बीबीसी की एक पड़ताल में पता चला है कि तलाकशुदा मुस्लिम महिलाओं को इस्लामिक विवाह 'हलाला' का हिस्सा बनाने के लिए कई ऑनलाइन सेवाएं उनसे हजारों पाउंड की कीमत वसूल रही हैं। इन मुस्लिम महिलाओं को हलाला का हिस्सा बनने के लिए पहले पैसे देकर एक अजनबी से शादी करनी होती है, उसके साथ सेक्स करना होता है, फिर उस अजनबी को तलाक देना होता है ताकि वे अपने पहले पति के पास लौट सकें।
औरतें जो तलाकशुदा पति को वापस पाने के लिए पैसे देकर अजनबी के साथ सो रही हैं
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फराह बताती हैं, 'मैं घर में अपने बच्चों के साथ थी और वो काम पर थे। एक गर्मागर्म बहस के दौरान उन्होंने मुझे एक टेक्स्ट मैसेज भेजा- तलाक, तलाक, तलाक।' यह तीन तलाक है जिसमें पति अपनी पत्नी को तीन बार तलाक कहता है। मुस्लिमों के बीच यह प्रचलन में है और ऐसा कहने से इस्लामिक विवाह खत्म हो जाता है। ज्यादातर मुस्लिम देशों में तीन तलाक पर प्रतिबंध है, लेकिन यह फिर भी हो रहा है। हालांकि ब्रिटेन में यह जानना असंभव है कि कितनी महिलाओं को तीन तलाक का सामना करना पड़ा।
फराह ने कहा, 'मेरा फोन मेरे पास था। मैंने उस मैसेज को अपने पिता के पास भेजा। उन्होंने कहा कि तुम्हारी शादी अब खत्म हो गई। तुम अब उनके साथ नहीं रह सकती हो।' फराह का कहना है कि वह बुरी तरह से घबरा गई थीं, लेकिन वह अपने पूर्व पति के पास लौटना चाहती थीं। फराह का कहना है कि वह उनके जीवन का प्यार था। फराह ने कहा कि उनके पूर्व पति को भी इस तलाक के लिए खेद था। अपने पूर्व पति को पाने के लिए फराह विवादित चलन हलाला का हिस्सा बनना चाहती थी। तीन तलाक से पीड़ित महिलाओं के छोटे तबके में हलाला को स्वीकार किया जा रहा है।
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जोखिम भरा है हलाला
मुस्लिमों के एक बड़े वर्ग का मानना है कि हलाला एकमात्र उपाय है जिसके सहारे तलाकशुदा जिंदगी खत्म हो सकती है और विवाह को फिर से बहाल किया जा सकता है लेकिन कई मामलों में जो महिलाएं हलाला चाहती हैं, उनके लिए यह जोखिम भरा रहता है। आर्थिक रूप से इनका दोहन किया जाता है, ब्लैकमेल किया जाता है और यहां तक की यौन प्रताड़ना का भी सामना करना पड़ता है।
मुस्लिमों का बड़ा तबका इस चलन के सख्त खिलाफ है। इनका कहना है कि इस्लाम में तलाक से जुड़े नियमों की व्यक्तिगत रूप से गलत व्याख्या की जा रही है लेकिन बीबीसी की पड़ताल में पता चला है कि कई ऑनलाइन सर्विस के जरिए हलाला को अंजाम दिया जा रहा है। कई मामलों में तो महिलाओं से हजारों पाउंड की कीमत वसूली जा रही है।
फेसबुक पर एक आदमी ने हलाला सर्विस का विज्ञापन किया था। इस व्यक्ति ने एक अंडरकवर बीबीसी संवाददाता से कहा कि इसमें एक तलाकशुदा मुस्लिम महिला को सवा दो लाख रुपए (£2,500) का भुगतान करना होता है। इसके साथ ही शादी पूरी करने के लिए उसके साथ सेक्स करना होता है और उसी वक्त फिर उसे तलाक देना होता है। उस आदमी ने कहा कि उनके साथ और कई लोग काम कर रहे हैं।
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उन्होंने कहा कि वे हलाला विवाह में कभी शामिल नहीं रहे। उनका कहना था कि उन्होंने फेसबुक अकाउंट महज सामाजिक रूप से एक प्रयोग के लिए बनाया था।
क्या किया फराह ने
फराह हताशा के कारण अपने पति से जुड़ना चाहती थीं। फराह ने हलाला को अंजाम देने वाले लोगों की तलाश शुरू की। फराह ने कहा, 'मैं जानती थी कि जो लड़कियां परिवार से पीछे छूट गई थीं, उन्होंने वापसी के लिए ऐसा किया। वे मस्जिद गईं, वहां पर एक खास कमरा होता है जिसे बंद कर दिया जाता है।
यहां इमाम या कोई और इसे अंजाम देता है। वह महिला के साथ सोता है और वह अन्य लोगों को भी उस महिला के साथ सोने की इजाजत देता है।' लेकिन पूर्वी लंदन में इस्लामिक शरिया काउंसिल तालकशुदा महिलाओं को लेकर नियमित रूप से काम कर रहा है। काउंसिल हलाला विवाह की कड़ी निंदा कर रहा है।
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इस संगठन की खोला हसन ने कहा, 'यह ढकोसलापूर्ण शादी है। यह पैसा बनाने का जरिया है और मजबूर महिलाओं का शोषण है।' उन्होंने आगे कहा, 'यह पूरी तरह से हराम है। इसके लिए इससे कड़े शब्द का इस्तेमाल नहीं किया जा सकता। इसका दूसरा उपाय मदद और काउंसलिंग है।
हम लोग ऐसा करने के लिए किसी को अनुमति नहीं देंगे। चाहे जो भी हो लेकिन आपको हलाला की शरण में नहीं जाना चाहिए।' फराह ने आखिर में तय किया कि वो अपने पूर्व पति के साथ नहीं जाएंगी और न ही हलाला का रास्ता अपनाएंगीं। हालांकि फराह चेतावनी देती हैं कि उनके जैसी स्थिति में कई औरतें हैं और वो कुछ भी करने को तैयार हैं। वो कहती हैं, 'आप एक तलाकशुदा औरत की हालत नहीं समझ सकते। उस दर्द को एकाकीपन को नहीं समझ सकते।
कुछ औरतें जैसा महसूस करती हैं आपको अंदाजा भी नहीं होता।' फराहा अपनी बात खत्म करते हुए कहती हैं, 'अपने फैसले के बाद अब मैं बेहतर स्थिति में हूं और कह सकती हूं कि ऐसा करना गलत है और मैं कभी ऐसा नहीं करूंगी लेकिन शायद कुछ समय पहले मैं बहुत बेचैन थी कि किसी तरह मुझे फिर अपने पति के साथ रहने का मौका मिल जाए।'