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World No-Tobacco Day: आने वाली पीढ़ियों को तंबाकू के दुष्प्रभावों से बचाने के लिए फ्रांस सरकार का बड़ा फैसला

हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: अभिलाष श्रीवास्तव Updated Sat, 31 May 2025 07:45 PM IST
सार

World No-Tobacco Day: फ्रांस की स्वास्थ्य एवं परिवार मंत्री कैथरीन वौट्रिन ने घोषणा की है कि देश में सार्वजनिक स्थानों पर धूम्रपान पर प्रतिबंध लगाया जाएगा। यह नया कानून जुलाई 2025 से लागू होगा और इसका उद्देश्य भावी पीढ़ियों को तंबाकू के दुष्प्रभावों से बचाना है। 
 

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World No-Tobacco Day French government announced smoking ban in public places
धूम्रपान से होने वाली समस्याएं - फोटो : freepik.com

World No-Tobacco Day: हमारी जिन आदतों को सेहत के लिए सबसे खतरनाक और जानलेवा माना जाता है, धूम्रपान उनमें से एक है। स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, तंबाकू का किसी भी रूप में इस्तेमाल सेहत के लिए जहर जैसा खतरनाक है। चाहे आप गुटखा के रूप में इसे चबाते हैं या सिगरेट के रूप में धूम्रपान, सभी से आपके शरीर को नुकसान हो रहा है।



सिर्फ एक सिगरेट क्या बिगाड़ सकती है? ये सवाल अक्सर लोगों के मन में आता है, लेकिन इसका जवाब है- आपकी पूरी जिंदगी। तंबाकू का सेवन और धूम्रपान न केवल आपको कैंसर जैसी जानलेवा बीमारियों के करीब ले जाते हैं, बल्कि यह आपके शरीर के लगभग हर अंग को नुकसान पहुंचाते हैं। 

तंबाकू के कारण सेहत को होने वाले नुकसान, बीमारियों के बढ़ते खतरे के बारे में लोगों को जागरूक करने और तंबाकू छोड़ने को लेकर लोगों को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से हर साल 31 मई को विश्व तंबाकू निषेध दिवस मनाया जाता है। 

तंबाकू से होने वाले नुकसान से लोगों के बचाने के लिए फ्रांस सरकार ने जो फैसला लिया है वह काफी चर्चा में बना हुआ है।


(ये भी पढ़िए- भारत में ओरल कैंसर के 90% मामले तंबाकू के कारण, आज ही छोड़ दें तो भी हो सकता है बचाव)

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तंबाकू-धूम्रपान - फोटो : Freepik.com

फ्रांस सरकार का बड़ा फैसला

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक स्वास्थ्य को होने वाले गंभीर जोखिमों को देखते हुए फ्रांस सरकार ने बड़ा कदम उठाया है।

फ्रांस की स्वास्थ्य एवं परिवार मंत्री कैथरीन वौट्रिन ने घोषणा की है कि देश में सार्वजनिक स्थानों पर धूम्रपान पर प्रतिबंध लगाया जाएगा। यह नया कानून जुलाई 2025 से लागू होगा और इसका उद्देश्य भावी पीढ़ियों को तंबाकू के दुष्प्रभावों से बचाना है। 

स्वास्थ्य मंत्री ने इसी हफ्ते एक साक्षात्कार में कहा कि अब बस स्टॉप, पार्क, समुद्र तटों, रेस्तरां और स्कूलों के आसपास जैसे भीड़-भाड़ वाले सार्वजनिक स्थानों पर धूम्रपान प्रतिबंधित होगा। यह निर्णय बच्चों और युवाओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए लिया गया है।

मंत्री ने स्पष्ट किया कि जहां भी बच्चे मौजूद हों, वहां सिगरेट पीना पूरी तरह से प्रतिबंधित रहेगा। नियम का उल्लंघन करने वालों पर 35 यूरो (करीब ₹3,200) का जुर्माना लगाया जाएगा। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि कैफे टेरेस और इलेक्ट्रॉनिक सिगरेट को फिलहाल इस प्रतिबंध से छूट दी गई है।

स्वास्थ्य मंत्री का यह भी कहना है कि ये फैसला सिर्फ कानून लागू करने का प्रयास नहीं है, बल्कि समाज में तंबाकू के प्रति नजरिया बदलने का भी प्रयास है।

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धूम्रपान के कारण होने वाली समस्याएं - फोटो : Freepik.com

हर साल लाखों लोगों की हो जाती है मौत

गौरतलब है कि दुनियाभर में हर साल 8 मिलियन (80 लाख) से ज्यादा लोग तंबाकू के कारण होने वाली बीमारियों से मारे जाते हैं, जिससे यह रोके जा सकने वाली मौतों का सबसे बड़ा कारण बन गया है। लगभग 70 लाख मौतें सीधे तौर पर तंबाकू के सेवन के कारण होती हैं, जबकि 10 लाख के करीब मौतें सेकेंड हैंड धुएं के संपर्क में आने के कारण होती हैं।

स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, तंबाकू में पाया जाने वाला निकोटिन अत्यधिक नशे की लत लगाने वाला रसायन है, जो मस्तिष्क के रिवार्ड सिस्टम को प्रभावित करता है। इससे व्यक्ति बार-बार सेवन करने के लिए मजबूर होता है। लेकिन हर बार सेवन के साथ, शरीर में हानिकारक टार, कार्बन मोनोऑक्साइड, और सैकड़ों कैंसरकारक रसायनों की मात्रा बढ़ती जाती है जिसके जानलेवा दुष्प्रभाव हो सकते हैं। 

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कैंसर का बढ़ता जोखिम - फोटो : Adobe stock photos

करीब 12 प्रकार के कैंसर का खतरा

अध्ययनों से पता चलता है कि तंबाकू, विशेषकर धूम्रपान कम से कम 12 अलग-अलग प्रकार के कैंसर को बढ़ाने वाला हो सकता है। इनमें फेफड़े, वोकलकार्ड, मुंह और ग्रासनली, अग्न्याशय, मूत्राशय, पेट, आंत और मलाशय, लिवर, सर्वाइकल, किडनी और एक्यूट माइलॉयड ल्यूकेमिया कैंसर शामिल हैं। रोग नियंत्रण और रोकथाम केंद्र (सीडीसी) का कहना है कि धूम्रपान छोड़ने से इन कैंसर के होने का जोखिम काफी कम हो सकता है। 


स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, फ्रांस सरकार द्वारा लिए गए निर्णय से अन्य देशों को भी सीख लेने की आवश्यकता है और तंबाकू के सेवन बंद करने को लेकर लोगों को जागरूक करना जरूरी है।



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नोट: यह लेख डॉक्टर्स का सलाह और मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है। 

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।

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