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नवरात्रि 2018: देवी के इस मंदिर से कोई नहीं जाता खाली हाथ, ऐसा करने से भर जाती है सूनी गोद!

Thu, 22 Mar 2018 05:24 PM IST
न्यूज डेस्क/अमर उजाला, देहरादून
न्यूज डेस्क/अमर उजाला, देहरादून Updated Thu, 22 Mar 2018 05:24 PM IST
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chaitra navratri 2018 get boon of son after chori in this devi temple, Dehradun
chudamani

नवरात्रि में इस देवी के मंदिर में आने वाला कोई भी खाली हाथ नहीं आता, बस यहां आकर ये एक काम करना पड़ता है।

chaitra navratri 2018 get boon of son after chori in this devi temple, Dehradun
chudamani temple - फोटो : अमरउजाला

उत्तराखंड के रुड़की में चुड़ियाला गांव स्थित प्राचीन चूड़ामणि देवी सिद्धपीठ मंदिर पर वैसे तो प्रतिदिन मां के दर्शन करने वालों का तांता लगा रहता है, लेकिन इन दिनों नवरात्रों में दूर-दूर से श्रद्धालु मंदिर में पहुंच रहे हैं। मान्यता है कि यहां मांगी गई मुराद कभी भी खाली नहीं जाती। खासतौर पर पुत्र रत्न की प्राप्ति की कामना को लेकर यहां बड़ी दूर-दूर से श्रद्धालु पूजा करने आते हैं।

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chudamani temple - फोटो : फाइल फोटो

मंदिर के पुजारी पंडित अनिरुद्ध शर्मा के अनुसार माता सती के पिता राजा दक्ष प्रजापति द्वारा आयोजित यज्ञ में भगवान शिव को आमंत्रित नहीं किये जाने से क्षुब्ध माता सती ने यज्ञ मे कूदकर उसे विध्वंस कर दिया था। भगवान शिव जब माता सती के मृत शरीर को ले जा रहे थे। उस समय माता सती का चूड़ामणि इस स्थान पर गिर गया था।
 

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choodamani temple,

इसके बाद यहां माता की पिंडी स्थापित कर भव्य मंदिर का निर्माण किया गया। यह प्राचीन सिद्धपीठ मंदिर कालांतर मे श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र है। यहां दूरदराज से माता के दर्शन करने वालों की भीड़ लगी रहती है। इन दिनों मंदिर प्रांगण मे मेले का भी आयोजन शुरू हो जाता है।

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choodamani temple,

कभी छोटे परिसर वाला मंदिर अब विशाल परिसर में भव्य मंदिर बना है। वहां कभी घनघोर जंगल हुआ करता था और जंगली जानवर खुलेआम विचरण करते रहते थे। यही नही शेरों की दहाड़ भी गुंजा करती थी। गांव के बुजुर्ग बताते है कि उनके पूर्वज इस बात की जानकारी देते थे कि शेर रोज माता की पिंडी पर शाम को मत्था टेकने आते थे ।

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