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World Environment Day 2025: हिल स्टेशनों की स्वच्छ हवा को न करें खराब, पर्यावरण बचाने के लिए करें ये काम

Thu, 05 Jun 2025 07:44 AM IST
शिवानी अवस्थी लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: शिवानी अवस्थी Updated Thu, 05 Jun 2025 07:44 AM IST
सार

World Environment Day 2025:  अगर आप इस बार गर्मियों में हिल स्टेशन जाने का प्लान बना रहे हैं तो वहां की ताजगी को बनाए रखने में अपना योगदान ज़रूर दें।आपके छोटे-छोटे प्रयास किसी हिल स्टेशन की ताजगी को सालों तक बनाए रख सकते हैं। 

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World Environment Day 2025 Protect Air Quality at Tourist Spots Essential Steps to Save the Environment
यात्री पर्यावरण को कैसे रखें सुरक्षित - फोटो : Freepik

World Environment Day 2025 : विश्व पर्यावरण दिवस 5 जून 2025 को मनाया जा रहा है। संपूर्ण परिवेश जिसके इर्द-गिर्द हम रहते हैं, वह पर्यावरण है। पर्यावरण हमें जीवन जीने के लिए जरूरी तत्व प्रदान करता है। लेकिन हम उन घटकों का गलत तरीके से दोहन कर रहे हैं, जिसके कारण पर्यावरण प्रदूषित हो रहा है। स्वच्छ वायु और प्रकृति की तलाश में लोग हिल स्टेशनों की ओर रुख करते हैं। इन हिल स्टेशनों पर लोग गर्मियों से राहत पाने के लिए जाते हैं लेकिन यहां बढ़ती भीड़ और लापरवाही पूर्ण व्यवहार इन शांत, स्वच्छ स्थानों को प्रदूषित करने काम करता है। 



पर्यावरण संरक्षण के लिए प्रकृति के निकट इन हिल स्टेशनों पर जाकर इन्हें भी सुरक्षित और स्वच्छ बनाए रखना हर यात्री का कर्तव्य है। अगर आप इस बार गर्मियों में हिल स्टेशन जाने का प्लान बना रहे हैं तो वहां की ताजगी को बनाए रखने में अपना योगदान ज़रूर दें।आपके छोटे-छोटे प्रयास किसी हिल स्टेशन की ताजगी को सालों तक बनाए रख सकते हैं। 
 

World Environment Day 2025 : इस पर्यावरण दिवस पर लें ये पांच संकल्प, धरती बन सकती है स्वर्ग    

World Environment Day 2025 Protect Air Quality at Tourist Spots Essential Steps to Save the Environment
क्यों जरूरी है हिल स्टेशनों की स्वच्छता बनाए रखना? - फोटो : Adobe stock

क्यों जरूरी है हिल स्टेशनों की स्वच्छता बनाए रखना?
 

  • हिल स्टेशन प्राकृतिक पारिस्थितिकी तंत्र का हिस्सा हैं, जहां कई दुर्लभ वनस्पति और जीव-जंतु पाए जाते हैं। इसके संरक्षण के लिए इन स्थानों की स्वच्छता और सही देखभाल जरूरी है।
  • लोग पहाड़ों पर शुद्ध हवा और हरियाली के लिए जाते हैं। यहां की शुद्ध हवा और हरियाली मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद होती है। पहाड़ों पर इसका अस्तित्व बना रहना चाहिए।
  • लगातार बढ़ते पर्यटन दबाव और प्लास्टिक प्रदूषण से ये स्थल तेजी से बर्बाद हो रहे हैं। झीलों और जंगलों में प्लास्टिक और गंदगी इन स्थानों की सुंदरता को तो बर्बाद करते ही हैं, साथ ही शुद्धता को भी नुकसान पहुंचाते हैं।
World Environment Day 2025 Protect Air Quality at Tourist Spots Essential Steps to Save the Environment
प्लास्टिक से दूरी - फोटो : एएनआई (फाइल)

पर्यावरण बचाने के लिए करें ये आसान काम

प्लास्टिक से दूरी

प्लास्टिक पर्यावरण को बहुत अधिक नुकसान पहुंचाती है और सालों तक पर्यावरण को प्रभावित कर सकती है। पानी की बोतल, खाने के पैकेट या चिप्स के रैपर जैसे सिंगल यूज प्लास्टिक से बचें। यात्रा पर स्टील या ग्लास की बोतल लेकर जाएं।

कूड़ा कूड़ेदान में ही डालें

अक्सर यात्री सफर के दौरान अपने साथ खाने-पीने का सामान ले जाते हैं। घूमते-फिरते हैं और कूड़ा वहीं फेंक देते हैं। यहीं हिल स्टेशनों की सुंदरता को खराब करता है और पर्यावरण को नुकसान पहुंचाता है। जहां भी जाएं अपने पीछे साफ-सफाई जरूर रखें। ट्रेकिंग या पिकनिक के बाद कूड़े को साथ लेकर लौटें।

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World Environment Day 2025 Protect Air Quality at Tourist Spots Essential Steps to Save the Environment
स्थानीय साधनों का इस्तेमाल - फोटो : Instagram

स्थानीय साधनों का इस्तेमाल

खुद की गाड़ी से सफर करना सुविधाजनक हो सकता है लेकिन यह वायु प्रदूषण का कारक है। बड़ी संख्या में लोग प्रतिदिन कार्बन उत्सर्जन कर रहे हैं जो आबोहवा को खराब करता है। इसलिए स्थानीय बस, टैक्सी या साझा सवारी का उपयोग करें ताकि कार्बन उत्सर्जन कम हो। 

स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा

जिस स्थल पर जा रहे हैं, वहां के हस्तशिल्प, जैविक उत्पाद और लोकल फूड को खरीदें। इससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को बल मिलता है। बेहतर अर्थव्यवस्था पर्यावरण सरंक्षण के लिए जरूरी व्यय करने में मददगार होती है।
 

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जंगल और नदी की स्वच्छता - फोटो : Adobe

जंगल और नदी की स्वच्छता

पिछले कुछ वर्षों में कैंपिंग, ट्रैकिंग और जंगल सफारी का चलन बढ़ा है। अब लोग सिर्फ पर्यटन स्थलों को घूमने नहीं जाते, बल्कि वहां के माहौल के मुताबिक रहने भी जाते हैं। कैंपिंग, ट्रैकिंग के लिए लोग जंगलों की ओर रुख करते हैं। नदियों और झीलों में नौकाविहार का लुत्फ उठाते हैं। हालांकि इस दौरान वह पानी के स्त्रोत और जंगलों में कूड़ा फैलाकर गंदगी भी बढ़ाते हैं। ऐसा करने से बचें। 


पेड़-पौधों को नुकसान न पहुंचाएं

सबसे जरूरी है पेड़ पौधों और हरियाली को बढ़ाएं, ना कि उनको नुकसान पहुंचाएं। हालांकि पर्यटक सेल्फी के चक्कर में फूल तोड़ना या पेड़ों पर नाम लिखना जैसे कार्य करते हैं जो प्रकृति के साथ अन्याय है।

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