दफ्तर में लोग अक्सर महिला कर्मचारियों को खास तरह से बुलाते हैं। बॉस कई बार लड़कियों को हनी या बेबी कहकर बुलाते हैं। बरसों से औरतों और मर्दों को बराबरी देने की मुहिम चल रही है लेकिन इस तरह के संबोधन बराबरी के हक में दखलंदाजी माने जाते हैं।
महिलाओं को 'हनी' या 'बेबी' बुलाना कितना सही
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महिलाओं को 'हनी' या 'बेबी' बुलाना कितना सही
इस बारे में तमाम तरह के आंकड़े इकट्ठे किए गए हैं। मसलन, तमाम दफ्तरों में सालाना परफॉरमेंस रिव्यू में महिलाओं को अभी भी चलताऊ कमेंट ही मिलते हैं। जैसे कि, 'तुमने पूरे साल बहुत अच्छा काम किया।' या फिर उनके बातचीत के लहजे की तारीफ की जाएगी जिसका काम से बहुत ज्यादा ताल्लुक नहीं होता। महिलाओं के मुकाबले मर्दों को उनके काम का सीधा फीडबैक मिलता है। उनकी कुछ खास उपलब्धियों की, उनके काम की तारीफ होती है।
ई-मेल में तो महिलाओं और पुरुषों में और भी भेदभाव होता है। जबान और जेंडर का फर्क अलग-अलग करना बेहद मुश्किल है क्योंकि दोनों एक-दूसरे से पानी और शक्कर की तरह घुले हुए हैं। इसलिए कई बार खुलकर तो कई बार छुपे तौर पर, महिलाओं और पुरुषों के बीच भेदभाव वाली जबान इस्तेमाल होती है। फेसबुक के कर्मचारी डेब लियू काफी दिनों से अंग्रेजी के ऐसे शब्द और वाक्य जमा कर रहे हैं जो आम बोलचाल में इस्तेमाल होते हैं जो शब्द औरतों और मर्दों में फर्क करते हैं। वो मिसाल के तौर पर जेंटलमैंस अग्रीमेंट (Gentleman's agreement) का जिक्र करते हैं। बरसों पहले ये जुमला दो लोगों के बीच करार को जाहिर करता था।
महिलाओं को 'हनी' या 'बेबी' बुलाना कितना सही
आज जब सबको बराबरी की बात हो रही है तो सिर्फ जेंटलमैंस अग्रीमेंट ही क्यों? जेंटलवीमेंस अग्रीमेंट (gentlewomen's agreement) क्यों नहीं? या फिर ऐसा कोई जुमला जिसमें न मेन हो न वीमेन। बीसवीं सदी की शुरुआत में ऐसे बहुत से जुमले इस्तेमाल होते थे जैसे मैन ऑन मैन डिफेंस, क्वार्टरबैक।
इसी तरह चालीस के दशक में विंगमैन, स्ट्रॉमैन, मिडलमैन, राइटहैंड मैन और पोस्टर ब्वॉय जैसे शब्द खूब चलन में थे। ये सब महिलाओं को नीचे दर्जे का प्राणी दिखाते हैं। वहीं महिलाओं के लिए जो शब्द चलन में थे वो उनके किरदार को खराब तरीके से पेश करने वाले थे। जैसे prima donna, drama queen, mean girl, Debbie Downer or Negative Nancy. अब कौन महिला इन नामों से बुलाया जाना पसंद करेगी?
महिलाओं को 'हनी' या 'बेबी' बुलाना कितना सही
अंग्रेजी में बहुत से ऐसे लफ्ज भी हैं जो खुलकर Men या Momen का जिक्र नहीं करते मगर इनसे भी लिंगभेद जाहिर होता है। अमरीका के क्लेमैन इंस्टीट्यूट ऑफ जेंडर रिसर्च ने ऐसे बहुत से जुमलों को जमा किया है। रिसर्च के मुताबिक दफ्तरों में चाहे वो काम का हिसाब हो या आम बातचीत, औरतों और मर्दों के बीच कई बार खुलकर और कई बार दबे-ढंके लहजे में भेदभाव होता है। महिलाओं के लिए अक्सर हमदर्दी रखने, सहयोग करने वाली और गर्मजोशी जैसे शब्दों का इस्तेमाल होता है। इनके मुकाबले मर्दों के लिए कहा जाता है कि वो चीजें अपने हाथ में ले लेता है, खुलकर काम करता है, अपने टारगेट पूरे करता है। ये लिंगभेद ही है जिसे हम नहीं समझ पाते।
अंग्रेजी में बहुत से ऐसे लफ्ज हैं जो प्याज़ की तरह परत-दर-परत अलग-अलग मायने वाले होते हैं, मसलन Guy को ही लीजिए। अगर एकवचन है तो ये सिर्फ किसी आदमी के लिए होगा Guys है तो ये कई लोगों के लिए इस्तेमाल होगा। इनमें औरतें और मर्द दोनों ही हो सकते हैं।
महिलाओं को 'हनी' या 'बेबी' बुलाना कितना सही
जैसे किसी स्टार्ट-अप कंपनी के लिए कहा जाता है कि Two Guys in a garage. अब जरूरी नहीं कि वो दो लोग सिर्फ पुरुष ही हों, दो महिलाएं या फिर एक महिला और एक पुरुष भी हो सकते हैं। तो क्या हमें Guys शब्द इस्तेमाल करना चाहिए क्योंकि इससे तो लिंगभेद की बू आती है। शायद इसलिए पूर्व अमरीकी राष्ट्रपति बराक ओबामा जब लोगों को संबोधित करते थे तो Guys के बजाय Folks कहते थे जो शायद बेहतर विकल्प है।
आज पहले के मुकाबले हम वो शब्द ज्यादा इस्तेमाल कर रहे हैं जो औरतों और मर्दों में भेद नहीं करते। पहले के जमाने में तो महिलाओं को हर काम के लिए अलग शब्द दिया जाता था। अंग्रेजी में तो ऐसे शब्दों की भरमार थी। जैसे- Hostess, Stewardess, Waitress.