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उज्जैन का गौरव दिवस: मध्य प्रदेश के गौरव को नए आयाम देगी महाकाल मंदिर परिसर विस्तार योजना
Sat, 02 Apr 2022 05:08 PM IST
दिनेश शर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उज्जैन
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उज्जैन
Published by: दिनेश शर्मा
Updated Sat, 02 Apr 2022 05:08 PM IST
सार
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की नगरों और गांवों के विकास में जनभागीदारी की परिकल्पना ने गौरव दिवस के नवाचार को जन्म दिया। इसके अंतर्गत 2 अप्रैल, हिन्दू नव वर्ष पर महाकाल की नगरी अपना गौरव दिवस मना रही है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रदेश की धार्मिक, आध्यात्मिक और सांस्कृतिक विरासत का प्रतिनिधित्व करने वाली महाकाल की नगरी आने वाले समय में मध्य प्रदेश के गौरव को नए आयाम देने जा रही है।
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2 अप्रैल को महाकाल की नगरी अपना गौरव दिवस मना रही है।
- फोटो : सोशल मीडिया
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मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की नगरों और गांवों के विकास में जनभागीदारी की परिकल्पना ने गौरव दिवस के नवाचार को जन्म दिया। इसके अंतर्गत 2 अप्रैल, हिन्दू नव वर्ष पर महाकाल की नगरी अपना गौरव दिवस मना रही है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रदेश की धार्मिक, आध्यात्मिक और सांस्कृतिक विरासत का प्रतिनिधित्व करने वाली महाकाल की नगरी आने वाले समय में मध्य प्रदेश के गौरव को नए आयाम देने जा रही है।
725 करोड़ रुपये की मंदिर विस्तार योजना के अंतर्गत बाबा महाकाल के परिसर को सजाया और संवारा जा रहा है।
- फोटो : फाइल फोटो
आठ गुना बड़ा एवं खूबसूरत बनाया जा रहा महाकाल मंदिर
विश्व प्रसिद्ध महाकाल मंदिर परिसर जल्द ही नए स्वरूप में नजर आएगा। 725 करोड़ रुपये की मंदिर विस्तार योजना के अंतर्गत बाबा महाकाल के परिसर को सजाया और संवारा जा रहा है। इस योजना के पहले चरण का काम लगभग पूरा हो गया है। महाशिवरात्रि के अवसर पर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने प्रथम चरण के कार्यों का अवलोकन भी किया था। इस विस्तार योजना के तहत महाकाल मंदिर क्षेत्र को आठ गुना बड़ा एवं खूबसूरत बनाया जा रहा है। त्रिवेणी संग्रहालय के पीछे मंदिर में प्रवेश के लिए दो नए भव्य प्रवेश द्वार, 920 मीटर लंबा खूबसूरत कॉरिडोर, हार-फूल-प्रसाद, श्रृंगार की दुकानें, टिकट काउंटर और सोलर सिस्टम युक्त सरफेस पार्किंग जोन का निर्माण पूरा होने वाला है।
