{"_id":"5c736be9bdec225567680ea8","slug":"mahashivratri-2019-jatoli-temple-asia-highest-shiv-temple-solan","type":"photo-gallery","status":"publish","title_hn":"Mahashivratri 2019: इस शिवरात्रि घूम आइए एशिया का सबसे ऊंचा शिव मंदिर, यहां ठहरे थे साक्षात् भोलेनाथ","category":{"title":"Travel","title_hn":"यात्रा","slug":"travel"}}
Mahashivratri 2019: इस शिवरात्रि घूम आइए एशिया का सबसे ऊंचा शिव मंदिर, यहां ठहरे थे साक्षात् भोलेनाथ
लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला
Published by: प्रशांत राय
Updated Mon, 25 Feb 2019 05:35 PM IST
विज्ञापन
1 of 5
shiv temple jatoli
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
Link Copied
भगवान शिव को देवों के देव महादेव के नाम से जाना जाता है और महाशिवरात्रि के इस मौके पर सभी भक्त भगवान शिव के मंदिरों के दर्शन कर उन्हें प्रसन्न करने में लगे रहते हैं। महाशिवरात्रि के मौके पर हम आपको भगवान शिव के उस मंदिर के बारे में बताने जा रहे हैं जिसे एशिया का सबसे ऊंचा शिव मंदिर माना जाता है। यह मंदिर हिमाचल प्रदेश में मौजूद है, जिसे जटोली मंदिर के नाम से जाना जाता है। यह मंदिर अपनी शक्ति और चमत्कारों के लिए भी प्रसिद्ध है।
2 of 5
shiv temple jatoli
हिमाचल प्रदेश के सोलन शहर से करीब 7 किलोमीटर की दूरी पर भवननिर्माण कला का बेजोड़ नमूना जटोली मंदिर स्थित है। इसे एशिया का सबसे ऊंचा शिव मंदिर माना जाता है। यहां शिवरात्रि व महाशिवरात्रि के मौके पर भारी संख्या में श्रद्धालु आते हैं। यह शिव मंदिर दक्षिण-द्रविड़ शैली से बना हुआ है। मंदिर को बनने के लिए तकरीबन 39 साल लगे हैं।
3 of 5
shiv temple jatoli
पौराणिक मान्यता है कि भगवान शिव यहां आए थे और कुछ समय के लिए यहां पर रुके भी थे और बाद में एक सिद्ध बाबा स्वामी कृष्णानंद परमहंस ने यहां आकर तपस्या की। कहा जाता है कि बाबा परमहंस के मार्गदर्शन और दिशा-निर्देश पर ही जटोली शिव मंदिर का निर्माण शुरू हुआ। मंदिर का गुंबद 111 फीट ऊंचा है।
विज्ञापन
विज्ञापन
4 of 5
shiv temple jatoli
इस मंदिर में जाने के लिए आपको 100 सीढ़ियां चढ़कर जाना जाता है। ऐसा माना जाता है कि यहां के लोगों को पानी की समस्या से जूझना पड़ा था, जिसे देखते हुए स्वामी कृष्णानंद परमहंस जी ने भगवान शिव की घोर तपस्या को और त्रिशुल के प्रहार से जमीन में से पानी निकाला। इसके बाद कभी भी यहां पानी की कमी नहीं हुई है।
विज्ञापन
5 of 5
shiv temple jatoli
मंदिर के चारों तरफ विभिन्न देवी-देवताओं की मूर्तियां स्थापित की गई हैं, जबकि मंदिर के अंदर स्फटिक मणि शिवलिंग की स्थापना के साथ भगवान शिव व पार्वती मूर्तियां भी स्थापित की गई हैं। मंदिर के बिलकुल ऊपरी छोर पर 11 फुट ऊंचे विशाल सोने के कलश की स्थापना की गई है।
सबसे विश्वसनीयहिंदी न्यूज़वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ेंलाइफ़ स्टाइल से संबंधित समाचार (Lifestyle News in Hindi), लाइफ़स्टाइल जगत (Lifestyle section) की अन्य खबरें जैसेहेल्थ एंड फिटनेस न्यूज़ (Health and fitness news), लाइवफैशन न्यूज़, (live fashion news) लेटेस्टफूड न्यूज़इन हिंदी, (latest food news) रिलेशनशिप न्यूज़ (relationship news in Hindi) औरयात्रा (travel news in Hindi) आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़ (Hindi News)।
एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें
Next Article
Disclaimer
हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर और व्यक्तिगत अनुभव प्रदान कर सकें और लक्षित विज्ञापन पेश कर सकें। अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।