Types Of Mangoes List: गर्मियों का मौसम आते ही फलों के राजा का दरबार सजने लगता है। खाने के शौकीन पूरे साल फलों के राजा यानी आम का इंतजार करते हैं, जो गर्मियों के मौसम में ही मिल पाता है। इस दौरान आम की कई किस्में और प्रजातियां बाजारों में बिकने लगती हैं। वैसे तो दुनियाभर में आम बिकता है, लेकिन केवल भारत के अलग अलग हिस्सों में लगभग 15 से अधिक आम की किस्में मिल जाती है। कई प्रजातियों के आम के स्वाद और महक में भी अंतर होता है। जरूरी नहीं कि हर आम का रंग पीला ही हो। उत्तर भारत के आमों की वैरायटी, दक्षिण भारत के आमों से अलग मिल जाती है।
Mango Varieties: सिर्फ दशहरी और लंगड़ा नहीं, कई तरह के होते हैं आम, जानिए नाम और पहचान का तरीका
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चौसा
चौसा आम उत्तर भारत और बिहार में पाया जाता है। चौसा पीला और रसीला होता है। शेरशाह सूरी ने सोलहवीं शताब्दी ने इस प्रजाति को खोजा। बिहार के चौसा में शेरशाह सूरी ने हुमायूं से युद्ध जीतने के बाद इसे चौसा नाम दिया था। वैसे चौसा आम की प्रजाति की उत्पत्ति उत्तर प्रदेश के हरदोई जिले में हुई थी। यह आम खाने में काफी स्वादिष्ट और सुर्ख पीले रंग का होता है। इस आम की पहचान आप रंग से ही कर सकते हैं। चौसा आम बाजार में आधी जुलाई बीत जाने के बाद आता है।
अल्फांसो आम
यह महाराष्ट्र का लोकप्रिय आम है और इसे 'हापूस' भी कहा जाता है। इसका दूसरा नाम रत्नागिरी है। रत्नागिरी आम महाराष्ट्र के जिलों रत्नागिरी, देवगिरी, रायगड़ और कोंकण में उगता है। रत्नागिरी किस्म का एक आम लगभग 150 से 300 ग्राम का होता है। अल्फांसो आम भारत के सबसे अच्छे आमों में से एक होता है। साथ ही ये बेहद महंगे भी होते हैं। इसे आसानी से पहचाना जा सकता है क्योंकि इन आम के ऊपर हल्का सा लाल रंग होता है। इसका स्वाद मीठा और खास होता है।
केसर आम
केसर की महक की तरह ही इस आम का नाम भी केसर है। केसर आम गुजरात की प्रमुख प्रजाति है जो कि अहमदाबाद के आसपास उगाया जाता है। केसर आम महंगे आम की किस्मों में से एक है। जिसे जूनागढ़ के नवाब ने सबसे पहले बोया था। जिसे 'केसरी' भी कहते हैं। इसकी पहचान नारंगी-पीले रंग और मधुर स्वाद से होती है।
लंगड़ा आम
आम की कुछ मशहूर किस्म में से एक लंगड़ा आम है जो कि उत्तर प्रदेश के बनारस में मुख्य तौर पर उगाया जाता है। जुलाई-अगस्त के महीने में ये आम आसानी से मिल सकता है। इस आम का नाम लंगड़ा इसलिए पड़ा क्योंकि पहली बार जिस किसान ने अपने खेत में इस आम को उगाया था, उसके पैर नहीं थे। ये आम पकने के बाद भी हरे रंग का ही होता है। इसमें हल्के लेमन येलो रंग का मिश्रण मिल जाएगा। साथ ही अंडे आकार का होता है। स्वाद के मामले में इस आम का कोई जवाब ही नहीं है।