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श्रावण के पहले चौंके लोग!: नागपंचमी से ठीक पहले कुसुमेश्वर महादेव मंदिर मे शिवलिंग पर दिखाई दिए नागराज
Thu, 13 Aug 2026 01:02 PM IST
उज्जैन ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उज्जैन
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उज्जैन
Published by: उज्जैन ब्यूरो
Updated Thu, 13 Aug 2026 01:02 PM IST
सार
उज्जैन के कुसुमेश्वर महादेव मंदिर में हरियाली अमावस्या की रात आरती के बाद हवन कुंड के पास विशाल कोबरा दिखाई दिया। मंदिर पुजारी ने सर्पमित्र को सूचना दी। सर्पमित्र ने सुरक्षित रेस्क्यू कर नागराज को जंगल में छोड़ दिया। सावन में श्रद्धालुओं ने इसे आस्था से जोड़ा।
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कुसुमेश्वर महादेव मंदिर मे शिवलिंग पर दिखाई दिए नागराज
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विस्तार
पवित्र श्रावण माह और आगामी नागपंचमी पर्व से ठीक पहले बाबा महाकाल की नगरी उज्जैन में एक अद्भुत और आस्था से भरा दृश्य देखने को मिला। नगर के प्रसिद्ध राम जनार्दन मंदिर परिसर स्थित 38वें 84 महादेव कुसुमेश्वर महादेव मंदिर में हरियाली अमावस्या की रात आरती के बाद अचानक एक विशाल कोबरा सांप (नागराज) प्रकट हो गया। सावन के महीने में सीधे महादेव के दरबार में नागराज के दर्शन को श्रद्धालु किसी चमत्कार से कम नहीं मान रहे हैं।
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घटना हरियाली अमावस्या की रात की है। मंदिर के पंडित गौरव विश्वनाथ मिश्रा ने बताया कि रात की आरती संपन्न होने के बाद वे मंदिर परिसर में मौजूद थे। उसी दौरान उनकी नजर हवन कुंड के पास बैठी नागराज की मनमोहक और अद्भुत छवि पर पड़ी। पंडित मिश्रा ने बताया कि मंदिर परिसर में इस प्रकार किसी सांप के प्रवेश की यह पहली घटना है। उस समय मंदिर के द्वार और अलमारियां खुली थीं, जिसे देखते हुए उन्होंने बिना किसी देरी के नागराज की सुरक्षा और मंदिर की व्यवस्था को ध्यान में रखकर सर्पमित्र से संपर्क करने का फैसला किया।
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पंडित गौरव मिश्रा ने तत्काल इंस्टाग्राम के माध्यम से सर्पमित्र राहुल का संपर्क नंबर निकाला और उन्हें फोन कर स्थिति की जानकारी दी। सूचना मिलते ही सर्पमित्र राहुल तुरंत कुसुमेश्वर महादेव मंदिर पहुंचे। उन्होंने बड़ी ही सतर्कता और सुरक्षित तरीके से कोबरा का रेस्क्यू किया और बाद में उसे सुरक्षित जंगल में छोड़ दिया।
सावन और बारिश के कारण निकल रहे हैं सर्प
सर्पमित्र राहुल ने बताया कि सावन के पवित्र महीने में हो रही निरंतर बारिश और मौसम में आ रहे बदलावों के कारण सांप अपने बिलों से बाहर निकल रहे हैं। उन्होंने बताया कि इस श्रावण सीजन में उज्जैन जिले और आसपास के क्षेत्रों से अब तक करीब 200 से अधिक सांपों का सुरक्षित रेस्क्यू कर उन्हें जंगलों में पुनः छोड़ा जा चुका है। नागपंचमी के ठीक पहले भगवान कुसुमेश्वर महादेव के आंगन में नागराज की इस मौजूदगी ने श्रद्धालुओं के दिलों में भक्ति और कौतूहल का भाव जगा दिया है।
