जिन लोगों को घूमने का शौक होता है, वह एक बार विदेश की सैर जरूर करना चाहते हैं। भारत में कहीं भी सफर की योजना बनाना आसान है लेकिन भारत से बाहर जाने के लिए कई तरह की बाधाएं बीच में आ सकती हैं। पासपोर्ट, वीजा आदि की व्यवस्था तो फिर भी हो सकती है लेकिन सबसे ज्यादा समस्या आती है भाषीय ज्ञान की। दूसरे देशों की भाषा न आने, अंग्रेजी में हाथ तंग होने के कारण वह समझ नहीं पाते कि विदेश यात्रा के दौरान वह किस तरह से विदेशियों से संवाद करेंगे। एयरपोर्ट से टैक्सी बुक करने से लेकर होटल में कमरा लेने, विदेश के पर्यटन स्थल घूमने और यहां तक की खाना मंगवाने तक के लिए उन्हें उस देश की भाषा या कम से कम अंग्रेजी का ज्ञान होना चाहिए। इस कारण वह मन होने के बावजूद भी विदेश जाने से हिचकते हैं। लेकिन कई ऐसे देश हैं, जहां आपको टूटी फूटी अंग्रेजी नहीं बोलनी पड़ेगी। इन देशों में आप खुलकर आत्मविश्वास के साथ हिंदी बोल सकते हैं और विदेशी आपकी बात को समझेंगे। अगर आप भारत से बाहर किसी ऐसे देश की सैर करना चाहते हैं, जहां आप आसानी से हिंदी में बात करके विदेशियों को अपनी बात समझा सकें, तो यहां आपको कुछ ऐसे देशों के बारे में बताया जा रहा है, जहां हिंदी का चलन है।
हिंदी दिवस 2022: इन देशों में घूमते समय भाषा की नहीं आएगी दिक्कत, मिल सकते हैं हिंदी बोलने वाले
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नेपाल
भारत के पड़ोसी मुल्क नेपाल में हिंदी भाषा बोली जाती है। इस देश की आधिकारिक भाषा भले ही नेपाली हो लेकिन यहां मैथिल, भोजपुरी और हिंदी बोलने वाले भी बहुत लोग हैं। ऐसे में अगर आप नेपाल घूमने जा रहे हैं तो हिंदी बोल सकते हैं। वहां के लोग आपकी भाषा को समझेंगे।
फिजी
फिजी एक छोटा सा देश है, जहां उत्तर पूर्वी भारत से लोग आकर बस गए। ये भारतीय अवधि, भोजपुरी, मगही और हिंदी बोलते हैं। ऐसे में यहां हिंदी भाषा का चलन है। फिजी की चार आधिकारिक भाषाएं हैं, जिनमें से एक हिंदी भाषा भी है। ऐसे में फिजी में आप आसानी से हिंदी बोल सकते हैं।
बांग्लादेश
भारत से सटा बांग्लादेश कभी हमारे ही देश की अंग था। यहां भारतीय भाषा को समझने और बोलने वाले आसानी से मिल जाएंगे। वैसे तो बांग्लादेश की आधिकारिक भाषा बंग्ला है लेकिन आप अंग्रेजी के साथ ही हिंदी भी बोल सकते हैं।
पाकिस्तान
विभाजन से पहले भारत और पाकिस्तान एक ही देश था। ऐसे में पाकिस्तान में आपको हिंदी बोलने और समझने वाले मिल जाएंगे। पाकिस्तान में अंग्रेजी और उर्दू आधिकारिक भाषाएं हैं लेकिन यहां पंजाबी, हिंदी, पास्तो और बलूची भाषाएं भी बोली जाती हैं।