Kedarnath Se Badrinath Dham Kaise Jayen: उत्तराखंड की पवित्र धरती पर स्थित केदारनाथ मंदिर और बद्रीनाथ धाम हिंदू धर्म के सबसे महत्वपूर्ण तीर्थ स्थलों में गिने जाते हैं। हर साल लाखों श्रद्धालु इन धामों के दर्शन के लिए कठिन यात्रा तय करते हैं। हर साल अक्षय तृतीया से चार धाम यात्रा की शुरुआत हो जाती है। इस वर्ष केदारनाथ धाम के कपाट 22 अप्रैल 2026 से भक्तों के लिए खोले जा चुके हैं। वहीं 23 अप्रैल से बद्रीनाथ मंदिर की यात्रा और दर्शन किए जा रहे हैं।
Kedarnath To Badrinath Distance: केदारनाथ से बद्रीनाथ धाम कैसे जाएं? दूरी, खर्च और पूरा रूट प्लान जानें
Kedarnath Se Badrinath Ki Duri: केदारनाथ से बद्रीनाथ जाने के लिए आपको पहले गौरीकुंड/सोनप्रयाग से सड़क मार्ग द्वारा रुद्रप्रयाग, जोशीमठ होते हुए बद्रीनाथ पहुंचना होता है। कुल दूरी लगभग 220–230 किमी है।
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यात्रा का रूट और दूरी
केदारनाथ से सीधे सड़क मार्ग नहीं है, इसलिए पहले आप केदारनाथ से गौरीकुंड तक पैदल यात्रा करते हुए आगे के लिए टैक्सी या बस ले सकते हैं, यहां से सोनप्रयाग से रुद्रप्रयाग, फिर कर्णप्रयाग के रास्ते जोशीमठ होते हुए बद्रीनाथ धाम पहुंच सकते हैं।
केदारनाथ धाम से बद्रीनाथ मंदिर की कुल दूरी लगभग 245 किमी के अंदर है। सोनप्रयाग से बद्रीनाथ तक सड़क मार्ग का सफर तय करने में 8 से 10 घंटे का समय लग सकता है।
यात्रा के साधन
केदारनाथ से बद्रीनाथ जाने वाले यात्री टैक्सी, बस या शेयर कैब से आसानी से यात्रा कर सकते हैं। उत्तराखंड परिवहन की बसें भी उपलब्ध रहती हैं। अगर आप आरामदायक यात्रा चाहते हैं तो प्राइवेट टैक्सी बेहतर विकल्प है।
बद्रीनाथ यात्रा में कितना आएगा खर्च?
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अगर आप शेयर टैक्सी लेते हैं तो 800 रुपये से 1500 रुपये प्रति व्यक्ति खर्च आ सकता है।
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गौरीकुंड से बद्रीनाथ के लिए प्राइवेट टैक्सी का किराया 5000 से 8000 रुपये हो सकता है।
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बस से यात्रा की योजना है तो लगभग 500 रुपये से 1000 रुपये खर्च हो सकते हैं।
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अगर आप बद्रीनाथ में ठहर रहे हैं तो होटल में कमरा लगभग 1000 रुपये से 3000 रुपये प्रति रात हो सकता है।
कुल मिलाकर एक व्यक्ति का खर्च 3000 से 8000 रुपये तक आ सकता है।
यात्रा का सही समय
हर साल चार धाम यात्रा की शुरुआत अक्षय तृतीया से होती है जो कि दीपावली के बाद भाई दूज तक जारी रहती है। इस वर्ष चार धाम यात्रा 19 अप्रैल 2026 से शुरू हो चुकी हैं जो कि नवंबर के मध्य यानी 10-13 नवंबर 2026 तक चल सकती है। ऐसे में अगर आप यात्रा की योजना बना रहे हैं तो मई से जून और सितंबर से अक्टूबर के बीच का समय सबसे अच्छा माना जाता है। बारिश के मौसम में यात्रा से बचना चाहिए, क्योंकि लैंडस्लाइड का खतरा रहता है।

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