Yoga Tips: आजकल फिट और एक्टिव रहने के लिए बड़ी संख्या में लोग योग को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बना रहे हैं। कोई तनाव कम करने के लिए योग करता है तो कोई शरीर को लचीला बनाए रखने, बेहतर पोस्चर और सामान्य फिटनेस के लिए। लेकिन सिर्फ योगासन करना ही काफी नहीं है, उसे सही तरीके और अपनी क्षमता के अनुसार करना भी उतना ही जरूरी है।
Yoga Mistakes To Avoid: योग करते वक्त आप भी तो नहीं कर रहे ये गलतियां? जानें सही तरीका
Yoga Mistakes: योग करते समय कौन-सी गलतियां नहीं करनी चाहिए?
योग करते समय बिना वार्म-अप कठिन आसन करना, शरीर पर जरूरत से ज्यादा दबाव डालना, गलत पोस्चर रखना, सांस रोकना, दर्द के बावजूद अभ्यास जारी रखना, बिना तैयारी कठिन आसन करना, जरूरत से कम आराम लेना और अपनी शारीरिक स्थिति को नजरअंदाज करना आम गलतियां हैं। योग हमेशा अपनी क्षमता के अनुसार और सही तकनीक सीखकर करना चाहिए।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बिना वार्म-अप सीधे कठिन आसन करना
- कई लोग योग मैट बिछाते ही सीधे कठिन आसनों या स्ट्रेचिंग से शुरुआत कर देते हैं। यह आदत सही नहीं मानी जाती।
- शरीर को अभ्यास के लिए तैयार करने के लिए शुरुआत में कुछ हल्की गतिविधियां और आसान मूवमेंट किए जा सकते हैं।
- कुछ मिनट हल्का वार्म-अप करने से शरीर धीरे-धीरे गतिविधि के लिए तैयार होता है।
- इसके बाद आसान आसनों से शुरुआत करके धीरे-धीरे अभ्यास की तीव्रता बढ़ाई जा सकती है।
क्या करें: गर्दन, कंधे, हाथ-पैर और शरीर के दूसरे हिस्सों को हल्के मूवमेंट से तैयार करें और फिर आसनों की ओर बढ़ें।
शरीर को जरूरत से ज्यादा खींचना
- योग में लचीलापन महत्वपूर्ण हो सकता है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि हर आसन में शरीर को अधिकतम सीमा तक खींचना जरूरी है।
- कई शुरुआती लोग दूसरों को देखकर खुद को उसी मुद्रा में लाने की कोशिश करते हैं। इससे शरीर पर अनावश्यक दबाव पड़ सकता है।
- योग में जितना ज्यादा स्ट्रेच, उतना ज्यादा फायदा वाला नियम लागू नहीं होता।
क्या करें: जहां तक शरीर सहजता से जा रहा है, वहीं तक आसन करें। धीरे-धीरे अभ्यास के साथ अपनी क्षमता विकसित करें।
सांस लेने के तरीके को नजरअंदाज करना
- योग में सांस पर ध्यान देना अभ्यास का महत्वपूर्ण हिस्सा है।
- लेकिन कई लोग कठिन मुद्रा में पहुंचते ही अनजाने में सांस रोक लेते हैं।
- सांस को अनावश्यक रूप से रोकना या बहुत तेजी से सांस लेना अभ्यास को असहज बना सकता है।
क्या करें: जिस आसन या योग पद्धति का अभ्यास कर रहे हैं, उसमें सांस लेने की सही तकनीक प्रशिक्षित शिक्षक से सीखें। सांस को सहज और नियंत्रित रखने पर ध्यान दें।
गलत पोस्चर में आसन करना
- किसी योगासन का नाम जान लेना और उसे सही तरीके से करना दो अलग बातें हैं।
- हाथ, पैर, गर्दन, रीढ़ या कूल्हों की स्थिति थोड़ी भी गलत होने पर आसन का तरीका बदल सकता है।
- सोशल मीडिया वीडियो देखकर बिना तकनीक समझे आसन कॉपी करना इसलिए उचित नहीं है।
क्या करें: शुरुआत में प्रशिक्षित योग शिक्षक से बेसिक पोस्चर सीखें। जरूरत पड़ने पर योग ब्लॉक, स्ट्रैप या अन्य उपयुक्त सहायता का इस्तेमाल प्रशिक्षक की सलाह से किया जा सकता है।
दर्द होने के बावजूद योग करते रहना
- योग करते समय हल्का खिंचाव और असहनीय दर्द एक जैसी चीजें नहीं हैं।
- अगर किसी आसन के दौरान तेज दर्द, चक्कर, सांस लेने में परेशानी या अचानक असहजता महसूस हो तो उसे नजरअंदाज करके अभ्यास जारी नहीं रखना चाहिए।