कॉरिडोर के पास स्थापित पत्थर एवं फाइबर रेनफोर्स प्लास्टिक से बनीं भगवान शिव और अन्य देवी देवताओं की विशाल 127 मूर्तियों का रंग-रोगन जारी है। सप्त सागरों में शुमार प्राचीन रुद्रसागर की सफाई का कार्य भी शुरू हो गया है। 15 अप्रैल के बाद इसमें नर्मदा- क्षिप्रा नदी का जल भरा जाएगा। नीलकंठ वन का निर्माण कार्य भी जल्द ही शुरू होने वाला है। लोकार्पण के बाद सभी श्रद्धालुओं को यहां स्थापित देवी-देवताओं की विशाल मूर्तियां करीब से देखने को मिलेंगी। 920 मीटर लंबा पाथवे, जिसके एक ओर 108 आकर्षक खंभे, दूसरी ओर इतनी ही लंबी लगभग 15 फीट ऊंची दीवार पर शिव महापुराण में उल्लेखित देवी-देवताओं के भित्ती चित्र देखने को मिलेंगे।
विश्व प्रसिद्ध महाकाल मंदिर परिसर जल्द ही नए स्वरूप में नजर आएगा। 725 करोड़ रुपये की मंदिर विस्तार योजना के अंतर्गत बाबा महाकाल के परिसर को सजाया और संवारा जा रहा है। इस योजना के पहले चरण का काम लगभग पूरा हो गया है। महाशिवरात्रि के अवसर पर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने प्रथम चरण के कार्यों का अवलोकन भी किया था। इस विस्तार योजना के तहत महाकाल मंदिर क्षेत्र को आठ गुना बड़ा एवं खूबसूरत बनाया जा रहा है। त्रिवेणी संग्रहालय के पीछे मंदिर में प्रवेश के लिए दो नए भव्य प्रवेश द्वार, 920 मीटर लंबा खूबसूरत कॉरिडोर, हार-फूल-प्रसाद, श्रृंगार की दुकानें, टिकट काउंटर और सोलर सिस्टम युक्त सरफेस पार्किंग जोन का निर्माण पूरा होने वाला है।
कॉरिडोर के पास स्थापित पत्थर एवं फाइबर रेनफोर्स प्लास्टिक से बनीं भगवान शिव और अन्य देवी देवताओं की विशाल 127 मूर्तियों का रंग-रोगन जारी है। सप्त सागरों में शुमार प्राचीन रुद्रसागर की सफाई का कार्य भी शुरू हो गया है। 15 अप्रैल के बाद इसमें नर्मदा- क्षिप्रा नदी का जल भरा जाएगा। नीलकंठ वन का निर्माण कार्य भी जल्द ही शुरू होने वाला है। लोकार्पण के बाद सभी श्रद्धालुओं को यहां स्थापित देवी-देवताओं की विशाल मूर्तियां करीब से देखने को मिलेंगी। 920 मीटर लंबा पाथवे, जिसके एक ओर 108 आकर्षक खंभे, दूसरी ओर इतनी ही लंबी लगभग 15 फीट ऊंची दीवार पर शिव महापुराण में उल्लेखित देवी-देवताओं के भित्ती चित्र देखने को मिलेंगे।
योजना के पहले चरण का काम लगभग पूरा हो गया है।
- फोटो : फाइल फोटो
जल्द शुरू होगा दूसरे चरण का विकास कार्य
महाकाल महाराज मन्दिर परिसर विस्तार योजना के द्वितीय चरण के कार्य शीघ्र शुरू होंगे। दूसरे चरण में महाराजवाड़ा परिसर को हैरिटेज धर्मशाला के रूप में विकसित किया जाना है। महाराजवाड़ा और मन्दिर के बीच के हिस्से को भी मन्दिर परिसर में शामिल किया जाएगा। रूद्र सागर के पूर्ण रूप से सूख जाने पर उसमें क्षिप्रा नदी से जल लाने की व्यवस्था की जाएगी। इसके आसपास लगभग 1500 वृक्ष भी लगाए जाएंगे। महाकाल मन्दिर परिसर विस्तारीकरण अंतर्गत क्षेत्र के शासकीय विद्यालयों को अन्यत्र शिफ्ट कर दिया गया है। महाकाल मन्दिर का नवीन प्रतीक्षालय मन्दिर प्रांगण में स्थित होगा। रूद्र सागर में म्युजिकल फाउंटेन लगाया जाएगा। मंदिर विस्तार योजना का कार्य पूरा होने पर महाकाल मंदिर परिसर काशी विश्वनाथ कॉरिडोर से भी चार गुना बड़ा हो जाएगा।
