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Shri Mahakal Lok: 351 करोड़ रुपये का महाकाल लोक, आठ महीने में ढेर हो गई सप्तऋषि की मूर्तियां

Mon, 29 May 2023 12:09 PM IST
रवींद्र भजनी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उज्जैन
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उज्जैन Published by: रवींद्र भजनी Updated Mon, 29 May 2023 12:09 PM IST
सार

महाकाल महालोक का लोकार्पण 11 अक्टूबर 2022 को स्वयं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किया था। आठ महीने के भीतर ही सप्तऋषि की सात में से छह मूर्तियां गिर गई। अब कांग्रेस इसे लेकर भाजपा सरकार को घेर रही है। 
 

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Shri Mahakal Mahalok Congress Smells foul Play In Phase-1, Digvijaya Singh Kamal Nath MP Congress
गिरने से एक मूर्ति के पंजे टूटकर अलग हो गए - फोटो : सोशल मीडिया

मध्य प्रदेश के उज्जैन में श्री महाकाल महालोक आठ महीने में ही विवादों में घिर गया है। रविवार को 30 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चली हवाओं के बाद आए आंधी-तूफान ने महाकाल महालोक की व्यवस्थाओं की पोल खोल दी। सप्तऋषि की सात में से छह मूर्तियां टूटकर गिर गई। प्रशासन दावा कर रहा है कि इन मूर्तियों को तीन दिन में ठीक कर लिया जाएगा, लेकिन कांग्रेस ने शिवराज सिंह चौहान सरकार को घेरा है। भ्रष्टाचार के आरोप लगाए हैं।  



प्रधानमंत्री मोदी ने अक्टूबर में महाकाल महालोक के प्रथम चरण का लोकार्पण किया था। 856 करोड़ रुपये की लागत वाली इस परियोजना में पहले चरण में 351 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं। महाकाल महालोक में 150 से अधिक मूर्तियां हैं। रविवार दोपहर आई तेज आंधी से सप्तऋषि की सात में से छह मूर्तियां टूट गई। मूर्तियां लगाने के समय दावे किए थे कि यह मूर्तियां न तो आंधी-तूफान से खराब होंगी और न ही इस पर बारिश का कोई असर पड़ेगा। प्लास्टर ऑफ पेरिस और प्लास्टिक से बनी इन मूर्तियों में पहली बारिश में ही टूट-फूट हो गई।  
 


Shri Mahakal Mahalok Congress Smells foul Play In Phase-1, Digvijaya Singh Kamal Nath MP Congress
गिरी मूर्तियों को क्रेन की सहायता से एक जगह रखा गया। - फोटो : सोशल मीडिया

शुरू से ही विवादों में रहा प्रोजेक्ट
यह प्रोजेक्ट बनने के बाद से ही विवादों में रहा है। उज्जैन के कांग्रेस विधायक ने तो लोकायुक्त में शिकायत भी की थी। केस भी दर्ज हुआ है। तत्कालीन उज्जैन कलेक्टर को नोटिस भी जारी हुआ थआ। कुछ अन्य अधिकारियों को भी नोटिस दिया था। इस मामले में कोई कार्रवाई नहीं हुई। जब सप्तऋषि की मूर्तियां टूट गई तो प्रशासन ने कहा कि गुजरात की कंपनी ने यह मूर्तियां बनाई थी। पांच साल तक रखरखाव की जिम्मेदारी भी उनकी ही है। तीन दिन में नई मूर्तियां लगा दी जाएंगी। महाकाल लोक में मूर्तियां गिरने की जानकारी लगते ही शहर कांग्रेस अध्यक्ष रवि भदौरिया और अन्य पदाधिकारी तुरंत महाकाल लोक पहुंचे। उन्होंने आरोप लगाया कि इन मूर्तियों के निर्माण में करोड़ों रुपये का भ्रष्टाचार हुआ है। घटना के बाद आम श्रद्धालुओं का प्रवेश रोक दिया गया था, हालांकि तीन घंटे बाद ही इसे दोबारा खोल दिया गया। 

दिग्विजय ने ट्वीट कर घेरा
दिग्विजय सिंह ने ट्वीट किया कि कांग्रेस विधायक महेश परमार का लोकायुक्त में जांच के लिए अनुरोध सही निकला। भगवान शिवजी की मूर्ति तेज हवा में खंडित हो गई। निर्माण किसने किया था? गुजरात की कंपनी ने। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लिखा कि यह आपके लिए शुभ संदेश नहीं है। अब इससे बड़ा प्रमाण क्या हो सकता है? क्या प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान से स्पष्टीकरण लेंगे? मध्य प्रदेश में कोई भी योजना नहीं है, जिसमें भ्रष्टाचार न हुआ हो। अब महाकाल के नाम पर भी भाजपा पैसे खा गई। 

