भारत में हजारों सालों से योगासनों का अभ्यास कई तरह के स्वास्थ्य लाभ के लिए किया जाता रहा है। हाल के कुछ वर्षों में पश्चिमी देशों में भी योग की लोकप्रियता तेजी से बढ़ी है। अध्ययनों से पता चलता है कि योग का नियमित रूप से अभ्यास करके कई तरह के स्वास्थ्य लाभ पाए जा सकते हैं। शरीर को मजबूत बनाने और मन को शांत करने के लिए योग का अभ्यास करना बेहतर विकल्प हो सकता है। सबसे अच्छी बात यह है कि योग का अभ्यास घर पर भी बिना किसी उपकरण के किया जा सकता है।
आज का योग टिप्स: योगासनों को बनाना चाहते हैं जीवन का हिस्सा? इन आसनों के साथ कर सकते हैं शुरुआत
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सूर्य नमस्कार योग का अभ्यास
यदि आप योग को अपने जीवनशैली में शामिल करने के बारे में सोच रहे हैं तो सूर्य नमस्कार योग से इसकी शुरुआत की जा सकती है। शारीरिक और मानसिक, दोनों ही प्रकार के स्वास्थ्य को बेहतर बनाए रखने के लिए सूर्य नमस्कार योग का अभ्यास आपके लिए फायदेमंद हो सकता है। शरीर के लचीलेपन को बढ़ाने के साथ रक्त प्रवाह में सुधार करने में इस योग का अभ्यास लाभदायक माना जाता है।
बालासन योग का अभ्यास
बालासन योग का अभ्यास सामान्यत: आसान और कई तरह के स्वास्थ्य लाभ वाला माना जाता है। यह मुद्रा पीठ, कूल्हे और हाथ की मांसपेशियों को फैलाने के साथ तंत्रिका तंत्र को आराम दिलाने में काफी फायदेमंद मानी जाती है। गहरी सांस लेने वाले व्यायाम के साथ बालासन योग का अभ्यास आपके मन को शांत करने के साथ चिंता और थकान को कम करता है।
वृक्षासन योग का अभ्यास
वृक्षासन योग या ट्री पोज़ संतुलन में सुधार करने के साथ कूल्हे के आसपास की मांसपेशियों को फैलाने में काफी फायदेमंद माना जाती है। इस योग का अभ्यास करना कमर, जांघ, कूल्हों और पेल्विक अंगों को स्थिरता प्रदान करने में मदद करने के साथ कोर को मजबूत करता है। योग के शुरुआती दिनों में इन अभ्यास को करने से लाभ मिल सकता है।
------------------
नोट: यह लेख योग विशेषज्ञों के सुझावों के आधार पर तैयार किया गया है। आसन की सही स्थिति के बारे में जानने के लिए किसी योगगुरु से संपर्क कर सकते हैं।
अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।