Dev Deepawali 2025: हर साल कार्तिक पूर्णिमा के दिन मनाई जाने वाली देव दीपावली 2025 में 5 नवंबर, बुधवार को है। यह वह रात होती है जब वाराणसी यानी काशी हजारों दीपों से जगमगाती है। माना जाता है कि इस दिन देवता स्वयं धरती पर आकर गंगा घाटों पर दीप जलाते हैं। यही वजह है कि काशी में इस पर्व का भव्य आयोजन देखने के लिए देश-विदेश से श्रद्धालु और पर्यटक पहुंचते हैं। इस दौरान बनारस का नजारा एक बार फिर दीपावली के जैसा रोशन हो जाता है। अगर आप देव दीपावली पर बनारस की यात्रा की योजना बना रहे हैं तो पहले दिन के महत्व को समझें और फिर यात्रा से जरूरी
Dev Deepawali 2025: देव दीपावली पर बनारस जाने की सोच रहे हैं? जानिए क्या करें और क्या नहीं!
Dev Deepawali 2025: बनारस का नजारा एक बार फिर दीपावली के जैसा रोशन होने वाला है। अगर आप देव दीपावली पर बनारस की यात्रा की योजना बना रहे हैं तो पहले दिन के महत्व को समझें और फिर यात्रा से जरूरी
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अगर बनारस जा रहे हैं तो ध्यान रखें ये जरूरी बातें
पहले से बुकिंग करें
देव दीपावली पर काशी में होटल, गेस्ट हाउस और नाव बुकिंग हफ्तों पहले फुल हो जाती है। बेहतर होगा कि अपनी यात्रा की तैयारी अक्टूबर के पहले सप्ताह तक कर लें।
घाट चुनें समझदारी से
दशाश्वमेध घाट, अस्सी घाट और पंचगंगा घाट सबसे ज्यादा लोकप्रिय हैं, लेकिन यहां भीड़ भी ज्यादा होती है। अगर शांत वातावरण चाहते हैं तो तुलसी घाट या केदार घाट बेहतर विकल्प हैं।
आरती दर्शन के लिए समय पर पहुंचें
गंगा आरती का दृश्य शाम 6 बजे से शुरू होता है। भीड़ से बचने के लिए एक घंटे पहले पहुंचें।
स्थानीय खानपान का आनंद लें
यात्रा के दौरान बनारस की कचौड़ी-जलेबी, लस्सी और बनारसी पान का स्वाद देव दीपावली को यादगार बना देगा।
सफाई और श्रद्धा दोनों जरूरी
दीपदान के समय गंगा में कचरा न डालें और प्लास्टिक का उपयोग न करें। यही असली श्रद्धा है।
देव दीपावली के लिए बनाररस कैसे पहुंचें?
दिल्ली, भोपाल, लखनऊ समेत प्रमुख शहरों से बनारस के लिए सीधी रेल यात्रा हैं। देव दीपावली के लिए बनारस का सस्ता टिकट मिल जाएगा। वाराणसी जंक्शन या बनारस रेलवे स्टेशन से 20 रुपये में शेयर टैक्सी मिल जाएगी। इसके अलावा 100 रुपये में कैब बुक कर सकते हैं। बनारस से कुछ ही दूरी पर घाट मिल जाएंगे।