उत्तराखंड की खूबसूरत वादियों में दुनियाभर से पर्यटक आते हैं। हिमालय, झील-झरने और तालों का मनोरम दृश्य अपनी ओर पर्यटकों को आकर्षित करता है। उत्तराखंड की नैसर्गिक खूबसूरती के बारे में कहा जाता है कि इसके आगे यूरोप की खूबसूरती भी फेल है। आइए आपको उत्तराखंड के उन पांच टूरिस्ट डेस्टिनेशन्स की सैर कराते हैं जिन्हें देखने दुनियाभर से टूरिस्ट आते हैं।
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भारत में ही करेंगे स्विट्जरलैंड जैसा अनुभव, उत्तराखंड के इन स्थलों के आगे फेल है यूरोप की खूबसूरती
Tue, 03 Mar 2020 10:19 AM IST
योगेश जोशी
लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: योगेश जोशी
Updated Tue, 03 Mar 2020 10:19 AM IST
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मुक्तेश्वर
- नैनीताल से करीब 46 किलोमीटर की दूरी पर स्थित मुक्तेश्वर धाम पर हर साल सर्दी में पर्यटक यहां की खूबसूरत वादियों को देखने आते हैं। 16 दिसंबर को यहां इस साल की पहली बर्फबारी देखने को मिली जिसके बाद वहां घूमने जाने वाले लोगों की खुशी दोगुनी हो गई थी। इस बर्फबारी के बाद वहां के व्यापारियों की उम्मीद पहले से ज्यादा बढ़ गई है। दरअसल बर्फबारी का लुत्फ उठाने लोग वहां भारी संख्या में आते हैं, जिससे उनके होटल और खाने के व्यवसाय में फायदा होता है।
तपोवन
- तपोवन गंगोत्री हिमनद से 6 किलोमीटर की दूरी पर है। यहां के अद्भुत नजारे पर्यटकों का दिल जीत लेते हैं। तपोवन से दूर-दूर तक फैली हिमालय की चोटियां दिखती हैं। तपोवन को ही नंदनवन भी कहते हैं। यहां पर्वतारोहण के लिए कैंपिंग की जाती है। गोमुख ट्रैकिंग के पास ही तपोवन है जहां हर साल लाखों की तादाद में विदेशी पर्यटक ट्रैकिंग के लिए उमड़ते हैं। नंदनवन से शिवलिंग, भागीरथी, केदार डोम, थलय सागर और सुदर्शन जैसे चोटियों का शानदार दृश्य दिखता है। पर्यटक यहां सतोपंत, खर्चाकुंड, कालिंदी कल, मेरू और केदारडोम पर ट्रैकिंग और कैपिंग करते हैं। ट्रैकिंग के अलावा पर्यटक पर्वतों पर चढ़ाई और रॉक क्लाइम्बिंग भी करते हैं। यहां के हरियाली से भरे चीड़ और देवदार के वृक्ष पर्यटकों को काफी लुभाते हैं।
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देवप्रयाग
- देवप्रयाग समुद्र तल से 830 मीटर की ऊंचाई पर है। ऋषिकेश से देवप्रयाग की दूरी महज 70 किलोमीटर के करीब है। यह खूबसूरत जगह अलकनंदा-भागीरथी नदी के संगम पर बसी है। कहा जाता है कि देवभूमि उत्तराखंड के पंच प्रयागों में से एक देवप्रयाग है। मान्यता है कि जब राजा भागीरथ ने गंगा को पृथ्वी पर उतरने के लिए मनाया तो उनके साथ ही 33 करोड़ देवी- देवता भी गंगा के साथ स्वर्ग से देवप्रयाग में उतरे थे। ये ही वो जगह है, जहां भागीरथी और अलकनंदा नदी का संगम होता है । देवप्रयाग में बड़ी तादाद में श्रद्धालु आते हैं। यह बेहद मनोरम स्थल है, जहां की खूबसूरती और शांत वातावरण श्रद्धालु और पर्यटकों के दिल में सुकून देता है।
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औली
- औली को भारत का मिनी स्विट्जरलैंड कहा जाता है। भारत का यह मिनी स्विट्जरलैंड इतना खूबसूरत है कि विदेशी तक यहां के नजारे देखते नहीं थकते। यह मिनी स्विट्जरलैंड उत्तराखंड के चमोली में स्थित है। यहां की वादियां और पहाड़ देखकर आपको यह महसूस होगा कि आप सच में स्विट्जरलैंड की सैर कर रहे हैं। हर साल कुदरत के इस नायाब उपहार को निहारने के लिए आने वाले लोगों की भीड़ में कभी कोई कमी नहीं रहती बल्कि यह बढ़ती ही रहती है। बर्फ पर स्कीइंग का आनंद लेने के लिए दुनिया भर से पर्यटक यहां खींचे चले आते हैं। औली को सर्दियों के मौसम में ही नहीं बल्कि इसकी सुंदरता को निहारने पर्यटकों की भीड़ बारह महीने यहां आती रहती है। बर्फ की सफेद चादर ओढ़े पहाड़ों पर सूर्योदय से लेकर सूर्यास्त का नजारा, यहां देखने लायक रहता है।