हरतालिका तीज का व्रत सुहागिन महिलाएं जहां अपने पति की दीर्घायु की कामना के लिए करती हैं। तो वहीं कुंवारी लड़कियां मनचाहे पति की कामना के लिए इस व्रत को करती हैं। भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को हरतालिका तीज का व्रत किया जाता है। इस दिन माता पार्वती और भगवान शंकर की पूजा की जाती हैं। सभी व्रतों में हरतालिका तीज के व्रत को सबसे कठिन माना गया है। इस व्रत को करते समय कई सारी बातों का ध्यान रखना चाहिए। क्योंकि कई बार महिलाएं जाने-अनजाने में इन भूल को करती हैं और उनका व्रत सफल नहीं होता। तो चलिए जानें कौन सी हैं वो खास बातें। जिनको जरूर मानना चाहिए।
Hartalika Teej Fasting Rules: हरतालिका तीज के दिन महिलाओं को नहीं करने चाहिए ये काम
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व्रत कोई भी हो उसमे खुद पर संयम रखना बेहद जरूरी है। हरतालिका तीज के व्रत में यह नियम लागू होता है। तीज के व्रत को करने वाली महिलाओं को इस खास दिन पर क्रोध और रोष से दूर रहना चाहिए। कितना भी मन में क्रोध आ रहा हो लेकिन खुद पर संयम रखकर ही आप अपने व्रत को सफल बना सकती है। इसलिए हरतालिका तीज के दिन खुद पर पूरी तरह से संयम रखें।
हरतालिका तीज के व्रत को इसलिए भी कठिन माना जाता है। क्योंकि इस दिन महिलाएं पूरे दिन निर्जला और निराहार व्रत करने के बाद शाम को पूजा करती हैं। उसके साथ ही इस दिन व्रती महिलाओं को सोना नहीं चाहिए। बल्कि भगवान के भजन और पूजन में पूरी रात बितानी चाहिए। और भोर में व्रत का पारण करना चाहिए।
क्रोध पर संयम रखने के लिए इसलिए ही कहा जाता है। जिससे कि किसी भी तरह के अपशब्द मुंह से ना निकलें। तीज के व्रत में अपने से छोटों या बड़ों को अपशब्द नहीं बोलना चाहिए और ना ही दिल को ठेस पहंचाने वाली बात ही बोलनी चाहिए।
अगर आप हरतालिका तीज का व्रत कर रही हैं तो इस व्रत के दिन आपको दूध का सेवन नहीं करना चाहिए। पुराणों में बताया गया है कि इस दिन दूध पीने वाली महिला अगले जन्म में सर्प योनि में जन्म लेती है।