फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

Dwijapriya Sankashti Chaturthi 2021: संकष्टी चतुर्थी व्रत आज, जानें मुहूर्त, व्रत विधि और महत्व

Tue, 02 Mar 2021 07:00 AM IST
रुस्तम राणा धर्म डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
धर्म डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: रुस्तम राणा Updated Tue, 02 Mar 2021 07:00 AM IST
विज्ञापन
Dwijapriya Sankashti Chaturthi 2021 date muhurat timing vrat vishi and significance
द्विजप्रिय संकष्टी चतुर्थी 2021 - फोटो : Pixabay

Sankashti Chaturthi March 2021: फाल्गुन माह कृष्ण पक्ष की संकष्टी चतुर्थी 2 मार्च को है। यह तिथि गणपति महाराज की आराधना के लिए समर्पित है। इस दिन गणपति महाराज की विधि-विधान के साथ पूजा की जाती है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, संकष्टी चतुर्थी का आशय संकट को रहने वाली चतुर्थी तिथि से है। आइए जानते हैं संकष्टी चतुर्थी का मुहूर्त, व्रत विधि और सनातन धर्म में इसका महत्व क्या है।

Dwijapriya Sankashti Chaturthi 2021 date muhurat timing vrat vishi and significance
संकष्टी चतुर्थी 2021 - फोटो : Pixabay

संकष्टी चतुर्थी शुभ मुहूर्त
चतुर्थी तिथि आरंभ: 02 मार्च 2021, मंगलवार, सुबह 05 बजकर 46 मिनट से
चतुर्थी तिथि समाप्त: 03 मार्च 2021, बुधवार, रात 02 बजकर 59 मिनट तक

Dwijapriya Sankashti Chaturthi 2021 date muhurat timing vrat vishi and significance
अंगारकी संकष्टी चतुर्थी 2021 - फोटो : Pixabay

संकष्टी चतुर्थी की पूजा विधि

  • सबसे पहले सुबह उठें और स्नान करें।
  • इस दिन लाल रंग के कपड़े पहनकर पूजा करनी चाहिए।
  • पूजा करते समय अपना मुंह पूर्व या उत्तर दिशा की ओर रखें।
  • स्वच्छ आसन या चौकी पर भगवान को विराजित करें।
  • भगवान की प्रतिमा या चित्र के आगे धूप-दीप प्रज्जवलित करें।
  • ॐ गणेशाय नमः या ॐ गं गणपते नमः का जाप करें।
  • पूजा के बाद भगवान को लड्डू या तिल से बने मिष्ठान का भोग लगाएं।
  • शाम को व्रत कथा पढ़कर चांद देखकर अपना व्रत खोलें।
  • अपना व्रत पूरा करने के बाद दान करें।
विज्ञापन
विज्ञापन
Dwijapriya Sankashti Chaturthi 2021 date muhurat timing vrat vishi and significance
संकष्टी चतुर्थी 2021 - फोटो : Pixabay
संकष्टी चतुर्थी व्रत के लाभ

धार्मिक मान्यता के अनुसार, ऐसा कहा जाता है कि संकष्टी के दिन गणपति की पूजा-आराधना करने से समस्त प्रकार की बाधाएं दूर हो जाती हैं। शास्त्रों में भगवान गणेश जी को विघ्नहर्ता के नाम से भी जाना जाता है। वे अपने भक्तों की सारी विपदाओं को दूर करते हैं और उनकी मनोकामनाएं को पूर्ण करते हैं। चन्द्र दर्शन भी चतुर्थी के दिन बहुत शुभ माना जाता है। सूर्योदय से प्रारम्भ होने वाला यह व्रत चंद्र दर्शन के बाद संपन्न होता है।

विज्ञापन
Dwijapriya Sankashti Chaturthi 2021 date muhurat timing vrat vishi and significance
संकष्टी चतुर्थी 2021 - फोटो : Pixabay
संकष्टी चतुर्थी व्रत से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी

पंचांग के अनुसार हर माह में दो बार संकष्टी चतुर्थी का व्रत किया जाता है। एक बार यह व्रत माह में कृष्ण पक्ष की चतुर्थी को किया जाता है तो वहीं दूसरी बार शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि को व्रत रखा जाता है। कृष्ण पक्ष की चतुर्थी को संकष्टी चतुर्थी वहीं शुक्ल पक्ष की चतुर्थी को विनायक चतुर्थी कहा जाता है। वहीं यदि यह मंगलवार को पड़े तो अंगारकी चतुर्थी या द्विजप्रिय चतुर्थी के नाम से भी जाना जाता है।

अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय हिंदी न्यूज़ वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें आस्था समाचार से जुड़ी ब्रेकिंग अपडेट। आस्था जगत की अन्य खबरें जैसे पॉज़िटिव लाइफ़ फैक्ट्स,स्वास्थ्य संबंधी सभी धर्म और त्योहार आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed