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इंदौर की 400 आंगनवाडिय़ों में काम बंद, बच्चों और गर्भवती महिलाओं को नहीं मिलेगा पोषण
न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
Published by: अर्जुन रिछारिया
Updated Tue, 24 Jan 2023 06:45 PM IST
सार
वेतनवृद्धि और नियमितिकरण के लिए घेरा कलेक्टर कार्यालय, सरकार को 28 जनवरी तक का दिया अल्टीमेटम, कहा- मांगें नहीं मानी तो अनिश्चितकालीन हो जाएगी हड़ताल
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वेतनवृद्धि और नियमितिकरण के लिए घेरा कलेक्टर कार्यालय
- फोटो : अमर उजाला, इंदौर
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प्रदेश में पोषण, स्वास्थ्य और शिक्षा की कमान संभालने वाली आंगनवाडिय़ां प्रदेश सरकार की बेरुखी से पस्त हो रही हैं। प्रदेश में आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं के प्रदर्शन थमने का नाम नहीं ले रहे हैं। कुछ समय पहले पूरे प्रदेश के आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं ने भोपाल जाकर प्रदर्शन किया था लेकिन उसके बाद भी उनकी परेशानियों का हल नहीं निकला। इसी क्रम में इंदौर में एक बार फिर से कार्यकर्ताओं ने हड़ताल कर दी है।
भारतीय मजदूर संघ के बैनर तले हो रहा प्रदर्शन
इंदौर की आंगनवाडिय़ों में तीन समूह हैं जो वर्कर के हित में मांग रखते हैं। यह प्रदर्शन भारतीय मजदूर संघ के बैनर तले हो रहा है जिससे सबसे अधिक वर्कर जुड़े हैं। मंगलवार को कलेक्टर कार्यालय पर इंदौर की 400 से अधिक आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया। उनकी मांग है कि उन्हें नियमित किया जाए और मासिक भत्ता बढ़ाया जाए।
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वेतनवृद्धि और नियमितिकरण के लिए घेरा कलेक्टर कार्यालय
- फोटो : अमर उजाला, इंदौर
तीन महीने से नहीं मिला वेतन
प्रदर्शन कर रहीं आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं का कहना है कि पिछले तीन महीने से उन्हें वेतन नहीं दिया गया है। उनका कहना है कि वे सबसे ज्यादा काम करती हैं लेकिन सबसे कम वेतन है। जनगणना हो, कोविड के दौरान सर्वे, बच्चों को पोषण आहार, टीकाकरण, प्रसूताओं को पोषण शिक्षण और चुनाव के दौरान मतदाताओं की सूची बनाने जैसे सभी काम वे कर रही हैं। उनका कहना है कि वे अपने विभाग के साथ 12 विभागों के कामों में मदद कर रही हैं। कलेक्टर कार्यालय के बाहर अपनी मांगों को लेकर अब ये पांच दिवसीय हड़ताल पर बैठी हैं।
कई साल से सुनवाई नहीं, बंद की आंगनवाड़ी
इन आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं का कहना है कि हम कई साल से मांग कर रहे हैं लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही है। इस वजह से अब वे हड़ताल पर उतरी हैं और उन्होंने आंगनवाड़ी पूरी तरह से बंद कर दी है।
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वेतनवृद्धि और नियमितिकरण के लिए घेरा कलेक्टर कार्यालय
- फोटो : अमर उजाला, इंदौर
18 हजार मानदेय करने की मांग
इन्होंने अभी छह दिन के लिए प्रतीकात्मक हड़ताल की है। इनका कहना है कि आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को नियमित नहीं किया तो हड़ताल अनिश्चितकाल के लिए बढ़ जाएगी। वहीं मानदेय 18 हजार रुपए करना होगा। 19 सूत्री मांगों को लेकर 400 से अधिक महिलाएं हड़ताल कर रही हैं।
कविता और भजन में किया विरोध
विरोध प्रदर्शन के दौरान महिलाओं ने कविता और भजनों के माध्यम से मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को सद्बुद्धि देने का अव्हान किया। इसके साथ स्लोगन के पोस्टरों से भी विरोध किया।
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