क्या करें: तुरंत आसन से बाहर आएं और आराम करें। बार-बार समस्या होने पर योग्य स्वास्थ्य विशेषज्ञ या प्रशिक्षित योग शिक्षक से सलाह लें। खासकर चोट, सर्जरी, गर्भावस्था या किसी पुरानी स्वास्थ्य समस्या की स्थिति में योग अभ्यास शुरू करने से पहले चिकित्सकीय सलाह लेना उचित है।
शुरुआत में ही कठिन आसन करने की कोशिश
- सोशल मीडिया पर शीर्षासन, हैंडस्टैंड या बेहद लचीले आसनों के वीडियो देखकर कई लोग उन्हें तुरंत करने की कोशिश करने लगते हैं।
- लेकिन कठिन आसनों के लिए सिर्फ उत्साह नहीं, बल्कि पर्याप्त ताकत, संतुलन, तकनीक और तैयारी की जरूरत हो सकती है।
क्या करें: पहले बेसिक आसन और शरीर की बुनियादी क्षमता पर काम करें। कठिन आसनों को प्रशिक्षित शिक्षक की निगरानी और उचित तैयारी के बाद ही सीखें।
योग को सिर्फ तेज एक्सरसाइज समझना
- कुछ लोग योग करते समय हर मूवमेंट को बहुत तेजी से करने लगते हैं।
- लेकिन कई योग अभ्यासों में शरीर की जागरूकता, नियंत्रित मूवमेंट और सांस पर ध्यान महत्वपूर्ण होता है।
- हर योग शैली की अपनी तकनीक और गति होती है। इसलिए केवल तेजी से आसन बदलना योग का उद्देश्य नहीं है।
क्या करें: जिस योग शैली का अभ्यास कर रहे हैं, उसकी तकनीक और गति को समझें। मूवमेंट को नियंत्रित रखें और शरीर के संकेतों पर ध्यान दें।
आराम और रिकवरी को नजरअंदाज करना
- रोज योग करना अच्छी आदत हो सकती है, लेकिन शरीर को आराम की जरूरत को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।
- अगर लगातार थकान, दर्द या कमजोरी महसूस हो रही है तो अभ्यास की तीव्रता कम करना या आराम करना जरूरी हो सकता है।
- योग सत्र के अंत में कुछ समय शांत होकर आराम करना भी अभ्यास का हिस्सा बनाया जा सकता है।
क्या करें: अपनी दिनचर्या में पर्याप्त आराम रखें और शरीर के संकेतों को नजरअंदाज न करें।
योग करते समय किन बातों का रखें ध्यान?
- योग को सुरक्षित और व्यवस्थित तरीके से करने के लिए कुछ बेसिक बातों का ध्यान रखा जा सकता है।
- सबसे पहले अपनी क्षमता के अनुसार आसन चुनें।
- शुरुआत आसान योगासन से करें और अभ्यास बढ़ने के साथ धीरे-धीरे कठिनाई बढ़ाएं।
- दूसरा, किसी भी आसन को सिर्फ इसलिए करने की कोशिश न करें क्योंकि वह सोशल मीडिया पर ट्रेंड कर रहा है। हर व्यक्ति की लचीलापन, ताकत, उम्र और शारीरिक क्षमता अलग होती है।
- तीसरा, सांस और शरीर की मुद्रा पर ध्यान दें। अगर किसी आसन की तकनीक समझ में नहीं आ रही है तो प्रशिक्षित योग शिक्षक की मदद लें।
सुबह योग करते समय क्या सावधानी रखें?
- अगर आप सुबह योग करते हैं तो अभ्यास से पहले शरीर को धीरे-धीरे सक्रिय करना अच्छा रहता है। बहुत भारी भोजन के तुरंत बाद योग करने से बचना चाहिए।
- अभ्यास के दौरान पर्याप्त जगह रखें ताकि हाथ-पैर किसी वस्तु से न टकराएं। मैट ऐसी जगह रखें जहां वह आसानी से फिसले नहीं।
- अगर सुबह उठने के बाद शरीर बहुत जकड़ा हुआ महसूस हो तो तुरंत कठिन स्ट्रेचिंग करने के बजाय हल्के मूवमेंट से शुरुआत करें।
- योग करते समय कपड़े और मैट का भी रखें ध्यान
- योग के लिए ऐसे कपड़े पहनें जिनमें शरीर आसानी से मूव कर सके। बहुत ढीले या ऐसे कपड़े जो बार-बार खिसकें, कुछ आसनों में असुविधा पैदा कर सकते हैं।
- मैट भी ऐसी सतह पर रखें जहां वह फिसले नहीं। खासकर संतुलन वाले आसनों के दौरान स्थिर सतह महत्वपूर्ण हो सकती है।