फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

कृष्ण की वह 10 चालें जिसकी वजह से पाण्डव महाभारत में विजयी हुए

Wed, 07 Oct 2015 11:48 AM IST
Updated Wed, 07 Oct 2015 11:48 AM IST
विज्ञापन

कृष्‍ण की वह 10 चालें ज‌िसकी वजह से पाण्डव महाभारत में व‌िजयी हुए

lord krishna's tactics in mahabharat war

जब गांधारी से आशीर्वाद लेने के लिए दुर्योधन नग्न अवस्था में दौड़े जा रहे

थे तब कृष्ण ने ही जानबूझकर उनका उपहास उड़ाते हुए कहा था कि इस अवस्था में मां के पास जाते हुए क्या तुम्हें शर्म नहीं आएगी। उन्होंने ही दुर्योधन को जांधों पर केले का पत्ता बांधने की सलाह दी।

कृष्‍ण की वह 10 चालें ज‌िसकी वजह से पाण्डव महाभारत में व‌िजयी हुए

lord krishna's tactics in mahabharat war

जब यह बात तय हो गई क‌ि युद्ध न‌िश्च‌ित है उस समय अर्जुन और दुर्योधन दोनों श्री कृष्‍ण के पास मदद मांगने पहुंचे। उस श्री कृष्‍ण ने एक ऐसी चाल चली क‌ि दुर्योधन नारयणी सेना लेकर खुश हो गया और श्री कृष्‍ण स्वयं अर्जुन की ओर हो गए। और इसी का पर‌िणाम हुआ क‌ि पाण्डव युद्ध में व‌िजयी हुए।

कृष्‍ण की वह 10 चालें ज‌िसकी वजह से पाण्डव महाभारत में व‌िजयी हुए

lord krishna's tactics in mahabharat war

अर्जुन ने प्रतिज्ञा की थी कि सूर्यास्त से पहले अभिमन्यु की हत्या करने वाले जयद्रथ का वध करेंगे अन्यथा अग्निसमाधि ले लेंगे। तब कृष्ण ने अपने सुदर्शन चक्र से सूर्य को छिपा कर दिन में ही रात कर दी। अब तक कौरव सेना की सुरक्षा में छिपा जयद्रध खुद को सुरक्षित जान खुद ही अर्जुन के सामने आकर अट्ठाहास करने लगा। तभी कृष्ण ने सूर्य के सामने से चक्र हटाया और अर्जुन ने जयद्रध का वध कर दिया। ये एक तरह से छल ही था जिसके जरिए कृष्ण ने अर्जुन की मदद की।

विज्ञापन
विज्ञापन

कृष्‍ण की वह 10 चालें ज‌िसकी वजह से पाण्डव महाभारत में व‌िजयी हुए

lord krishna's tactics in mahabharat war

इंद्र ने कर्ण को एक दिव्यास्त्र दिया था जिसका बाण कभी खाली नहीं जाता था। कर्ण ने यह दिव्यास्त्र अर्जुन पर चलाने के लिए सुरक्षित रखा था लेकिन कृष्ण महाभारत में जानबूझकर भीम के बेटे घटोत्कच को ले आए। भीमकाय घटोत्कच ने आते ही एक दिन में विपक्षी सेना में भारी तबाही मचा दी। तब दुर्योधन की जिद पर कर्ण को ये दिव्यास्त्र घटोत्कच पर चलाना पड़ा और अर्जुन पर आई विपदा टल गई।

विज्ञापन

कृष्‍ण की वह 10 चालें ज‌िसकी वजह से पाण्डव महाभारत में व‌िजयी हुए

lord krishna's tactics in mahabharat war

घटोत्कच के पुत्र बर्बरीक को उनकी मां ने यह समझाया था कि किसी युद्ध में हमेशा कमजोर पड़ रहे पक्ष की तरफ से ल़ड़ना। इसी सलाह पर अमल करते हुए बर्बरीक महाभारत युद्ध में कमजोर साबित हो रहे कौरवों की तरफ से लड़ने को तत्पर हो गए थे। ऐसे में कौरव मजबूत होते और पांडव जीत नहीं पाते। तब कृष्ण ब्राह्मण रूप में पहुंचे और बर्बरीक से उनका सिर मांग लिया। बर्बरीक ने यह जानते हुए कि उसके साथ धोखा हो रहा है, अपना सिर काट कर कृष्ण को दे दिया।

अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed