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MP News: भोपाल, इंदौर और मुंबई में आयकर विभाग की बड़ी कार्रवाई, दवा सप्लायरों के ठिकानों पर छापेमारी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
Published by: आनंद पवार
Updated Tue, 02 Sep 2025 10:45 PM IST
सार
राजधानी भोपाल समेत इंदौर और मुंबई में आयकर विभाग ने मंगलवार सुबह कई ठिकानों पर बड़ी छापामारी की। गौतम नगर स्थित साइंस हाउस ग्रुप और मेडिकल उपकरणों के कारोबार से जुड़े राजेश गुप्ता सहित कई ठिकानों पर कार्रवाई हुई। शुरुआती जांच में करोड़ों रुपये की टैक्स चोरी और फर्जी सप्लाई का मामला सामने आने की आशंका जताई जा रही है।
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भोपाल में आईटी की रेड के दौरान सुरक्षाकर्मी
- फोटो : अमर उजाला
राजधानी में मंगलवार सुबह आयकर विभाग ने कई जगहों पर छापामारी की। विभाग की टीम ने गौतम नगर स्थित साइंस हाउस ग्रुप के दफ्तर सहित कई ठिकानों पर तलाशी ली। कार्रवाई के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए सीआरपीएफ के जवान तैनात किए गए थे। जानकारी के मुताबिक, विभाग की गाड़ियां सुबह-सुबह साइंस हाउस ग्रुप की बिल्डिंग पहुंचीं और वहां दस्तावेजों की जांच शुरू की गई। इसी दौरान एक अन्य टीम लालघाटी के पंचवटी पार्क क्षेत्र में मेडिकल सर्जिकल उपकरणों के व्यापारी राजेश गुप्ता के निवास पर भी कार्रवाई करने गई। राजेश गुप्ता का लिनन का बड़ा कारोबार है। यह सरकारी विभागों में पॉवरलूम के माध्यम से बड़ी सप्लाई करते हैं। गुप्ता भोपाल में स्थित सिद्धांता अस्पताल में पार्टनर हैं। सिद्धांता अस्पताल का संचालन डॉ. सुबोध वार्ष्णेय कर रहे हैं। गुप्ता और वार्ष्णेय मिलकर युगांडा में मेडिकल की एक फैक्ट्री का संचालन भी कर रहे हैं। शाहपुरा क्षेत्र में मैपल हाई स्ट्रीट नाम से होटल का संचालन भी गुप्ता द्वारा किया जा रहा है।
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भोपाल समेत कई जगहों पर हुई रेड
- फोटो : अमर उजाला
भोपाल, इंदौर, मुंबई में भी छापेमारी
जानकार सूत्रों के अनुसार, भोपाल, इंदौर और मुंबई समेत देशभर में कई स्थानों पर छापे मारे गए हैं। अधिकारियों की टीम ने साइंस हाउस ग्रुप से जुड़े संचालक जितेंद्र तिवारी, सॉफ्टवेयर इंजीनियर रोहित गुप्ता, कंसल्टेंट दिनेश बारोलिया और शिखा राजोरिया से भी पूछताछ की है। साइंस हाउस ग्रुप के संचालकों के एक पूर्व आईएएस अधिकारी से संबंधों की भी चर्चा रही हैं। बता दें कि साइंस हाउस मेडिकल प्राइवेट लिमिटेड का मुख्यालय भोपाल के गौतम नगर स्थित मकान नंबर सी-25 में वर्ष 1994 से संचालित हो रहा है। कंपनी मेडिकल उपकरणों की सप्लाई के साथ पैथोलॉजी लैब, निजी अस्पताल और डायग्नोस्टिक सेवाएं भी उपलब्ध कराती है।
करोड़ो की टैक्स चोरी की आशंका
सूत्रों के अनुसार, प्रारंभिक जांच में करोड़ों रुपये की टैक्स चोरी और अधिकारियों से मिलीभगत के सबूत सामने आए हैं। साथ ही इन पर चीन के मेडिकल उपकरण को मेन इन इंडिया का लेबल लगाकर महगें दामों पर सप्लाई करने भी आरोप है। कई सप्लायरों ने अलग-अलग नाम से फर्म बनाकर दवा सप्लाई में हेराफेरी की है। डायरी में भुगतान लेने वालों के नाम तक दर्ज पाए गए हैं। हालांकि, आईटी विभाग ने आधिकारिक तौर पर अभी कोई खुलासा नहीं किया है।
जानकार सूत्रों के अनुसार, भोपाल, इंदौर और मुंबई समेत देशभर में कई स्थानों पर छापे मारे गए हैं। अधिकारियों की टीम ने साइंस हाउस ग्रुप से जुड़े संचालक जितेंद्र तिवारी, सॉफ्टवेयर इंजीनियर रोहित गुप्ता, कंसल्टेंट दिनेश बारोलिया और शिखा राजोरिया से भी पूछताछ की है। साइंस हाउस ग्रुप के संचालकों के एक पूर्व आईएएस अधिकारी से संबंधों की भी चर्चा रही हैं। बता दें कि साइंस हाउस मेडिकल प्राइवेट लिमिटेड का मुख्यालय भोपाल के गौतम नगर स्थित मकान नंबर सी-25 में वर्ष 1994 से संचालित हो रहा है। कंपनी मेडिकल उपकरणों की सप्लाई के साथ पैथोलॉजी लैब, निजी अस्पताल और डायग्नोस्टिक सेवाएं भी उपलब्ध कराती है।
