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बम के धमाकों और बंदूकों की गूंज के बीच जब फंसा एक देश

Tue, 16 Feb 2016 04:49 PM IST
Updated Tue, 16 Feb 2016 04:49 PM IST
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बम के धमाकों और बंदूकों की गूंज के बीच जब फंसा एक देश

Libya: 5 years since the Spring

लीबिया में मुअम्मार गद्दाफी के शासन के समय वर्ष 2011 से आज तक वर्ष 2016 तक लीबिया की जनता ने बहुत ज्यादा हिंसा झेली है। बमों की गूंज से गोलियां की बरसात तक और हर तरफ बहने वाला खून वहां होने वाले हिंसक प्रदर्शनों का गवाह रहा है। देखिए तीन भाग में हमारी पेशकश लीबिया की हिंसा और वहां की बेबस जिंदगी। पहला भाग तस्वीरों में। मुअम्मआर गद्दाफी का शासन वर्ष 2011 में अपने चरम पर था। गद्दाफी के शासन से वहां की जनता त्रस्‍त थी। यह उसी दौर की एक फोटो है जब गद्दाफी के एक समर्थक को विद्रोही संगठनों ने अपने निशाने पर ले लिया यह तस्वीरे 3 मार्च, 2011 की है।

बम के धमाकों और बंदूकों की गूंज के बीच जब फंसा एक देश

Libya: 5 years since the Spring

लीबिया जब वर्ष 2011 में संघर्ष की जद में आया तो धीरे-धीरे पूरा शहर आग की चपेट में आने लगा। दो धड़े बन गए और आपस में लड़कर उन्होंने एक साथ पूरे लीबिया को ही अपने निशाने पर ले लिया। इसी संघर्ष के दौरान एक गद्दाफी का विरोध करता हुआ।

बम के धमाकों और बंदूकों की गूंज के बीच जब फंसा एक देश

Libya: 5 years since the Spring

लीबिया में गद्दाफी के खिलाफ गठबंधन सेनाओं ने विरोध छेड़ दिया था। गद्दाफी के सर्मथकों का एक काफिला जब सड़क से बाहर निकल रहा था तो गठबंधन सेनाओं ने एक बड़ा हमला करके पूरी तरह से गद्दाफी के काफिले को बैकफुट पर धकेल दिया।

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Libya: 5 years since the Spring

आज से पांच साल पहले लीबिया की परिस्थितियां पूरी तरह से अलग थी। वहां पर गद्दाफी का बोलबाला था। 10 अप्रैल, 2010 को ली गई इस फोटो में आप गद्दाफी और उनके समर्थकों के जोश को देख सकते हैं। यह तस्वीर उस समय ली गई थी। गद्दाफी पांच अफ्रीकन नेताओं के साथ लीबिया संघर्ष को खत्म करने को लेकर त्रिपोली में बात करने गया था।

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Libya: 5 years since the Spring

24 सितंबर, 2011 को ली गई इस तस्वीर में आप देख सकते हैं कि कैसे एक ग्रेनेड हमले से गद्दफी के एक विरोधी पर हमला किया गया।

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