महाकाल महाराज मन्दिर परिसर विस्तार योजना के द्वितीय चरण के कार्य शीघ्र शुरू होंगे। दूसरे चरण में महाराजवाड़ा परिसर को हैरिटेज धर्मशाला के रूप में विकसित किया जाना है। महाराजवाड़ा और मन्दिर के बीच के हिस्से को भी मन्दिर परिसर में शामिल किया जाएगा। रूद्र सागर के पूर्ण रूप से सूख जाने पर उसमें क्षिप्रा नदी से जल लाने की व्यवस्था की जाएगी। इसके आसपास लगभग 1500 वृक्ष भी लगाए जाएंगे। महाकाल मन्दिर परिसर विस्तारीकरण अंतर्गत क्षेत्र के शासकीय विद्यालयों को अन्यत्र शिफ्ट कर दिया गया है। महाकाल मन्दिर का नवीन प्रतीक्षालय मन्दिर प्रांगण में स्थित होगा। रूद्र सागर में म्युजिकल फाउंटेन लगाया जाएगा। मंदिर विस्तार योजना का कार्य पूरा होने पर महाकाल मंदिर परिसर काशी विश्वनाथ कॉरिडोर से भी चार गुना बड़ा हो जाएगा।
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मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने प्रथम चरण के कार्यों का अवलोकन भी किया था।
- फोटो : फाइल फोटो
महाकाल नगरी में श्रद्धालुओं के लिए एयर टैक्सी
महाकाल की नगरी उज्जैन में देश-विदेश से लाखों श्रद्धालु बाबा महाकाल के दर्शन करने आते हैं। आने वाले पर्यटकों की सुविधाओं को ध्यान में रखने हुए जल्द ही उज्जैन में एयर टैक्सी भी चलेगी। 30 से 40 किलोमीटर तक श्रद्धालु एयर टैक्सी के जरिए मंदिर जा सकेंगे इसके साथ ही उज्जैन के बस पार्किंग प्लाजा को एयरपोर्ट जैसा बनाया जाएगा। यहां मल्टीलेवल पार्किंग भी बनाई जाएगी।
महाकाल की नगरी उज्जैन में देश-विदेश से लाखों श्रद्धालु बाबा महाकाल के दर्शन करने आते हैं। आने वाले पर्यटकों की सुविधाओं को ध्यान में रखने हुए जल्द ही उज्जैन में एयर टैक्सी भी चलेगी। 30 से 40 किलोमीटर तक श्रद्धालु एयर टैक्सी के जरिए मंदिर जा सकेंगे इसके साथ ही उज्जैन के बस पार्किंग प्लाजा को एयरपोर्ट जैसा बनाया जाएगा। यहां मल्टीलेवल पार्किंग भी बनाई जाएगी।
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शिप्रा नदी के किनारे बसे उज्जैन में पुन: उद्योगों की स्थापना हो रही है।
- फोटो : फाइल फोटो
उज्जैन फिर से बनेगा टेक्सटाइल हब
किसी समय उज्जैन टेक्सटाइल्स हब के रूप में जाना जाता था। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के नेतृत्व में उज्जैन में पुन: उद्योगों की स्थापना हो रही है। गौरव दिवस के मनाने के साथ ही प्रतिभा सिंटेक्स फैक्ट्री का भूमिपूजन हो रहा है। फैक्ट्री की स्थापना से लगभग पांच हजार लोगों को सीधे रोजगार उपलब्ध होगा। उज्जैन में लगभग 300 एकड़ में मेडिकल डिवाइस पार्क की स्थापना भी की जा रही है।
किसी समय उज्जैन टेक्सटाइल्स हब के रूप में जाना जाता था। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के नेतृत्व में उज्जैन में पुन: उद्योगों की स्थापना हो रही है। गौरव दिवस के मनाने के साथ ही प्रतिभा सिंटेक्स फैक्ट्री का भूमिपूजन हो रहा है। फैक्ट्री की स्थापना से लगभग पांच हजार लोगों को सीधे रोजगार उपलब्ध होगा। उज्जैन में लगभग 300 एकड़ में मेडिकल डिवाइस पार्क की स्थापना भी की जा रही है।
