उज़्बेकिस्तान का शहर खीवा वर्ल्ड हेरिटेज़ साइट में शामिल है। करीब 2000 साल के इतिहास वाले शहर में सिल्क रोड के समय के महलों, मस्जिदों और मक़बरों के खंडहर मिलते हैं। कायजलकुम और काराकुम के रेगिस्तान से घिरा हुआ है ये शहर। ईरान को जाने वाले कारवां का ये आख़िरी पड़ाव हुआ करता था। और, ये कारवां पेपर, चीनी मिट्टी, मसाले, घोड़े, ग़ुलाम और फल लेकर वहाँ जाते थे। लेकिन खीवा शहर की सबसे बड़ी ख़ासियत है इस्लामी स्थापत्य से बनी इमारतें। उज़्बेकिस्तान के अंदर रेगिस्तान में पूर्ण रूप से नख़लिस्तान - रेगिस्तान के बीच हरे-भरे क्षेत्र; जैसा शहर है खीवा। शहर का आंतरिक हिस्सा इचान काला के नाम से जाना जाता है जो 10 मीटर ऊंची ईंट की दीवारों से घिरा है।
जानिए, उस शहर के बारे में जिसने दुनिया को अलजेब्रा दी
Updated Sat, 29 Aug 2015 09:34 AM IST
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