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क से काबा: म से मस्जिद और न से नमाज, एमपी के इस स्कूल में बच्चों को पढ़ाया जा रहा ऐसा ओलम; जानें क्या है मामला

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रायसेन Published by: उदित दीक्षित Updated Sat, 09 Aug 2025 08:53 PM IST
सार

रायसेन में निजी स्कूल में नर्सरी के बच्चों को 'क से काबा', 'म से मस्जिद' और 'न से नमाज' पढ़ाने पर विवाद हो गया। विद्यार्थी परिषद ने अभिभावकों के साथ मिलकर स्कूल के बाहर विरोध प्रदर्शन किया और कार्रवाई की मांग की।

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Controversy Over Religious Alphabet Teaching in Raisen School
हिंदी की किताब पर विवाद। - फोटो : अमर उजाला

मध्य प्रदेश के रायसेन जिले के एक निजी स्कूल में नर्सरी के विद्यार्थियों को 'न से नमाज', 'म से मस्जिद' और 'क से काबा' पढ़ाया जा रहा है। अभिभावक को इसकी जानकारी लगी तो उन्होंने विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ताओं को सूचना दी। इसके बाद विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ता नारेबाजी करते हुए वार्ड-2 स्थित बेबी कॉन्वेंट स्कूल पहुंचे और विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान कई अभिभावक भी मौजूद रहे। विरोध के बाद स्कूल की प्राचार्य ईए कुरैशी ने गलती स्वीकार की। उन्होंने कहा कि यह पट्टी पहाड़ा भोपाल से मंगवाया गया था। इसकी केवल एक ही कॉपी थी। 

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Controversy Over Religious Alphabet Teaching in Raisen School
किताब में लिखा म से मस्जिद। - फोटो : अमर उजाला

जानकारी के अनुसार, स्कूल की नर्सरी कक्षा में पढ़ने वाली एक छात्रा के चाचा ने हिंदी पट्टी पहाड़े की किताब देखी तो उसमें ‘औ से औरत (हिजाब में)’ लिखा देखा। आगे पन्ने पलटने पर ‘क से कबूतर’ की जगह ‘क से काबा’, ‘म से मछली’ की जगह ‘म से मस्जिद’ और ‘न से नल’ की जगह ‘न से नमाज’ लिखा था। इसके बाद परिजनों ने विद्यार्थी परिषद को इसकी जानकारी दी। विद्यार्थी परिषद के जिला संयोजक अश्विनी पटेल सहित अन्य कार्यकर्ताओं ने स्कूल में पहुंचकर विरोध किया। उन्होंने आरोप लगाया कि यह सनातन और हिंदुत्व के खिलाफ षड्यंत्र है, छोटे बच्चों को गलत शिक्षा दी जा रही है। पटेल ने कहा, हमने बचपन में क से कबूतर और म से मछली पढ़ा था। इस पर प्राचार्य ने जवाब दिया कि ‘म से मंदिर’ के साथ ‘म से मस्जिद’ भी पढ़ाया जा सकता है, जिसके बाद कार्यकर्ता और आक्रोशित हो गए।


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Controversy Over Religious Alphabet Teaching in Raisen School
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ताओं ने किया हंगामा। - फोटो : अमर उजाला

कार्रवाई की मांग, मौके पर पहुंची पुलिस 
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के जिला संयोजक अश्विनी पटेल ने  जिला शिक्षा अधिकारी से फोन पर बात कर स्कूल की मान्यता रद्द करने की मांग की। वहीं, प्रदर्शन की सूचना पर कोतवाली प्रभारी नरेंद्र गोयल मौके पर पहुंचे और स्थिति शांत कराई। उन्होंने विद्यार्थी परिषद को थाने और जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय में आवेदन देने को कहा।

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Controversy Over Religious Alphabet Teaching in Raisen School
सूचना पर पहुंची पुलिस। - फोटो : अमर उजाला
जांच के बाद कार्रवाई की जाएगी
सहायक संचालक, शिक्षा डीडी रजक ने बताया कि मामला संज्ञान में आया है। जांच के लिए तीन सदस्यीय समिति गठित की गई है। जिस प्रिंटिंग प्रेस से यह पट्टी पहाड़ा छपा है, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। साथ ही स्कूल प्रबंधन को नोटिस भेजा जा रहा है। जांच में आरोप सही पाए जाने पर बेबी कॉन्वेंट स्कूल की मान्यता रद्द करने की कार्रवाई की जाएगी।

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