Travel Budget 2026: बुद्ध सर्किट से टर्टल ट्रेल्स तक, बजट में घूमने वालों के लिए क्या-क्या खास
Budget For Tourism Sector: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने ऐलान किया है कि नॉर्थ ईस्ट राज्यों में बुद्ध सर्किट बनेगा। ये सर्किट अरुणाचल, सिक्किम, असम, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में होगा। आइए जानते हैं पर्यटन पर वित्त मंत्री का बजट और घोषणाएं क्या रहीं।
नॉर्थ ईस्ट में बुद्ध सर्किट, आध्यात्मिक पर्यटन की नई धुरी
वित्त मंत्री ने नॉर्थ ईस्ट राज्यों में बुद्ध सर्किट बनाने की घोषणा कर एक बड़ा दांव खेला है। यह सर्किट,
- अरुणाचल प्रदेश
- सिक्किम
- असम
- मणिपुर
- मिजोरम
- त्रिपुरा को आपस में जोड़ेगा।
यह केवल पर्यटन परियोजना नहीं, बल्कि भारत की उस बौद्ध परंपरा को सामने लाने की कोशिश है जो पूर्वोत्तर में आज भी जीवित है। इससे अंतरराष्ट्रीय बौद्ध पर्यटक, खासकर दक्षिण-पूर्व एशिया और पूर्वी एशिया से आने वाले यात्रियों को आकर्षित किया जा सकेगा। साथ ही स्थानीय हस्तशिल्प, होमस्टे और गाइड आधारित रोज़गार को सीधा लाभ मिलेगा।
ट्रैकिंग और हाइकिंग पर भारत बनेगा एडवेंचर हब
बजट 2026 में एडवेंचर टूरिज़्म को भी गंभीरता से लिया गया है। सरकार ने घोषणा की है कि
- हिमाचल प्रदेश
- उत्तराखंड
- जम्मू-कश्मीर
- अराक्कू घाटी (आंध्र प्रदेश) में आधुनिक सुविधाओं से लैस माउंटेन ट्रेल्स विकसित किए जाएंगे।
यह पहल भारत को वैश्विक ट्रैकिंग और हाइकिंग डेस्टिनेशन के रूप में स्थापित कर सकती है। इसका सीधा असर स्थानीय युवाओं के लिए गाइड, रेस्क्यू, हॉस्पिटैलिटी और ट्रांसपोर्ट जैसे क्षेत्रों में रोज़गार पर पड़ेगा।
ओडिशा, कर्नाटक और केरल में टर्टल ट्रेल्स
पर्यटन के साथ पर्यावरण, यह संतुलन बजट की सबसे सकारात्मक बातों में से एक है। सरकार ने
- ओडिशा
- कर्नाटक
- केरल में टर्टल ट्रेल्स विकसित करने की घोषणा की है।
ये ट्रेल्स समुद्री कछुओं के संरक्षण, जागरूकता और नियंत्रित पर्यटन को बढ़ावा देंगे। यह मॉडल बताता है कि पर्यटन केवल उपभोग नहीं, बल्कि संरक्षण का माध्यम भी हो सकता है।
धोलावीरा जैसे 15 पुरातात्विक स्थल बनेंगे सांस्कृतिक गंतव्य
बजट में यह भी ऐलान किया गया है कि धोलावीरा की तर्ज पर देश के 15 पुरातात्विक स्थलों को विकसित कर उन्हें अंतरराष्ट्रीय स्तर के सांस्कृतिक पर्यटन केंद्र बनाया जाएगा। इसका मतलब,
- बेहतर कनेक्टिविटी
- विज़िटर सेंटर
- डिजिटल गाइड
- स्थानीय इतिहास का दस्तावेज़ीकरण
यह पहल भारत की प्राचीन सभ्यताओं को नई पीढ़ी और विदेशी पर्यटकों के सामने सशक्त रूप में पेश करेगी।
