कोरोना संक्रमण की बढ़ती रफ्तार और देश में लगातार बढ़ती जा रही मरीजों का संख्या ने स्वास्थ्य व्यवस्था को झकझोर कर रख दिया है। कहीं अस्पतालों में बेड नहीं हैं तो कहीं जरूरत पड़ने पर ऑक्सीजन की अनुपलब्धता। कोरोना की इस दूसरी लहर में रोगियों में ऑक्सीजन की कमी के मामले ज्यादा देखने को मिल रहे हैं, यही कारण है कि कोविड की पुष्टि होते ही लोग ऑक्सीजन सिलेंडरों की जुगत में लग जा रहे हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि घर पर मेडिकल ऑक्सीजन का गलत और अनियंत्रित इस्तेमाल न सिर्फ खतरे को बढ़ा सकता है साथ ही इस वजह से कई लोगों की जान भी जा रही है।
सावधान: घर पर ऑक्सीजन उपकरणों के गलत इस्तेमाल से जा सकती है जान, भूलकर भी न करें ऐसी लापरवाही
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अमर उजाला से बातचीत के दौरान दिल्ली एम्स की डॉ शिवालक्ष्मी बताती हैं कि होम आइसोलेशन में इलाज करा रहे मरीजों को ऑक्सीजन की अनियंत्रित डोज के गंभीर नुकसान हो सकते हैं। इतना ही नहीं ऑक्सीजन की ज्यादा डोज के कारण कई मरीजों की हालत सुधरने की बजाय बिगड़ती हुई भी देखी गई है। लोगों को ऑक्सीजन सिलेंडरों का सही ढंग से इस्तेमाल करना नहीं आता है जिसके चलते वह सही मात्रा का अंदाजा नहीं लगा पाते हैं।
डॉक्टरों का कहना है कि कई मामलों में ऐसा देखने को मिला है कि लोगों ने बिना किसी अनुभवी स्टाफ के घर पर ही मेडिकल ऑक्सीजन देने की गलती की। रोगियों को लगातार ऑक्सीजन का ज्यादा डोज मिलता रहा जिसके कारण उनके फेफड़ों में पहले से ज्यादा दिक्कतें आ गईं। शुरुआत के कुछ घंटे तो फेफड़ों ने अच्छा काम किया लेकिन बाद में संक्रमण बढ़ने के कारण धीरे-धीरे वह ब्लॉक होने लगे।
एम्स की डॉ शिवालक्ष्मी बताती हैं कि शरीर में यदि ब्लड ऑक्सीजन का स्तर 94-99 के बीच है तो इसे बेहतर माना जाता है। वहीं जब रोगी के ऑक्सीजन का स्तर (SpO2) 93 से कम हो जाए तो उसे मेडिकल ऑक्सीजन की जरूरत होती है। डॉ शिवालक्ष्मी कहती हैं कि देखने को मिल रहा है कि लोग सुरक्षा की दृष्टि से संसाधनों की अंधाधुंध जमाखोरी कर रहे हैं जोकि सही नहीं है। बिना प्रशिक्षित स्टाफ की निगरानी में मेडिकल ऑक्सीजन का प्रयोग करना खतरनाक हो सकता है।
डॉक्टरों से सलाह ले लें
आपके पास ऑक्सीजन सिलेंडर है इसका मतलब यह नहीं है कि आप सुरक्षित हैं, इन उपकरणों के इस्तेमाल से पहले डॉक्टर या विशेषज्ञों से सलाह लेना जरूरी होता है। जिन लोगों का सेचुरेशन कम हो रहा होता है उनमें से कुछ को कम मात्रा में जबकि कुछ को पूरे दिन ऑक्सीजन की जरूरत हो सकती है। इसे जानने के लिए आपको किसी डॉक्टर से सलाह जरूर लेना चाहिए।