करोड़ो की टैक्स चोरी की आशंका
सूत्रों के अनुसार, प्रारंभिक जांच में करोड़ों रुपये की टैक्स चोरी और अधिकारियों से मिलीभगत के सबूत सामने आए हैं। साथ ही इन पर चीन के मेडिकल उपकरण को मेन इन इंडिया का लेबल लगाकर महगें दामों पर सप्लाई करने भी आरोप है। कई सप्लायरों ने अलग-अलग नाम से फर्म बनाकर दवा सप्लाई में हेराफेरी की है। डायरी में भुगतान लेने वालों के नाम तक दर्ज पाए गए हैं। हालांकि, आईटी विभाग ने आधिकारिक तौर पर अभी कोई खुलासा नहीं किया है।
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छापेमारी के दौरान तैनात जवान
- फोटो : अमर उजाला
दूसरे सप्लायरों के टेंडर पर भी उठ रहे सवाल
बताया जा रहा है कि कार्रवाई की जद में आए सप्लायरों में साइंस हाउस के जितेंद्र तिवारी, नीलम ट्रेडर्स के राजेश गुप्ता के अलावा कंथाली ट्रेडर्स के मनोज गुप्ता पर कार्रवाई जा रही है। इसके अलावा इंदौर डिसेंट प्राइवेट लिमिटेड के पाटीदार, इन लाइन ट्रेडर्स के अमित सक्सेना के टेंडर और सप्लाई पर सवाल उठ रहे हैं। इस कार्रवाई को हेल्थ कॉरपाेरेशन के टेंडर से भी जोड़ कर देखा जा रहा है। इन फर्मों के साथ एक वरिष्ठ आईएएस अधिकारी के नाम की भी चर्चा हो रही है। हालांकि, आईटी विभाग ने अभी इस संबंध में कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया है।
साइंस हाउस ग्रुप पर पहले भी हो चुकी है कार्रवाई
अनूपपुर जिले में स्वास्थ्य विभाग से जुड़ी खरीद-फरोख्त में साइंस हाउस और अनु सेल्स का बड़ा घोटाला सामने आया था। इस मामले में आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो (ईओडब्ल्यू) ने जांच में पाया कि स्वास्थ्य उपकरणों और दवाओं की आपूर्ति अत्यधिक कीमतों पर की गई थी। इस मामले में करोड़ों रुपये के गड़बड़ी की पुष्टि हुई है। ईओडब्ल्यू ने कार्रवाई करते हुए सप्लाई कंपनी के निदेशकों जितेंद्र तिवारी और शैलेंद्र तिवारी को गिरफ्तार किया था।
बताया जा रहा है कि कार्रवाई की जद में आए सप्लायरों में साइंस हाउस के जितेंद्र तिवारी, नीलम ट्रेडर्स के राजेश गुप्ता के अलावा कंथाली ट्रेडर्स के मनोज गुप्ता पर कार्रवाई जा रही है। इसके अलावा इंदौर डिसेंट प्राइवेट लिमिटेड के पाटीदार, इन लाइन ट्रेडर्स के अमित सक्सेना के टेंडर और सप्लाई पर सवाल उठ रहे हैं। इस कार्रवाई को हेल्थ कॉरपाेरेशन के टेंडर से भी जोड़ कर देखा जा रहा है। इन फर्मों के साथ एक वरिष्ठ आईएएस अधिकारी के नाम की भी चर्चा हो रही है। हालांकि, आईटी विभाग ने अभी इस संबंध में कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया है।
साइंस हाउस ग्रुप पर पहले भी हो चुकी है कार्रवाई
अनूपपुर जिले में स्वास्थ्य विभाग से जुड़ी खरीद-फरोख्त में साइंस हाउस और अनु सेल्स का बड़ा घोटाला सामने आया था। इस मामले में आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो (ईओडब्ल्यू) ने जांच में पाया कि स्वास्थ्य उपकरणों और दवाओं की आपूर्ति अत्यधिक कीमतों पर की गई थी। इस मामले में करोड़ों रुपये के गड़बड़ी की पुष्टि हुई है। ईओडब्ल्यू ने कार्रवाई करते हुए सप्लाई कंपनी के निदेशकों जितेंद्र तिवारी और शैलेंद्र तिवारी को गिरफ्तार किया था।
भोपाल में रेड की कार्रवाई
- फोटो : अमर उजाला
ईओडब्ल्यू पूरे परिवार को बना चुका है आरोपी
