भारत देश की मात्रा भाषा हिंदी है, जिसे हर देश प्रेमी बड़े ही गर्व के साथ बोलता है। देश ही नहीं बल्कि देश से बाहर रहने वाले लोग भी हिंदी में ही बात करते हुए नजर आते हैं। यहां तक कि लगभग सभी काम हिंदी में होते हैं। दफ्तरों में होने वाले काम से लेकर स्कूलों में पढ़ाई जाने वाली किताबें तक सबकुछ हिंदी में ही है। हालांकि, अंग्रेजी जैसी भाषा भी साथ में चलती है, लेकिन हिंदी का अपना अलग महत्व है। देश ही नहीं बल्कि देश के बाहर भी हिंदी के प्रचार-प्रसार के लिए कई स्तर पर काम किया जाता है। वहीं, देश के अंदर भी हिंदी को लगातार बढ़ावा देने के लिए कई कार्यक्रम चलाए जाते हैं। इसी कड़ी में आज यानी 10 जनवरी 2022 को विश्व हिंदी दिवस मनाया जा रहा है। लेकिन क्या आप जानते हैं हर साल 10 जनवरी को ही क्यों विश्व हिंदी दिवस मनाया जाता है? शायद नहीं, तो चलिए हम आपको इसके पीछे की वजह बताते हैं और साथ ही विश्व हिंदी दिवस के बारे में और भी बहुत कुछ जानने की कोशिश करते हैं।
World Hindi Day 2022: जानें क्यों 10 जनवरी को ही मनाया जाता है विश्व हिंदी दिवस, आसान शब्दों में यहां समझें सबकुछ
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10 जनवरी ही क्यों?
- दरअसल, हर साल 10 जनवरी को विश्व हिंदी दिवस मनाने के पीछे की वजह ये है कि भारत के तत्कालीन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह द्वारा 10 जनवरी को विश्व हिंदी दिवस के तौर पर मनाने की घोषणा की गई थी। इसके बाद से हर साल ही 10 जनवरी के दिन विश्व हिंदी दिवस मनाया जाता है।
ऐसा है इतिहास
- वहीं, बात इस दिन के इतिहास की करें तो 10 जनवरी को पहले विश्व हिंदी सम्मेलन की वर्षगांठ को चिन्हित करने के लिए विश्व हिंदी दिवस को मनाया जाता है। ये नगापुर और महाराष्ट्र में साल 1975 में आयोजित किया गया था।
कोरना की वजह से वर्चुअल सम्मेलन
वैसे तो हर साल 10 जनवरी के दिन हिंदी के प्रचार-प्रसार के लिए कई स्तर पर कार्यक्रम किए जाते थे। लेकिन कोरोना काल होने की वजह से अब ये कार्यक्रम वर्चुअल हो चुके हैं।
- इन होने वाले कार्यक्रमों में निबंध प्रतियोगिता, वाद-विवाद, चर्चा जैसी चीजों को शामिल किया जाता है। वहीं, विश्व में हिंदी के प्रचार-प्रसार के लिए कई कदम उठाने जैसे निर्णय भी लिए जाते हैं।