कमलनाथ, अरुण यादव ने भी घेरा 
महाकाल महालोक के मुद्दे पर पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ और पूर्व केंद्रीय मंत्री अरुण यादव ने सरकार को घेरा है। कमलनाथ ने कहा कि मध्य प्रदेश की तत्कालीन कांग्रेस सरकार ने जब उज्जैन में महाकाल मंदिर परिसर का भव्य निर्माण करने का संकल्प लिया था, तब इस बात की कल्पना नहीं की थी कि बाद की सरकार महाकाल लोक के निर्माण में भी गंभीर अनियमितता करेगी। जिस तरह से महाकाल लोक परिसर में आंधी चलने से देव प्रतिमाएं जमीन पर गिर गईं, वह दृश्य किसी भी धार्मिक व्यक्ति के लिए अत्यंत करुण दृश्य है। मैं मुख्यमंत्री से मांग करता हूं कि महाकाल लोक में जो प्रतिमाएं गिरी हैं, वहां नई प्रतिमाएं तुरंत स्थापित की जाएं और घटिया निर्माण करने वालों को जांच कर दंडित किया जाए। वहीं, यादव ने आरोप लगाया कि उज्जैन महाकुंभ में करोड़ों रुपये का घोटाला करने वाली भाजपा सरकार ने 50 फीसदी कमीशन के चक्कर में महाकाल कॉरिडोर के निर्माण में करोड़ों रुपये की मूर्तियां मानसून से पहले हुईं आंधी-बारिश में ही धराशायी हो गईं एवं महाकाल लोक की आधी से ज्यादा कुर्सियां टूट गई हैं और कबाड़ में पड़ी हैं। 

प्रभारी मंत्री ने कांग्रेस को दिया जवाब
उज्जैन में प्रभारी मंत्री जगदीश देवड़ा ने कहा- आंधी-तूफान का असर छह मूर्तियों पर हुआ है। तकनीकी कमी रही होगी। इसे हम दिखवा रहे हैं। नुकसान वाली बात नहीं है। जिस कंपनी के पास काम था, वह हफ्ते-दो हफ्ते में यह काम करेगी। सारी मूर्तियों को हम चेक करवा रहे हैं। भविष्य में ऐसी दिक्कत न हो, यह देख रहे हैं। भ्रष्टाचार वाली बात नहीं है। 50-50 साल पुराने पेड़ हिल गए। तकनीकी दिक्कत आई होगी तो उसे ठीक करेंगे। सारे ठेकेदारों को बुलवाया है। उनके साथ बैठकर बात करेंगे। कांग्रेस खुद अखंड भ्रष्टाचार में डूबी हुई है। वह अपने गिरेबां में झांककर देखें। फिर कोई बात करें। इतना बड़ा परिसर। इतना बड़ा काम हुआ है। प्राकृतिक आपदा पर कोई राजनीति कर रहे हैं तो इससे घटिया विचार नहीं हो सकता।

Shri Mahakal Mahalok Congress Smells foul Play In Phase-1, Digvijaya Singh Kamal Nath MP Congress
कांग्रेस ने भ्रष्टाचार के आरोप लगाकर प्रदर्शन भी किया। - फोटो : सोशल मीडिया
कांग्रेस ने जांच के लिए बनाई समिति
कांग्रेस ने भ्रष्टाचार के आरोप लगाकर मामले की जांच को लेकर कमेटी भी गठित कर दी है। इसमें सज्जन सिंह वर्मा, रामलाल मालवीय, दिलीप गुर्जर, शोभा ओझा, महेश परमार, मुरली मोरवाल, केके मिश्रा को शामिल किया गया है। मामले में जांच कमेटी जल्द ही उज्जैन पहुंचकर विस्तृत रिपोर्ट तैयार करेगी।  

सीएम ने भी की समीक्षा
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मालवा क्षेत्र में तेज आंधी-तूफान का संज्ञान लिया। उज्जैन कलेक्टर और उज्जैन संभाग कमिश्नर से चर्चा की। मुख्यमंत्री को अधिकारियों ने बताया कि मालवा क्षेत्र के उज्जैन एवं आसपास के इलाक़ों में तेज तूफ़ान से प्राकृतिक आपदा जैसी स्तिथी उत्पन्न हुई। दो लोगों की (1 उज्जैन और 1 नागदा में) मृत्यु हो गई और तीन लोग घायल हैं। 50 पेड़ और बहुत-से बिजली के खंभे उखड़ गए। महाकाल लोक में 155 प्रतिमाएं हैं। ये सभी डिफेक्ट लायबिलिटी पीरियड के तहत कांट्रेक्टर द्वारा नई स्थापित की जाएंगी। 
 
प्रशासन ने कहा- पत्थर की बनेंगी मूर्तियां
उज्जैन के कलेक्टर पुरुषोत्तम कुमार ने कहा कि ये गिरकर टूटी हुई मूर्तियां महाकाल मंदिर के अंदर नहीं थीं। वे ‘श्री महाकाल महालोक’ गलियारे में थीं। जो मूर्तियां गिरी हैं, वह एफआरपी की थी। उन्हें सुंदरता के दृष्टिगत सीमेंटेड नहीं किया गया था। सिर्फ यही मूर्तियां गिरी हैं, शेष कुछ नहीं हुआ। जल्द ही मूर्तियों को पत्थर की मूर्तियों में परिवर्तित किया जाएगा। इन मूर्तियों के पांच साल तक मेंटेनेंस की जिम्मेदारी कंपनी की है इसलिए कोई नुकसान नहीं पहुंचा है। ऐसे प्रयास किए जाएंगे कि इन घटनाओं की पुनरावृत्ति ना हो। यह भी देखा जाएगा कि बाकी मूर्तियों की जमावट ठीक है या नहीं। 

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