां और सीमित मात्रा में पशु-आधारित खाद्य पदार्थों पर आधारित होती हैं। इससे किडनी को हेल्दी रखा जा सकता है।
क्या है इस डाइट प्लान का कॉन्सेप्ट
शोध से पता चलता है कि EAT-Lancet डाइट का पालन करने से क्रोनिक किडनी डिजीज (सीकेडी) होने का जोखिम कम हो जाता है। जिन लोगों को पहले से ही सीकेडी है उनमें भी इससे विशेष लाभ देखे गए हैं।
- EAT-Lancet डाइट, मुख्यरूप से पौधों पर आधारित, फ्लेक्सिटेरियन डाइट है।
- इसमें हरी सब्जियां, फल, साबुत अनाज, फलियां, मेवे और अनसैचुरेटेड तेल का सेवन ज्यादा करने की सलाह दी जाती है।
- मछली, मुर्गी, अंडे और डेयरी उत्पादों का सेवन कम करना होता है।
- डाइट में रेड मीट, चीनी, रिफाइंड अनाज और सैचुरेटेड फैट वाली चीजों को न खाने की सलाह दी जाती है।
किडनी के लिए बहुत फायदेमंद है ये डाइट
खान-पान के इस तरीके को किडनी को हेल्दी रखने और सीकेडी के जोखिम को कम करने में मदद करने वाला पाया गया है।
- इसमें पौधों से भरपूर मात्रा में प्रोटीन लेने पर जोर दिया जाता है, ये जानवरों से मिलने वाले प्रोटीन की तुलना में ज्यादा फायदेमंद होता है।
- एंटीऑक्सीडेंट और एंटी-इंफ्लेमेटरी पोषक तत्वों की ज्यादा मात्रा किडनी के ऊतकों को नुकसान से बचाने और सूजन को कम करने में मदद करती है।
- यह डाइट सीकेडी के जोखिम कारकों, जैसे कि हाई ब्लड प्रेशर, डायबिटीज और मोटापे को नियंत्रित करने में मदद करती है।
- इस डाइट के माध्यम से भरपूर फाइबर लेने से पेट के माइक्रोबायोम में सुधार होता है, जिससे उन यूरैमिक टॉक्सिन का उत्पादन कम हो जाता है जो किडनी को नुकसान पहुंचाते हैं।
क्या कहते हैं विशेषज्ञ?
मेडिकल रिपोर्ट्स के अनुसार, अगर दुनियाभर में डाइट के इस पैटर्न को अपनाया जाए तो समय से पहले होने वाली लाखों मौतों को रोका जा सकता है। इस डाइट में संतुलित मात्रा में प्रोटीन, हेल्दी फैट और कार्बोहाइड्रेट शामिल होते हैं।
यह डाइट ब्लड प्रेशर और ब्लड शुगर को भी नियंत्रित रखने में मदद करती है। चूंकि डायबिटीज और हाई ब्लड प्रेशर सीकेडी के मुख्य कारण हैं, इसलिए इन कारकों को नियंत्रित करना किडनी को होने वाले जोखिमों से बचान में मदद करती है।
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स्रोत:
The EAT–Lancet planetary health diet and risk of incident chronic kidney disease
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