गौतम नगर में साइंस हाउस संचालित करने वाले जितेन्द्र तिवारी दवा और मेडिकल उपकरण सप्लाईकर्ता करते हैं। साइंस हाउस मेडिकल प्राइवेट लिमिटेड में ईओडब्ल्यू ने वर्ष 2024 में पूरे परिवार को आरोपी बनाया था। इसके डायरेक्टर्स में सुनैना पति शैलेंद्र तिवारी और जितेंद्र तिवारी, मेसर्स अनुसेल्स कॉरपोरेशन की प्रोप्राइटर अनुजा तिवारी पति जितेंद्र तिवारी और शैलेंद्र तिवारी पिता महेश बाबू शर्मा समेत मेसर्स सिन्को इंडिया के महेश बाबू शर्मा को ईओडब्ल्यू ने आरोपी बनाया था। मामला एक ही परिवार की तीन अलग-अलग फार्म द्वारा अनूपपुर जिले में करोड़ों के मेडिकल उपकरण और मेडिकल किट सप्लाई के टेंडर में छेड़छाड़ कर ठेका लेकर शासन को हानि पहुंचाने का है। ईओडब्ल्यू ने आरोपियों के भोपाल के गौतम नगर के आवास और कार्यालय की जांच में खरीदी से संबंधित दस्तावेजों की जानकारी मिली थी। यहां से कंप्यूटर की हार्ड डिस्क भी जब्त की गई थी। जांच में पता चला कि आरोपियों ने एलयूएन से अधिक दर पर अनूपपुर सीएमएचओ कार्यालय में दवाओं और उपकरणों की सप्लाई की है।
टेंडर में गड़बड़ी कर लंबा खेल किया
वर्ष 2019-20 में अनूपपुर जिले में दवा व मेडिकल उपकरण खरीदी में गड़बड़ी की गई। इस मामले में ईओडब्ल्यू ने प्रकरण दर्ज किया। इसमें तत्कालीन अनूपपुर सीएमएचओ डॉ. बीडी सोनवानी, क्रय समिति अध्यक्ष व तत्कालीन अपर कलेक्टर समेत समिति में शामिल डॉक्टरों को आरोपी बनाया गया था। जांच में खुलासा हुआ कि बिड में गड़बड़ी कर कंपनियों ने प्रस्ताव पास कराया। जितेंद्र तिवारी के पिता विदिशा जिले में लेक्चरर रहे हैं। विदिशा में स्कूली शिक्षा प्राप्त करने के बाद सभी भोपाल आ गए और दवाओं के कारोबार में शामिल हो गए। जितेंद्र तिवारी ने भारी भरकम निवेश भी रियल एस्टेट सेक्टर में प्रॉपर्टी बनाने में किया है।
गौतम नगर में साइंस हाउस संचालित करने वाले जितेन्द्र तिवारी दवा और मेडिकल उपकरण सप्लाईकर्ता करते हैं। साइंस हाउस मेडिकल प्राइवेट लिमिटेड में ईओडब्ल्यू ने वर्ष 2024 में पूरे परिवार को आरोपी बनाया था। इसके डायरेक्टर्स में सुनैना पति शैलेंद्र तिवारी और जितेंद्र तिवारी, मेसर्स अनुसेल्स कॉरपोरेशन की प्रोप्राइटर अनुजा तिवारी पति जितेंद्र तिवारी और शैलेंद्र तिवारी पिता महेश बाबू शर्मा समेत मेसर्स सिन्को इंडिया के महेश बाबू शर्मा को ईओडब्ल्यू ने आरोपी बनाया था। मामला एक ही परिवार की तीन अलग-अलग फार्म द्वारा अनूपपुर जिले में करोड़ों के मेडिकल उपकरण और मेडिकल किट सप्लाई के टेंडर में छेड़छाड़ कर ठेका लेकर शासन को हानि पहुंचाने का है। ईओडब्ल्यू ने आरोपियों के भोपाल के गौतम नगर के आवास और कार्यालय की जांच में खरीदी से संबंधित दस्तावेजों की जानकारी मिली थी। यहां से कंप्यूटर की हार्ड डिस्क भी जब्त की गई थी। जांच में पता चला कि आरोपियों ने एलयूएन से अधिक दर पर अनूपपुर सीएमएचओ कार्यालय में दवाओं और उपकरणों की सप्लाई की है।
टेंडर में गड़बड़ी कर लंबा खेल किया
वर्ष 2019-20 में अनूपपुर जिले में दवा व मेडिकल उपकरण खरीदी में गड़बड़ी की गई। इस मामले में ईओडब्ल्यू ने प्रकरण दर्ज किया। इसमें तत्कालीन अनूपपुर सीएमएचओ डॉ. बीडी सोनवानी, क्रय समिति अध्यक्ष व तत्कालीन अपर कलेक्टर समेत समिति में शामिल डॉक्टरों को आरोपी बनाया गया था। जांच में खुलासा हुआ कि बिड में गड़बड़ी कर कंपनियों ने प्रस्ताव पास कराया। जितेंद्र तिवारी के पिता विदिशा जिले में लेक्चरर रहे हैं। विदिशा में स्कूली शिक्षा प्राप्त करने के बाद सभी भोपाल आ गए और दवाओं के कारोबार में शामिल हो गए। जितेंद्र तिवारी ने भारी भरकम निवेश भी रियल एस्टेट सेक्टर में प्रॉपर्टी बनाने में किया है।

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