फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

Guru Purnima 2026: 28 या 29 जुलाई, कब रखा जाएगा गुरु पूर्णिमा का व्रत? जानें सही तारीख और महत्व

Mon, 13 Jul 2026 01:08 AM IST
श्वेता सिंह धर्म डेस्क, अमर उजाला
धर्म डेस्क, अमर उजाला Published by: श्वेता सिंह Updated Mon, 13 Jul 2026 01:08 AM IST
सार

Guru Purnima 2026: 28 या 29 जुलाई, कब रखा जाएगा गुरु पूर्णिमा का व्रत? जानें सही तारीख और महत्व

विज्ञापन
Guru Purnima 2026  When Is Guru Purnima Know the Exact Date, Muhurat and Spiritual Significance
Guru Purnima 2026 - फोटो : अमर उजाला

Guru Purnima 2026 Date: सनातन धर्म में गुरु पूर्णिमा का पर्व गुरु के प्रति श्रद्धा, सम्मान और कृतज्ञता प्रकट करने का विशेष अवसर माना जाता है। इस दिन महर्षि वेदव्यास की जयंती भी मनाई जाती है, इसलिए इसे व्यास पूर्णिमा के नाम से भी जाना जाता है। हर वर्ष की तरह इस बार भी लोगों के मन में यह सवाल है कि गुरु पूर्णिमा का व्रत 28 जुलाई को रखा जाएगा या 29 जुलाई को। आइए जानते हैं शास्त्रीय मान्यता के अनुसार सही तिथि, पूजा विधि, धार्मिक महत्व और दान का शुभ समय।


Shani Vakri 2026: 27 जुलाई से बदलेगी शनि की चाल, इन 5 राशियों के लिए खुलेंगे तरक्की के रास्ते

Shani Vakri 2026: कुछ ही दिनों बाद शनि चलेंगे उल्टी चाल, इन 3 राशि वालों की बढ़ेगी टेंशन, जानें बचाव के उपाय

Guru Purnima 2026  When Is Guru Purnima Know the Exact Date, Muhurat and Spiritual Significance
पूर्णिमा तिथि 28 जुलाई 2026 को शाम 6:19 बजे प्रारंभ होगी और 29 जुलाई 2026 को रात 8:06 बजे समाप्त होगी। - फोटो : adobe stock

गुरु पूर्णिमा 2026 कब है?
वैदिक पंचांग के अनुसार पूर्णिमा तिथि 28 जुलाई 2026 को शाम 6:19 बजे प्रारंभ होगी और 29 जुलाई 2026 को रात 8:06 बजे समाप्त होगी। धर्मशास्त्रों में गुरु पूर्णिमा का व्रत उस दिन रखा जाता है, जब पूर्णिमा तिथि रात्रि में विद्यमान रहती है। इसी आधार पर गुरु पूर्णिमा का व्रत 28 जुलाई 2026 (मंगलवार) को रखा जाएगा। वहीं 29 जुलाई को पूर्णिमा तिथि के दौरान दान-पुण्य, सत्संग और धार्मिक कार्य करना विशेष फलदायी माना जाएगा।

Guru Purnima 2026  When Is Guru Purnima Know the Exact Date, Muhurat and Spiritual Significance
इसी दिन महर्षि वेदव्यास का जन्म हुआ था, जिन्होंने वेदों का विभाजन किया - फोटो : adobe stock

गुरु पूर्णिमा का धार्मिक महत्व
गुरु पूर्णिमा केवल एक पर्व नहीं, बल्कि गुरु-शिष्य परंपरा का उत्सव है। भारतीय संस्कृति में गुरु को ईश्वर के समान स्थान दिया गया है, क्योंकि वही व्यक्ति को अज्ञान के अंधकार से निकालकर ज्ञान का मार्ग दिखाते हैं। ऐसी मान्यता है कि इसी दिन महर्षि वेदव्यास का जन्म हुआ था, जिन्होंने वेदों का विभाजन किया और महाभारत सहित अनेक महान ग्रंथों की रचना की। इसलिए इस दिन उन्हें श्रद्धापूर्वक स्मरण किया जाता है। जो लोग किसी गुरु से दीक्षा प्राप्त कर चुके हैं, वे इस दिन अपने गुरु का आशीर्वाद लेकर उनका सम्मान करते हैं। जिनका कोई आध्यात्मिक गुरु नहीं है, वे अपने माता-पिता, शिक्षकों या जीवन में मार्गदर्शन देने वाले व्यक्तियों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त कर सकते हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन
Guru Purnima 2026  When Is Guru Purnima Know the Exact Date, Muhurat and Spiritual Significance
गुरु पूर्णिमा के दिन प्रातःकाल ब्रह्म मुहूर्त में उठकर स्नान करें - फोटो : adobe stock

गुरु पूर्णिमा की पूजा विधि

  • गुरु पूर्णिमा के दिन प्रातःकाल ब्रह्म मुहूर्त में उठकर स्नान करें और स्वच्छ या पीले रंग के वस्त्र धारण करें।
  • इसके बाद व्रत का संकल्प लें।
  • घर के पूजा स्थल में भगवान विष्णु, महर्षि वेदव्यास और अपने गुरु का स्मरण करते हुए दीपक जलाएं।
  • भगवान को पुष्प, फल, तुलसी दल और नैवेद्य अर्पित करें।
  • यदि संभव हो तो सत्यनारायण भगवान की कथा का पाठ या श्रवण करें।
  • अपने गुरु का आशीर्वाद प्राप्त करें तथा उनकी सेवा या सम्मान स्वरूप कोई उपहार अर्पित करें।
  • शाम के समय चंद्रमा के दर्शन होने पर उन्हें अर्घ्य दें और पूजा के बाद व्रत का पारण करें।
विज्ञापन
Guru Purnima 2026  When Is Guru Purnima Know the Exact Date, Muhurat and Spiritual Significance
जरूरतमंदों की आवश्यक वस्तुएं दान करना शुभ माना जाता है। - फोटो : adobe stock

इस दिन दान क्यों माना जाता है शुभ?
गुरु पूर्णिमा पर दान का विशेष महत्व बताया गया है। धार्मिक मान्यता है कि इस दिन श्रद्धा के साथ किया गया दान कई गुना पुण्य प्रदान करता है। अपनी क्षमता के अनुसार अन्न, वस्त्र, फल, दक्षिणा, धार्मिक पुस्तकें, छाता, जल पात्र या जरूरतमंदों की आवश्यक वस्तुएं दान करना शुभ माना जाता है। इससे ज्ञान, सुख, समृद्धि और सकारात्मक ऊर्जा की प्राप्ति होती है।

डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं, ज्योतिष, पंचांग, धार्मिक ग्रंथों आदि पर आधारित है। यहां दी गई सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है।

अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय हिंदी न्यूज़ वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें आस्था समाचार से जुड़ी ब्रेकिंग अपडेट। आस्था जगत की अन्य खबरें जैसे पॉज़िटिव लाइफ़ फैक्ट्स,स्वास्थ्य संबंधी सभी धर्म और त्योहार आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed