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Mahakal Lok: सप्तऋषि की प्रतिमाएं पार्किंग में रखवाईं, मूर्तियों का बेस कमजोर था इसीलिए तिनके की तरह उड़ गईं

Mon, 29 May 2023 10:51 PM IST
दिनेश शर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उज्जैन
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उज्जैन Published by: दिनेश शर्मा Updated Mon, 29 May 2023 10:51 PM IST
सार

कांग्रेस के पदाधिकारियों ने महाकाल लोक में सप्तऋषि की प्रतिमाएं टूटने के साथ ही इस पूरे मामले में भ्रष्टाचार होने के आरोप लगाते हुए उच्च स्तरीय जांच किए जाने की मांग कर दी।

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Mahakal Lok: The idols of Saptarishi were kept in the parking lot, the base of the idols was weak
सप्तऋषि की प्रतिमाओं को पार्किंग में रखकर ढंक दिया गया है - फोटो : अमर उजाला
11 अक्टूबर 2022 को महाकाल लोक का लोकार्पण कर इसे देश को समर्पित करने वाले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी शायद यह नहीं सोचा होगा कि महज सात माह बाद ही ऐसी आंधी चलेगी, जब भव्य और दिव्य दिखने वाले महाकाल लोक की प्रतिमाएं तिनके की तरह उड़ जाएंगी। रविवार को आखिर वह दिन आ ही गया, जब महाकाल लोक में हुए घटिया निर्माण कार्य की पोल खुल गई। कांग्रेस के पदाधिकारियों ने महाकाल लोक में सप्तऋषि की प्रतिमाएं टूटने के साथ ही इस पूरे मामले में भ्रष्टाचार होने के आरोप लगाते हुए उच्च स्तरीय जांच किए जाने की मांग कर दी।


सोमवार को इस पूरे मामले में प्रशासनिक अधिकारियों ने तो चुप्पी साधे रखी, लेकिन इस तरह के पूरे प्रयास किए गए जिससे कि इस मामले को जल्द से जल्द भुलाया जा सके। अमर उजाला की टीम सोमवार को जब महाकाल लोक पहुंची तो उन्हें पता चला कि यहां लगी सप्तऋषि की प्रतिमाएं नदारद हैं। उन्होंने तुरंत इन प्रतिमाओं की जानकारी जुटाई तो पता चला कि जिम्मेदारों ने सभी सप्तऋषि की प्रतिमाओं को यहां से हटाकर महाकाल लोक की पार्किंग के पीछे छिपा दिया है और इन प्रतिमाओं को ग्रीन नेट से ढंक दिया गया है। जिससे कि किसी को भी इन प्रतिमाओं की जानकारी नहीं मिल सके। अमर उजाला की टीम उस स्थान पर पहुंची जहां उन्होंने खंडित हो गई प्रतिमाओं को देखा। याद रहे कि रविवार तक जिम्मेदार अधिकारी सिर्फ एक से दो प्रतिमाओं के टूटने की बात कर रहे थे लेकिन हमने बताया था कि इस आंधी तूफान के दौरान एक प्रतिमा की गर्दन टूट गई है। जबकि 2 प्रतिमाओं के हाथ अलग हो गए हैं। जबकि अन्य तीन प्रतिमाओं में भी क्षति पहुंची है। जिसे भी सुधारने की आवश्यकता है। इस बात को जिम्मेदारों ने उस समय सही साबित कर दिया, जब सप्तऋषि की सातों प्रतिमाओं को महाकाल लोक से हटाकर पार्किंग में रख दिया गया था।
 
Mahakal Lok: The idols of Saptarishi were kept in the parking lot, the base of the idols was weak
महाकाल लोक के सप्तऋषि मंडल से गायब थी आज प्रतिमाएं - फोटो : अमर उजाला
यह कैसी 10 साल की गारंटी
सोमवार को गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा ने यह कहकर एफआरसी की प्रतिमाओं को बनाने वाली गुजरात की एमपी बावरिया कंपनी का बचाव करने का प्रयास किया था कि जिस कंपनी ने इन प्रतिमाओं को बनाया है। उसकी गारंटी है कि यह प्रतिमाएं 10 साल तक खराब नहीं होंगी और अगर कोई दिक्कत आती है तो यह कंपनी इसका मेंटेनेंस करेगी। 

