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पायलट प्रोजेक्ट: MP में नौवीं के छात्रों के लिए हॉलिस्टिक प्रोग्रेस कार्ड व्यवस्था लागू, CBSE की तर्ज पर बदलाव

Thu, 13 Aug 2026 01:39 PM IST
दिनेश शर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल Published by: दिनेश शर्मा Updated Thu, 13 Aug 2026 01:39 PM IST
सार

मध्यप्रदेश में कक्षा नौवीं के विद्यार्थियों के मूल्यांकन के लिए सीबीएसई की तर्ज पर हॉलिस्टिक प्रोग्रेस कार्ड लागू किया गया है। पायलट प्रोजेक्ट में कौशल, व्यवहार और गतिविधियों को भी आकलन में शामिल किया जाएगा। वहीं, जबलपुर में शिक्षकों को सुबह 10:30 बजे से पहले ई-अटेंडेंस दर्ज करना अनिवार्य किया गया है।

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Pilot project: MP implements holistic progress card system for ninth-grade students, following CBSE model
एमपी में 'हॉलिस्टिक प्रोग्रेस कार्ड' (एचपीसी) को पायलट प्रोजेक्ट के रूप में लागू किया गया है। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

सीबीएसई की तर्ज पर मध्यप्रदेश में भी कक्षा नौवीं के विद्यार्थियों के मूल्यांकन की व्यवस्था में बड़ा बदलाव करते हुए 'हॉलिस्टिक प्रोग्रेस कार्ड' (एचपीसी) को पायलट प्रोजेक्ट के रूप में लागू किया गया है। समग्र शिक्षा अभियान के अपर परियोजना संचालक ने अगस्त माह से इस व्यवस्था को शुरू करने के निर्देश जारी कर दिए हैं। अब केवल परीक्षा आधारित उपलब्धि के बजाय विद्यार्थियों के कौशल, व्यवहार और गतिविधियों को भी मूल्यांकन में शामिल किया जाएगा। यह योजना प्रदेश के प्रत्येक जिले में तीन चयनित विद्यालयों—एक सांदीपनि, एक पीएम श्री और एक जिला उत्कृष्ट विद्यालय में कक्षा नौवीं के लिए संचालित की जा रही है।
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इस व्यवस्था के तहत अगस्त से फरवरी तक कुल 144 शैक्षणिक कार्य दिवसों में विद्यार्थियों को विभिन्न गतिविधियों से जोड़ा जाएगा। इसके लिए प्रतिदिन 50 मिनट के हिसाब से कुल 120 घंटे निर्धारित किए गए हैं। अगस्त में छात्र व्यक्तिगत जानकारी, स्व-मूल्यांकन, समय प्रबंधन और भविष्य की तैयारी जैसे विषयों पर काम कर रहे हैं। सितंबर और अक्टूबर में समूह प्रोजेक्ट, नवंबर-दिसंबर में समस्या आधारित जांच तथा जनवरी में कक्षा संवाद आयोजित होगा। फरवरी में शिक्षक अंतिम मूल्यांकन करके रिपोर्ट जारी करेंगे। नेशनल क्रेडिट फ्रेमवर्क लागू न होने के कारण इन गतिविधियों को सीधे क्रेडिट के स्थान पर ग्रेड से जोड़ा जाएगा।
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शिक्षकों की ई-अटेंडेंस पर सख्ती
दूसरी ओर, जबलपुर शहर में शिक्षण कार्य समय पर शुरू कराने के लिए शिक्षा विभाग ने शिक्षकों की ई-अटेंडेंस व्यवस्था में बदलाव किया है। अब शिक्षकों को सुबह 10:30 बजे से पहले ई-अटेंडेंस दर्ज करानी होगी। इसके बाद लगाई गई हाजिरी को अमान्य माना जाएगा। लगातार यह जानकारी मिल रही थी कि अनेक शिक्षक सुबह 11 बजे के बाद स्कूल पहुंच रहे हैं, जिससे शिक्षण कार्य प्रभावित हो रहा था। इसे देखते हुए विभाग ने सख्त निर्देश जारी किए हैं।
 
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