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तापी: चार देशों को मिलेगा ऊर्जा का स्रोत, तस्वीरें
Mon, 14 Dec 2015 08:58 AM IST
Updated Mon, 14 Dec 2015 08:58 AM IST
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भारत के उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी, पाकिस्तान के प्रधानमंत्री नवाज शरीफ और तुर्कमेनिस्तान व अफगानिस्तान के नेताओं ने रविवार को 7.6 अरब डॉलर की लागत वाली महत्वाकांक्षी तापी गैस पाइपलाइन परियोजना की नींव रखी। इस परियोजना से ऊर्जा के जरूरतमंद भारत को अपने ऊर्जा संयंत्रों को चलाने के लिए गैस मिलेगी।
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भारत के उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी राजधानी अश्गबात से 311 किलोमीटर दूर मैरी शहर पहुंचे, जो पुराने सिल्क रूट का हिस्सा है। यहां पाकिस्तान के प्रधानमंत्री नवाज शरीफ, अफगानिस्तान के राष्ट्रपति अशरफ गनी और तुर्कमेनिस्तान के राष्ट्रपति गुरबांगुली बर्दीमोहम्मदोव 1800 किलोमीटर लंबी तापी गैस पाइपलाइन परियोजना की नींव रखने के समारोह में शामिल होने पहुंचे।
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समारोह में तुर्कमेनिस्तान के राष्ट्रपति ने उम्मीद जताई कि यह परियोजना दिसंबर 2019 तक चालू हो जाएगी। उन्होंने कहा कि इस परियोजना ने यह साबित किया है कि तुर्कमेनिस्तान जहां जरूरत हो वहां बड़ी मात्रा में गैस ले जा सकता है।
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इस पाइपलाइन की क्षमता 30 साल तक नौ करोड़ स्टैंडर्ड क्यूबिक मीटर (एमएमएससीएमडी) गैस प्रति दिन ले जाने की है। भारत और पाकिस्तान दोनों को 38-38 एमएमएससीएमडी गैस मिलेगी, जबकि शेष 14 एमएमएससीएमडी गैस अफगानिस्तान को आपूर्ति की जाएगी।
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भारत के उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी इस प्रोजेक्ट को प्राचीन काल की विरासत की ‘इच्छा का प्रतिबिंब’ के रूप में परिभाषित किया। उन्होंने कहा कि चारों देशों की सरकारों की सक्रिय भागीदारी, अंतरराष्ट्रीय साझेदारों के सहयोग की बदौलत हम चुनौतियों से पार पा सकते हैं।
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