रजनी अरोड़ा
Child Care: बच्चे को सेहतमंद और बीमारियों से रखना है दूर तो जीवनशैली में लाएं ये बदलाव
पौष्टिक और संतुलित आहार
बचपन से बच्चों को कलरफुल रेनबो डाइट दें। प्रत्येक मील में फाइबर, प्रोटीन और विटामिन-मिनरल से भरपूर चीजें शामिल करें। फल-सब्जियां, दालें, दूध और दूध से बने पदार्थ ज्यादा से ज्यादा आहार में दें और हाइड्रेशन का ध्यान रखें।
रिफाइंड चीजों से परहेज
डब्ल्यूएचओ के अनुसार, बच्चे को रोजाना 15-20 ग्राम या 3 चम्मच से अधिक चीनी देना नुकसानदायक है। टॉफी-चॉकलेट, कोल्ड ड्रिंक्स, शेक, जूस जैसी रिफाइंड चीनी से बनी चीजें और अल्ट्रा प्रोसेस्ड फूड से बच्चों को दूर रखें। इनमें मौजूद रिफाइंड कार्बोहाइड्रेट स्वास्थ्य को नुकसान पहुंचाते हैं।
जेब खर्च न दें
बच्चों में जेब खर्च देने की आदत न डालें या सीमित मात्रा में दें, ताकि वे दोस्तों के साथ स्कूल कैंटीन या बाहर अनहेल्दी चीजें न खाएं। कोशिश करें कि घर में बनी पौष्टिक चीजें या स्नैक्स उन्हें टिफिन में दें।
कुछ उपाय
बच्चों को बहुत समय तक बैठे न रहने दें। माता-पिता बच्चे की रुचि को परखें और दूसरी एक्टिविटी करने के लिए प्रोत्साहित करें। इससे बच्चा मोटापे और बीमारियों से बचेगा। बच्चे को आउटडोर फिजिकल एक्टिविटीज के लिए प्रोत्साहित करें। अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन के अनुसार, हर बच्चे को कम से कम 3-4 घंटे एक्टिव रहना जरूरी है। इससे दिल की कसरत होती है और बच्चा स्वस्थ रहता है। बच्चे को आप स्ट्रेस मैनेजमेंट तकनीक सिखाएं, ताकि वह भावनाओं को नियंत्रित करना सीखे। तभी वह हाइपर मूड वाला नहीं बनेगा। सर्कैडियन रिदम शरीर में होने वाले मानसिक, व्यवहारिक और शारीरिक परिवर्तनों को प्रभावित करता है, इसका ध्यान रखना भी आपका ही काम है। इस बात का विशेष ध्यान रखें कि डिनर के बाद बच्चा टीवी या गैजेट्स का इस्तेमाल न करे। अगर पैरेंट्स स्मोकिंग करते हैं तो इसको घर में न लाएं और बच्चे के सामने इसका सेवन न करें। इससे बच्चा पेसिव-स्मोकिंग की चपेट में नहीं आएगा और बीमारियों से बचेगा, साथ ही बड़ा होकर इसकी ओर आकर्षित नहीं होगा।