{"_id":"6a755b9d2822983ebb099dae","slug":"monsoon-skin-care-skin-peeling-on-hands-and-feet-treatment-at-home-in-hindi-2026-08-07","type":"photo-gallery","status":"publish","title_hn":"Monsoon Skin Care: बारिश के मौसम में हाथ-पैर से उतरने लगी है स्किन? जानें ऐसे समय में क्या करें","category":{"title":"Health & Fitness","title_hn":"हेल्थ एंड फिटनेस","slug":"fitness"}}
Monsoon Skin Care: बारिश के मौसम में हाथ-पैर से उतरने लगी है स्किन? जानें ऐसे समय में क्या करें
Fri, 07 Aug 2026 09:53 AM IST
Shruti Gaur
हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Shruti Gaur
Updated Fri, 07 Aug 2026 09:53 AM IST
सार
Skin Care Tips: बारिश के मौसम में हाथ-पैर से स्किन निकलना काफी आम बात है। ऐसे समय में आपको क्या करना चाहिए, इस लेख में हम आपसे इसी बारे में बात करेंगे।
विज्ञापन
बारिश में हाथ-पैर की स्किन क्यों निकलती है?
- फोटो : AI
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
Monsoon Skin Care Tips: बारिश का मौसम जहां गर्मी से राहत देता है, वहीं यह त्वचा से जुड़ी कई समस्याओं को भी बढ़ा देता है। इस दौरान हवा में नमी अधिक होने और बार-बार पानी के संपर्क में आने की वजह से हाथ-पैरों की त्वचा सूखने लगती है और कई लोगों की स्किन निकलने की समस्या शुरू हो जाती है।
बारिश में हाथ-पैर की स्किन क्यों निकलती है?
- फोटो : AI
पहले जान लें कि बारिश में हाथ-पैर की स्किन क्यों निकलती है?
- लंबे समय तक पानी और नमी के संपर्क में रहना।
- फंगल इंफेक्शन की शुरुआत।
- त्वचा का अत्यधिक ड्राई या डिहाइड्रेट होना।
- विटामिन B, C और E की कमी।
- बार-बार साबुन या केमिकल युक्त प्रोडक्ट का इस्तेमाल।
- गीले जूते और मोजे लंबे समय तक पहनना।
बारिश में हाथ-पैर की स्किन क्यों निकलती है?
- फोटो : AI
बारिश के मौसम में क्या करें?
1. त्वचा को हमेशा साफ और सूखा रखें
बारिश में भीगने के बाद हाथ-पैर अच्छी तरह धोकर मुलायम तौलिए से सुखाएं।
2. मॉइश्चराइजर लगाएं
नहाने के तुरंत बाद ग्लिसरीन, शीया बटर या सेरामाइड युक्त मॉइश्चराइजर का इस्तेमाल करें।
3. गीले जूते-मोजे न पहनें
नमी फंगल संक्रमण का खतरा बढ़ाती है।
4. पर्याप्त पानी पिएं
बारिश में प्यास कम लगती है, लेकिन शरीर को हाइड्रेट रखना जरूरी है।
5. संतुलित आहार लें
विटामिन C, E, B-कॉम्प्लेक्स, जिंक और प्रोटीन युक्त भोजन त्वचा को स्वस्थ रखने में मदद करता है।
1. त्वचा को हमेशा साफ और सूखा रखें
बारिश में भीगने के बाद हाथ-पैर अच्छी तरह धोकर मुलायम तौलिए से सुखाएं।
2. मॉइश्चराइजर लगाएं
नहाने के तुरंत बाद ग्लिसरीन, शीया बटर या सेरामाइड युक्त मॉइश्चराइजर का इस्तेमाल करें।
3. गीले जूते-मोजे न पहनें
नमी फंगल संक्रमण का खतरा बढ़ाती है।
4. पर्याप्त पानी पिएं
बारिश में प्यास कम लगती है, लेकिन शरीर को हाइड्रेट रखना जरूरी है।
5. संतुलित आहार लें
विटामिन C, E, B-कॉम्प्लेक्स, जिंक और प्रोटीन युक्त भोजन त्वचा को स्वस्थ रखने में मदद करता है।
विज्ञापन
विज्ञापन
बारिश में हाथ-पैर की स्किन क्यों निकलती है?
- फोटो : AI
घरेलू उपाय
- नारियल तेल से हल्की मसाज करें।
- एलोवेरा जेल लगाएं।
- शहद और दही का पैक 15 मिनट लगाएं।
- गुनगुने पानी में ज्यादा देर तक हाथ-पैर न रखें।
- नीम के पानी से पैर धो सकते हैं।
विज्ञापन
बारिश में हाथ-पैर की स्किन क्यों निकलती है?
- फोटो : AI
कब डॉक्टर से संपर्क करें?
यदि त्वचा निकलने के साथ ये लक्षण दिखें, तो त्वचा विशेषज्ञ से सलाह लें
-------------
नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस के आधार पर तैयार किया गया है।
अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
यदि त्वचा निकलने के साथ ये लक्षण दिखें, तो त्वचा विशेषज्ञ से सलाह लें
- तेज खुजली
- जलन या दर्द
- पस निकलना
- बार-बार त्वचा छिलना
- फंगल इंफेक्शन के लक्षण
-------------
नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस के आधार पर तैयार किया गया है।
अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।