कमल सरोवर की प्रतिमाओ का भी फीका पड़ने लगा है रंग
महाकाल लोक की स्थिति यह है कि सिर्फ सप्तऋषि की प्रतिमा ही नहीं, महाकाल लोक में लगी कई प्रतिमाओं का रंग फीका पड़ चुका है। बताया जाता है कि महाकाल लोक मे कमल सरोवर पर लगी भगवान शिव की प्रतिमा और आसपास लगे शेर का रंग उड़ने के साथ ही यह प्रतिमाएं भी खराब दिखाई देने लगी हैं। रात्रि की लाइट की चकाचौंध में भले ही किसी को यह नजर नहीं आए, लेकिन दिन के उजाले में इन खराब प्रतिमाओं को आसानी से देखा जा सकता है।

यह है सप्त ऋषि
बताया जाता है कि महाकाल लोक में सप्तऋषि की प्रतिमाएं लगाई गई थीं जो कि ऋषि वशिष्ठ, ऋषि विश्वामित्र, ऋषि कण्व, ऋषि भारद्वाज, ऋषि अत्री, ऋषि वामदेव और ऋषि सुनक की है।
 
Mahakal Lok: The idols of Saptarishi were kept in the parking lot, the base of the idols was weak
महाकाल लोक में अधिकारियों के साथ पहुंचे थे प्रभारी मंत्री जगदीश देवड़ा - फोटो : अमर उजाला
एक्सपर्ट बोले- मूर्तियों का बेस था कमजोर
फाइबर रिइंफोर्स प्लास्टिक (एफआरपी) की मूर्तियों के महाकाल लोक में टूटने की घटना को लेकर जब शहर की उज्जैनी शिल्प के संचालक शिरीष वाडिया और रघुनंदन नरवरिया से चर्चा की गई तो उनका कहना था कि हमने महाकाल लोक जाकर तो इन प्रतिमाओं को नहीं देखा है, लेकिन जो वीडियो और फोटो हमारे सामने आए हैं उसे देखकर हम यह जरूर कह सकते हैं कि इन मूर्तियों का बेस कमजोर था। एफआरपी से बनी मूर्तियों में अच्छे मटेरियल का इस्तेमाल होना चाहिए। जिससे ही इसकी मजबूती बनी रहती है। सप्तऋषि की मूर्तियों के टूटने और उड़ने के बारे में आपने बताया कि मूर्तियों की बनावट ऐसी नहीं थी कि वह 30 से 50 किलोमीटर की रफ्तार की हवा के प्रेशर को झेल जातीं इसीलिए यह मूर्तियां उड़ गईं। आपने बताया कि हम भी एफआरपी की मूर्तियों का निर्माण करते हैं, लेकिन शहर ही नहीं बल्कि अन्य प्रदेशों में लगी एक भी मूर्ति में आज तक हमें ऐसी कोई समस्या देखने को नहीं मिली है।

तकनीकी कमी से गिरी महाकाल लोक की मूर्तियां : प्रभारी मंत्री
कांग्रेस के भ्रष्टाचार के आरोप पर प्रभारी मंत्री देवड़ा ने कहा इसमें कोई भ्रष्टाचार वाली बात नहीं है अचानक आपदा से पुराने पेड़ हिल गए नुकसान हुआ है। तकनीकी कोई दिक्कत होगी तो दूर करेंगे। सारे ठेकेदारों को बुलाया है, उनके साथ बात कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पहले खुद अपने गिरेबान में झांककर देखें उसके बाद बात करें। प्रभारी मंत्री ने कहा इतना बड़ा काम हुआ है तो कांग्रेस इस पर भी राजनीति कर रही है। प्राकृतिक आपदा पर भी कोई राजनीति कर रहा है तो मुझे लगता है कि इससे ज्यादा घटिया विचार नहीं हो सकता।
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