बच्चे अच्छी बुरी हर तरह की बात ज्यादातर घर से ही सीखते हैं। उनकी आदतें और व्यवहार आसपास के माहौल से भी प्रभावित होती हैं जैसे की दोस्त, पड़ोसी, रिश्तेदार और स्कूल। हालांकि घर का माहौल बच्चे के व्यवहार को आकर देने में बड़ी भूमिका निभाता है। अगर बच्चा अक्सर घर के बिगड़े माहौल, लड़ाई झगड़ा, तनाव जैसी स्थिति में रहेगा तो जाहिर सी बात है उस पर नकारात्मक प्रभाव पड़ेगा। दुनिया भर की परिस्थितियों को संभालते हुए माता-पिता बच्चों को समय देना भूल जाते हैं। अगर आप भी उन्ही माता पिता में से एक हैं तो जान लें कितनी बड़ी भूल कर रहे हैं आप।
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कहीं बच्चे के बढ़ते तनाव और गुस्से की वजह माता-पिता तो नहीं, ऐसे कर सकते हैं समस्या का समाधान
Fri, 28 Jun 2019 11:39 AM IST
पंखुड़ी सिंह
लाइफस्टाइल डेस्क
लाइफस्टाइल डेस्क
Published by: पंखुड़ी सिंह
Updated Fri, 28 Jun 2019 11:39 AM IST
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कई शोध में पाया गया है कि 11 से 15 साल के बच्चे ज्यादातर सामने हो रहीं चीजों से सीखते हैं। जिन बच्चों को मूलभूत सुविधाएं नहीं मिल पाती वे जरूरतों को पूरा करने के लिए गलत रास्ते अपना लेते हैं। वहीं, आजकल माता-पिता इतने व्यस्त हो गए हैं कि वे बच्चों पर ध्यान ही नहीं दे रहे हैं। यह बच्चों में गुस्से का सबसे बड़ा कारण है।
बच्चों में गुस्से के लक्षण
-खेलने के प्रति रुचि न होना
-दिनभर सुस्त और अकेले रहना
-किसी भी समारोह या स्कूल में मन न लगना
-दिनभर गुस्से में रहना और खानपान में लापरवाही
-खेलने के प्रति रुचि न होना
-दिनभर सुस्त और अकेले रहना
-किसी भी समारोह या स्कूल में मन न लगना
-दिनभर गुस्से में रहना और खानपान में लापरवाही
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बच्चों को ऐसे बचाएं
- बात बंद ना करें
- संगत का ध्यान दें
- आक्रामक कार्टून देखने से बचाएं
- बात बंद ना करें
- संगत का ध्यान दें
- आक्रामक कार्टून देखने से बचाएं
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- बच्चों के सामने हिंसा न करें
- विडियो गेम की जगह आउटडोर गेम खिलाएं
- टीचर्स बच्चों से अच्छे से संवाद करें
- समय-समय पर माता-पिता बच्चे की काउंसलिंग करें
- विडियो गेम की जगह आउटडोर गेम खिलाएं
- टीचर्स बच्चों से अच्छे से संवाद करें
- समय-समय पर माता-पिता बच्चे की काउंसलिंग करें