अगर आप कभी स्वर्ग की कल्पना करते होंगे तो शायद आपके दिमाग में सबसे पहले बर्फ से ढकी पहाड़ियों के बीच हरे भरे जगंल और झरनों की तस्वीरें आ जाती होंगी। ऐसे में एकाएक दिमाग में ये ख्याल आता होगा कि काश हमारे भारत में भी ऐसी ही कोई स्वर्ग जैसी खूबसूरत जगह होती। इसी वजह से लोग कश्मीर को जन्नत कहते हैं। आपने आज तक कश्मीर और उसकी खूबसूरती के कई किस्से भी सुने होंगे लेकिन क्या आप जानते हैं कश्मीर के अलावा भारत में पांच ऐसे गांव मौजूद हैं, जो किसी जन्नत से कम नहीं हैं। खूबसूरती ऐसी कि लोग देखते रह जाएं। अगर आप भी शहर की भागदौड़ भरी जिंदगी से दूर मिट्टी की सौंधी-सौंधी खुशबू और पहाड़ों की हरियाली के बीच सुकून के कुछ पल बीताने की तमन्ना रखते हैं तो आपके लिए ये गांव एकदम परफेक्ट हैं।
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धरती पर स्वर्ग का अनुभव होता है भारत के इन 5 गांवों में, देखते रह जाएंगे खूबसूरती
लाइफस्टाइल डेस्क , अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: योगेश जोशी
Updated Sat, 07 Mar 2020 05:23 PM IST
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- फोटो : village
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स्मित
- मेघालय की राजधानी शिलांग से करीब 11 किलोमीटर दूर पहाड़ों पर बसा 'स्मित' गांव कुदरत की खूबसूरत चादर ओढ़े हुए नजर आता है। शहर के प्रदूषण से दूर स्मित की हवा में घुली शुद्धता और ताजगी आपके जीवन से तनाव को हमेशा के लिए दूर कर देगी। यही वजह है कि इस गांव को प्रदूषण मुक्त गांव का दर्जा भी मिला हुआ है। स्मित गांव दिखने में इतना खूबसूरत है कि यहां के नजारे आपको हैरत में डाल देंगे। इस गांव में रहने वाले लोग सब्जी और मसाले की खेती करते हैं।
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शिलॉन्ग
- शिलॉन्ग से करीब 90 किमी दूरी पर बसा छोटा सा गांव मावल्यान्नांग, जहां आपको कई जगह पेड़ों की जड़ों से बने मजबूत पुल के साथ मन को लुभाने वाले खूबसूरत झरने आपका मन मोह लेंगे। यहां के अद्भुत खूबसूरत नजारे बेहद सुकून भरे हैं।यहां से जुड़ी हर एक चीज कुछ ऐसी है कि आप यहां बसने के लिए मजबूर हो जाएंगे।
खोनोमा
- प्रकृति से प्यार करने वाले लोगों को शायद ही इस बात का पता हो कि खोनोमा को एशिया का सबसे पहला हरा-भरा गांव घोषित किया गया है। ये गांव कोहिमा से 20 किलोमीटर दूर खोनोमा की हरी-भरी वादियों में मौजूद है।बता दें कि इस गांव में 100 से ज्यादा अलग-अलग प्रजाति के वन्य प्राणी और खूबसूरत जीव-जंतु रहते हैं।अगर आप गौर से इस गांव को देखेंगे तो पाएंगे कि खोनोमा में बना हर घर एक दूसरे से जुड़ा हुआ हैं। इसके अलावा यहां बने हर घर के दरवाजे पर एक खास तरह का सींग लटकाया जाता है। जो कहा जाता है कि गांववालों की सुरक्षा के लिए लटकाया गया होता है।यहां लगभग 250 पौधों की प्रजातियों के पौधे पाए जाते हैं।
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मिरिक
- दार्जिलिंग के पश्चिम में समुद्र तल से लगभग 4905 फीट की ऊंचाई पर बसा एक छोटा सा गांव मिरिक हैं।इस गांव को प्रकृति ने दिल खोलकर अपने सौंदर्य से नवाजा है। हिमालय की वादियों के बीच देवदार से घिरी मिरिक झील यहां के नजारों को और भी खूबसूरत बना देती है।यहां की चाय के बागान, जंगली फूलों की चादर, क्रिप्टोमेरिया के पेड़ यहां आने वाले पर्यटकों को खासा लुभाते हैं।