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Sharadiya Navratri: जीणमाता ने शैलपुत्री स्वरूप में दिए श्रद्धालुओं को दर्शन, सीकर के इस मंदिर का महत्व जानें

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सीकर Published by: हिमांशु प्रियदर्शी Updated Tue, 23 Sep 2025 07:00 AM IST
सार

Jhinmata Temple Significance: जीणमाता मेले के पहले दिन सोमवार सुबह 4 बजे मंगला आरती के बाद मंदिर के पट भक्तों के लिए खोल दिए गए। इसके बाद अभिजीत मुहूर्त में 11:30 बजे से 12:30 बजे के बीच घट स्थापना की गई। इस दौरान सुरक्षा-व्यवस्था काफी कड़ी रही।

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Sharadiya Navratri: Jhinmata Appears to Devotees in Form of Shailputri, Significance of This Temple in Sikar
शैलपुत्री के रूप में दिए जीणमाता ने दर्शन - फोटो : अमर उजाला

शारदीय नवरात्रि की शुरुआत के साथ ही सोमवार को सीकर जिले के प्रसिद्ध जीणमाता मंदिर का मेला भी शुरू हो गया। सुबह से ही भक्तों की भीड़ उमड़ने लगी और वातावरण भक्ति भाव से सराबोर हो गया।


 

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Sharadiya Navratri: Jhinmata Appears to Devotees in Form of Shailputri, Significance of This Temple in Sikar
मंदिर परिसर में आरती के दौरान श्रद्धालु - फोटो : अमर उजाला

मेले के पहले दिन सोमवार सुबह 4 बजे मंगला आरती के बाद मंदिर के पट भक्तों के लिए खोल दिए गए। इसके बाद अभिजीत मुहूर्त में 11:30 बजे से 12:30 बजे के बीच घट स्थापना की गई। परंपरा के अनुसार, पहले दिन जीणमाता ने शैलपुत्री स्वरूप में भक्तों को दर्शन दिए। मंदिर परिसर कोलकाता और दिल्ली से आए फूलों से सजाया गया, जबकि माता की पोशाकें जयपुर, हैदराबाद, पटना और बेंगलुरु से मंगाई गईं।
 

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Sharadiya Navratri: Jhinmata Appears to Devotees in Form of Shailputri, Significance of This Temple in Sikar
जीणमाता मंदिर में भारी संख्या में पहुंचे श्रद्धालु - फोटो : अमर उजाला

दिव्यांगों के लिए विशेष सुविधा
मंदिर के प्रकाश पुजारी ने बताया कि दर्शनों के लिए आने वाले दिव्यांगजनों की सुविधा के लिए मंदिर ट्रस्ट ने 10 व्हीलचेयर, एक एंबुलेंस और ई-रिक्शा उपलब्ध करवाए हैं। इनके लिए अलग से लाइन की व्यवस्था की गई है, ताकि उन्हें किसी प्रकार की असुविधा न हो। मंगलवार सुबह 8 बजे श्रृंगार आरती होगी, जिसके बाद भक्त नियमित दर्शन कर सकेंगे।

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Sharadiya Navratri: Jhinmata Appears to Devotees in Form of Shailputri, Significance of This Temple in Sikar
आरती करते श्रद्धालु - फोटो : अमर उजाला

सुरक्षा और निगरानी के कड़े इंतजाम
मेले की सुरक्षा को लेकर पुलिस ने विशेष इंतजाम किए हैं। SHO दिलीप सिंह ने बताया कि करीब 100 सीसीटीवी कैमरों से पूरे मेले की निगरानी की जा रही है। सुरक्षा व्यवस्था संभालने के लिए 400 से ज्यादा पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं, जो 12-12 घंटे की दो शिफ्ट में ड्यूटी करेंगे। भीड़ में चोरी और चेन स्नैचिंग की घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए सादी वर्दी में महिला और पुरुष पुलिसकर्मियों की भी तैनाती की गई है।
 

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मंदिर परिसर में इन चीजों को ले जाने पर प्रतिबंध - फोटो : अमर उजाला

यातायात और पार्किंग की व्यवस्था
भक्तों की सुविधा के लिए इस बार पार्किंग व्यवस्था पर भी विशेष ध्यान दिया गया है। रेवासा रोड पर दो स्थानों पर, कोछो रोड और उदयपुरा रोड पर एक-एक स्थान पर तथा काजलशिखर बैरिकेडिंग के पास पार्किंग स्थल बनाए गए हैं।

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