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सावधान: घर पर ऑक्सीजन उपकरणों के गलत इस्तेमाल से जा सकती है जान, भूलकर भी न करें ऐसी लापरवाही

Thu, 13 May 2021 04:51 PM IST
Abhilash Srivastava हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Abhilash Srivastava Updated Thu, 13 May 2021 04:51 PM IST
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Wrong use of medical oxygen at home could be life threatening
घर पर मेडिकल ऑक्सीजन के इस्तेमाल के दौरान न बरतें लापरवाही - फोटो : iStock

कोरोना संक्रमण की बढ़ती रफ्तार और देश में लगातार बढ़ती जा रही मरीजों का संख्या ने स्वास्थ्य व्यवस्था को झकझोर कर रख दिया है। कहीं अस्पतालों में बेड नहीं हैं तो कहीं जरूरत पड़ने पर ऑक्सीजन की अनुपलब्धता। कोरोना की इस दूसरी लहर में रोगियों में ऑक्सीजन की कमी के मामले ज्यादा देखने को मिल रहे हैं, यही कारण है कि कोविड की पुष्टि होते ही लोग ऑक्सीजन सिलेंडरों की जुगत में लग जा रहे हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि घर पर मेडिकल ऑक्सीजन का गलत और अनियंत्रित इस्तेमाल न सिर्फ खतरे को बढ़ा सकता है साथ ही इस वजह से कई लोगों की जान भी जा रही है।


डॉक्टर कहते हैं कि कोविड के जो रोगी होम आइसोलेशन में हैं, उनके लिए बिना डॉक्टरी सलाह के ऑक्सीजन सिलेंडर प्राप्त करने की होड़ नहीं मचानी चाहिए।

Wrong use of medical oxygen at home could be life threatening
ऑक्सीजन की अनियंत्रित डोज से फेफड़ों को हो रहा है नुकसान - फोटो : Pixabay
रोगियों के फेफड़ों को हो रहे हैं गंभीर नुकसान
अमर उजाला से बातचीत के दौरान दिल्ली एम्स की डॉ शिवालक्ष्मी बताती हैं कि होम आइसोलेशन में इलाज करा रहे मरीजों को ऑक्सीजन की अनियंत्रित डोज के गंभीर नुकसान हो सकते हैं। इतना ही नहीं ऑक्सीजन की ज्यादा डोज के कारण कई मरीजों की हालत सुधरने की बजाय बिगड़ती हुई भी देखी गई है। लोगों को ऑक्सीजन सिलेंडरों का सही ढंग से इस्तेमाल करना नहीं आता है जिसके चलते वह सही मात्रा का अंदाजा नहीं लगा पाते हैं।
Wrong use of medical oxygen at home could be life threatening
ब्लॉक हो सकते हैं फेफड़े - फोटो : Social media

डॉक्टरों का कहना है कि कई मामलों में ऐसा देखने को मिला है कि लोगों ने बिना किसी अनुभवी स्टाफ के घर पर ही मेडिकल ऑक्सीजन देने की गलती की। रोगियों को लगातार ऑक्सीजन का ज्यादा डोज मिलता रहा जिसके कारण उनके फेफड़ों में पहले से ज्यादा दिक्कतें आ गईं। शुरुआत के कुछ घंटे तो फेफड़ों ने अच्छा काम किया लेकिन बाद में संक्रमण बढ़ने के कारण धीरे-धीरे वह ब्लॉक होने लगे।

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मेडिकल ऑक्सीजन की जरूरतों को समझें - फोटो : istock
कब होती है मेडिकल ऑक्सीजन की जरूरत?
एम्स की डॉ शिवालक्ष्मी बताती हैं कि शरीर में यदि ब्लड ऑक्सीजन का स्तर 94-99 के बीच है तो इसे बेहतर माना जाता है। वहीं जब रोगी के ऑक्सीजन का स्तर (SpO2) 93 से कम हो जाए तो उसे मेडिकल ऑक्सीजन की जरूरत होती है। डॉ शिवालक्ष्मी कहती हैं कि देखने को मिल रहा है कि लोग सुरक्षा की दृष्टि से संसाधनों की अंधाधुंध जमाखोरी कर रहे हैं जोकि सही नहीं है। बिना प्रशिक्षित स्टाफ की निगरानी में मेडिकल ऑक्सीजन का प्रयोग करना खतरनाक हो सकता है।
 
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Wrong use of medical oxygen at home could be life threatening
पकरणों के इस्तेमाल से पहले डॉक्टर से सलाह लें - फोटो : Social media

डॉक्टरों से सलाह ले लें
आपके पास ऑक्सीजन सिलेंडर है इसका मतलब यह नहीं है कि आप सुरक्षित हैं, इन उपकरणों के इस्तेमाल से पहले डॉक्टर या विशेषज्ञों से सलाह लेना जरूरी होता है। जिन लोगों का सेचुरेशन कम हो रहा होता है उनमें से कुछ को कम मात्रा में जबकि कुछ को पूरे दिन ऑक्सीजन की जरूरत हो सकती है। इसे जानने के लिए आपको किसी डॉक्टर से सलाह जरूर लेना चाहिए।

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