लीबिया में मुअम्मार गद्दाफी के शासन के समय वर्ष 2011 से आज तक वर्ष 2016 तक लीबिया की जनता ने बहुत ज्यादा हिंसा झेली है। बमों की गूंज से गोलियां की बरसात तक और हर तरफ बहने वाला खून वहां होने वाले हिंसक प्रदर्शनों का गवाह रहा है। देखिए तीन भाग में हमारी पेशकश लीबिया की हिंसा और वहां की बेबस जिंदगी। पहला भाग तस्वीरों में। मुअम्मआर गद्दाफी का शासन वर्ष 2011 में अपने चरम पर था। गद्दाफी के शासन से वहां की जनता त्रस्त थी। यह उसी दौर की एक फोटो है जब गद्दाफी के एक समर्थक को विद्रोही संगठनों ने अपने निशाने पर ले लिया यह तस्वीरे 3 मार्च, 2011 की है।
बम के धमाकों और बंदूकों की गूंज के बीच जब फंसा एक देश
Updated Tue, 16 Feb 2016 04:49 PM IST
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बम के धमाकों और बंदूकों की गूंज के बीच जब फंसा एक देश
बम के धमाकों और बंदूकों की गूंज के बीच जब फंसा एक देश
बम के धमाकों और बंदूकों की गूंज के बीच जब फंसा एक देश
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