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Mahashiratri 2021: जानिए महाशिवरात्रि के दिन व्रत रखने का महत्व, भगवान शिव बरसाते हैं कृपा

Thu, 25 Feb 2021 05:59 PM IST
रुस्तम राणा धर्म डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
धर्म डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: रुस्तम राणा Updated Thu, 25 Feb 2021 05:59 PM IST
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Mahashiratri 2021 significance of Mahashiratri Vrat
महाशिवरात्रि 2021 - फोटो : अमर उजाला

महाशिवरात्रि 11 मार्च को है। हिन्दू पंचांग के अनुसार, महाशिवरात्रि फाल्गुन कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को हर साल मनाई जाती है। इस बार महाशिवरात्रि के दिन ग्रहों का विशेष संयोग बन रहा है। ज्योतिषीय गणना के अनुसार, महाशिवरात्रि पर शिव योग के साथ घनिष्ठा नक्षत्र होगा और चंद्रमा मकर राशि में विराजमान रहेंगे। महाशिवरात्रि के दिन शिवजी के भक्त व्रत रखकर अपने आराध्य की पूजा करते हैं। इस दिन व्रत रखने का विशेष महत्व है।

Mahashiratri 2021 significance of Mahashiratri Vrat
महाशिवरात्रि 2021 - फोटो : अमर उजाला
महाशिवरात्रि के व्रत से मिलते हैं कई लाभ

धार्मिक मान्यता के अनुसार, महाशिवरात्रि का व्रत रखने वाले व्यक्ति की सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं। यह व्रत पापों से मुक्ति दिलाता है। व्रत रखने वाले व्यक्ति की आत्मा शुद्ध हो जाती है। जो अविवाहित जातक हैं और मनचाहा वर पाना चाहते हैं तो महाशिवरात्रि का व्रत बेहद फलदायी माना जाता है। वहीं अगर किसी कन्या की शादी में बाधाएं आ रही हैं तो उसे यह व्रत जरूर रखना चाहिए। इस व्रत के माध्यम से उसकी समस्या हल हो जाएगी। यह व्रत दांपत्य जीवन में खुशियां लाता है। 

Mahashiratri 2021 significance of Mahashiratri Vrat
महाशिवरात्रि 2021 - फोटो : अमर उजाला
महाशिवरात्रि व्रत विधि
सुबह जल्दी उठें और नित्यकर्मों से निवृत्त हो जाएं। 
इसके बाद जिस जगह पूजा करते हैं, वहां साफ कर लें। 
फिर महादेव को पंचामृत से स्नान करें। 
उन्हें तीन बेलपत्र, भांग धतूरा, जायफल, फल, मिठाई, मीठा पान, इत्र अर्पित करें। 
शिवजी को चंदन का तिलक लगाएं, फिर खीर का भोग लगाएं। 
दिन भर भगवान शिव का ध्यान करें, उनकी स्तुति करें। 

रात के समय प्रसाद रूपी खीर का सेवन कर पारण करें और दूसरों को भी प्रसाद बांटें। 

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महाशिवरात्रि 2021 - फोटो : amar ujala
महाशिवरात्रि का शुभ मुहू्र्त 
महाशिवरात्रि तिथि - 11 मार्च 2021, बृहस्पतिवार
निशिता काल का समय - 11 मार्च, रात 12 बजकर 6 मिनट से 12 बजकर 55 मिनट तक 
पहला प्रहर - 11 मार्च, शाम 06 बजकर 27 मिनट से 09 बजकर 29 मिनट तक 
दूसरा प्रहर - 11 मार्च, रात 9 बजकर 29 मिनट से 12 बजकर 31 मिनट तक 
तीसरा प्रहर - 11 मार्च, रात 12 बजकर 31 मिनट से 03 बजकर 32 मिनट तक 
चौथा प्रहर - 12 मार्च, सुबह 03 बजकर 32 मिनट से सुबह 06 बजकर 34 मिनट तक 
शिवरात्रि पारण का समय - 12 मार्च, सुबह 06 बजकर 34 मिनट से शाम 3 बजकर 02 मिनट तक
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महाशिवरात्रि 2021 - फोटो : amar ujala

पूजा का समय
महाशिवरात्रि के दिन शुभ काल के दौरान ही महादेव और पार्वती की पूजा की जानी चाहिए तभी इसका फल मिलता है। महाशिवरात्रि पर रात्रि में चार बार शिव पूजन की परंपरा है।

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