How To Prevent Kidney Stones Naturally: हर साल विश्व किडनी दिवस मार्च महीने के दूसरे गुरुवार को मनाया जाता है। इस साल 12 मार्च को मनाया जाएगा। इस दिन का उद्देश्य लोगों को किडनी से जुड़ें रोगों के प्रति लोगों के बीच जागरूकता फैलाना है। आंकड़ों के मुताबिक हर साल किडनी से जुड़ी समस्याओं के मरीजों संख्या धीरे-धीरे बढ़ती जा रही है। ऐसा होने के पीछे का सबसे बड़ा कारण है खराब जीवनशैली और असंतुलित खान-पान है। इसकी वजह से किडनी फेलियर और किडनी स्टोन के मरीज बढ़ते जा रहे हैं।
World Kidney Day: किडनी को हेल्दी रखने के लिए डॉक्टर ने बताया ये तीन उपाय, आज से ही दिनचर्या में करें शामिल
World Kidney Day 2026: हमारे देश में किडनी के मरीजों की संख्या हर गुजरते दिन के साथ बढ़ती जा रही है। इसलिए आइए इस लेख में वर्ल्ड किडनी डे के मौके पर डॉक्टर से जानते हैं कि किडनी का ख्याल कैसे रखना चाहिए।
हाइड्रेशन और नमक के सेवन का सही संतुलन
- डॉ. कुशवाहा के मुताबिक दिन भर में पर्याप्त पानी पीना किडनी के टॉक्सिन्स को साफ करने में मदद करता है, इसलिए पर्याप्त पानी पीएं।
- बता दें कि जरूरत से ज्यादा पानी का सेवन भी किडनी पर अधिक दबाव डालता है, इसलिए दिनभर 2.5-3 लीटर पानी पीना चाहिए।
- इसके साथ ही उन्होंने ये भी बताया कि नमक का सेवन सीमित मात्रा में करना चाहिए।
- असल में जरूरत से ज्यादा नमक का सेवन करना किडनी के लिए 'धीमे जहर' जैसा होता है, इसलिए दैनिक आहार में 5 ग्राम नमक का सेवन करना चाहिए।
ये भी पढ़ें- Bone Cyst: क्या होता है बोन सिस्ट, क्यों किशोरावस्था में ही होती है ये गंभीर बीमारी?
खुद से पेनकिलर लेने से बचें
- डॉ. कुशवाहा ने एक गंभीर चेतावनी देते हुए कहा कि सिरदर्द या बदन दर्द में अक्सर लोग धड़ल्ले से पेनकिलर्स लेते हैं जो किडनी डैमेज का एक बड़ा कारण है।
- इन दवाओं के नियमित सेवन से किडनी में ब्लड का फ्लो कम हो जाता है, जिससे 'एक्यूट किडनी इंजरी' का खतरा बढ़ जाता है।
- कोई भी दवा लेने से पहले डॉक्टर की सलाह लें और कोई भी समस्या होने पर लंबे समय तक खुद से उपचार करने से बचें।
ये भी पढ़ें- Health Tips: बार-बार पड़ जाते हैं बीमार? आयुर्वेद की अमृत बेल आपके लिए हो सकती है बड़े काम की
- किडनी को सुरक्षित रखने का तीसरा सबसे प्रभावी तरीका है अपने ब्लड शुगर और ब्लड प्रेशर के लेवल को नियंत्रित रखना।
- डॉ. रवि कुशवाहा के मुताबिक हर 12 महीने में एक बार KFT (किडनी फंक्शन टेस्ट) और यूरिन टेस्ट जरूर कराएं, खासकर अगर आप शुगर या बीपी के मरीज हैं।
- नियमित व्यायाम और वजन पर नियंत्रण रखने से किडनी पर पड़ने वाला मेटाबॉलिक बोझ कम होता है, जिससे वह बेहतर तरीके से कार्य कर पाती है।
डॉक्टर का विशेष सुझाव
विश्व किडनी दिवस पर डॉ. रवि कुशवाहा ने स्पष्ट कहा कि उपचार से बेहतर बचाव है। किडनी की बीमारियां अक्सर 'साइलेंट किलर' होती हैं, इसलिए प्यास लगने का इंतजार न करें, पर्याप्त पानी पीएं और अपने शरीर के संकेतों को समझें। स्वस्थ खान-पान, पर्याप्त नींद और तनाव मुक्त जीवनशैली अपनाकर आप अपनी किडनी को दशकों तक सुरक्षित रख सकते हैं।
नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।
अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
कमेंट
कमेंट X