भाजपा की राष्ट्रीय कार्यसमिति बैठक का आयोजन जयपुर में हुआ। साफ है कि अगले साल होने वाले विधानसभा चुनावों से पहले यह बैठक अहम थी। इस बीच नड्डा ने ऐसा कुछ कह दिया कि वसुंधरा राजे समेत राजस्थान के ज्यादातर नेताओं की धड़कनें तेज हो गईं। वहीं, कुछ नेता आश्वस्त भी नजर आए। खासकर राजस्थान भाजपा के अध्यक्ष सतीश पूनिया, जिनके कंधों पर इस राष्ट्रीय कार्यसमिति की बैठक के आयोजन की जिम्मेदारी थी।
Rajasthan Politics: नड्डा ने ऐसा क्या कहा कि वसुंधरा की धड़कनें तेज हो गईं, पांच पॉइंट्स में जानिए BJP की बड़ी बैठक के मायने
jaipur meeting
भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने पत्रकारों से अनौपचारिक चर्चा में कहा कि आयोजन बहुत अच्छा हुआ। जहां तक अगले साल के विधानसभा चुनावों में पार्टी की ओर से मुख्यमंत्री चेहरे का सवाल है तो सबकुछ तय हो चुका है। सही समय पर नाम भी सामने आ जाएगा। नड्डा का यह बयान महत्वपूर्ण है क्योंकि अब तक कहा जा रहा था कि पार्टी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के चेहरे पर चुनाव लड़ेगी। नड्डा के बयान के बाद पूर्व मुख्यमंत्री और कुर्सी की बड़ी दावेदार वसुंधरा राजे की धड़कनें तेज हो गई होंगी। वहीं, पार्टी के प्रदेशाध्यक्ष सतीश पूनिया की बॉडी लैंग्वेज बड़ी खुशनुमा नजर आई। वे आश्वस्त से दिखाई दिए।
2. सबको साथ लेकर चलने का दिया संदेश
नड्डा जब जयपुर पहुंचे तो उनके स्वागत में तकरीबन सभी बड़े नेता एयरपोर्ट पर थे। वसुंधरा, सतीश पूनिया समेत सभी नेता। जब काफिला खोला के हनुमान क्षेत्र में पहुंचा तो नड्डा के स्वागत के भव्य इंतजाम थे। आमेर में करीब पांच हजार कार्यकर्ता स्वागत के लिए पहुंचे थे। नड्डा मंच पर पहुंचे तो पूनिया और राजे भी साथ-साथ थे। आमेर की शान हाथियों ने नड्डा का स्वागत किया। मंच पर पूनिया ने नड्डा को पहनाने के लिए साफा वसुंधरा के हाथों में थमा दिया। यह भी कहा कि साफा मेरी और वसुंधरा राजे के साथ-साथ पूरे आमेर की तरफ से पहनाया जा रहा है। साफ है कि साफे से एकजुटता का संदेश भी दिया। बड़प्पन भी दिखाया और बड़े नेता का सम्मान भी। 20 मई को पूनिया ने ट्वीट कर वसुंधरा का स्वागत किया और एकजुटता का संदेश दिया, जो चर्चा का विषय बना।
राष्ट्रीय कार्यसमिति का आयोजन ऐसे राज्य में जहां पार्टी की सरकार न हो और वह भी अच्छे से हो जाए तो वाहवाही तो होगी ही। ऐसा ही कुछ राजस्थान के भाजपा अध्यक्ष पूनिया के साथ हो रहा है। उन्होंने अपना करियर दांव पर लगा दिया था। इस दौरान पूनिया पूरे आत्मविश्वास के साथ दिखाई दिए। वे बड़े खुश नजर आए। चूंकि, बैठक की हर जानकारी प्रेस ब्रीफिंग के जरिये मीडिया तक पहुंचाई गई तो पूनिया को कई बार मीडिया से बातचीत का मौका मिला।
राष्ट्रीय कार्यसमिति की बैठक को कवर करने आए दिल्ली के चुनिंदा पत्रकारों से वसुंधरा ने होटल की लॉबी में बातचीत की। वसुंधरा के आने से पहले जब उनका स्टाफ अरेंजमेंट में लगा था तो बीजेपी के राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी ने पत्रकारों के वहां होने पर आपत्ति भी जताई। गरमागरमी भी हुई, पर सबकुछ संभल गया। वसुंधरा के मीडिया सलाहकार महेंद्र भारद्वाज को यह तक कहना पड़ा कि मैडम पार्टी की उपाध्यक्ष हैं। यह मेरा कमरा है और होटल में किसी गेस्ट को कहीं आने-जाने से नहीं रोका जा सकता। इससे ऐसा लगा कि वसुंधरा पत्रकारों के जरिए दिल्ली तक संदेश पहुंचाना चाहती है। खैर, मामला रफा-दफा हो गया। वसुंधरा ने पत्रकारों से अनौपचारिक चर्चा में कहा कि राजस्थान में चुनाव कभी भी हिंदू-मुसलमान के मुद्दे पर नहीं हुआ, बल्कि जातीय समीकरणों पर हुआ है। जोधपुर समेत अन्य शहरों की घटनाओं पर चिंता जताई। अशोक गहलोत से दोस्ती से जुड़े सवालों पर घोटाले के आरोपों का हवाला देकर पल्ला झाड़ा।