प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को काशी विश्वनाथ को उज्जैन में महाकाल और ओंकारेश्वर से जोड़ने वाली काशी महाकाल एक्सप्रेस को हरी झंडी दिखाई। पीएम मोदी ने वीडियो के जरिए इस ट्रेन को हरी झंडी दिखाई और वाराणसी के कैंट स्टेशन पर खड़ी ट्रेन अपने गंतव्य के लिए रवाना हुई। इस ट्रेन की खासियत है कि इसमें यात्रियों को आध्यात्मिक माहौल मिलेगा और ट्रेन में भजन-कीर्तन की गूंज सुनाई देगी।
पीएम मोदी ने इस ट्रेन को दिखाई हरी झंडी,भजन-कीर्तन के साथ यात्रियों को मिलेगा धार्मिक माहौल
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शिवरात्रि से पहले इस ट्रेन को हरी झंडी मिलने से ट्रेन में सफर कर रहे श्रद्धालुओं में काफी उत्साह देखा जा रहा था। इस ट्रेन के शुरू होते ही बाबा विश्वनाथ, महाकालेश्वर और ओंकारेश्वर का रेल मार्ग से सीधे संपर्क का सूत्रपात हो गया है। इस बात का खास ध्यान रखा गया है कि यात्रियों को इस ट्रेन में भक्तिमय माहौल मिले, इसलिए ट्रेन में भजन-कीर्तन बजेंगे। ट्रेन में बोगी की गतिविधि पर नजर रखने के लिए सीसीटीवी को ‘लाइन मॉनीटरिंग सिस्टम’ से जोड़ा गया है। ट्रेन में 9 एसी थ्री कोच, पैंट्री कार और दो ब्रेकवॉन कोच हैं।
उज्जैन-ओंकारेश्वर-माहेश्वर-इंदौर के लिए यह ट्रेन शुक्रवार को चलेगी और तीन रात चार दिन का सफर तय कर आपको इन धार्मिक जगहों की यात्रा करा लाएगी। इसके लिए प्रति व्यक्ति आपको 12450 रुपये चुकाने होंगे। इस दौरान आप इंदौर, ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग मंदिर, माहेश्वर में होल्कर किला, नर्मदा घाट एवं शिव मंदिर, राम मंदिर घाट, हरसिद्धि मंदिर और महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग मंदिर घूम सकेंगे।