Mahashivratri Vrat Niyam: 15 फरवरी 2026 को महाशिवरात्रि का पावन पर्व मनाया जाएगा। यह दिन भगवान शिव की उपासना के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है। इस दिन शिव भक्त व्रत रखते हैं और चार प्रहर में महादेव की विशेष पूजा, रुद्राभिषेक और रात्रि जागरण करते हैं। धार्मिक मान्यता है कि महाशिवरात्रि का व्रत करने से भगवान शिव शीघ्र प्रसन्न होते हैं और भक्तों की मनोकामनाएं पूरी होती हैं। साथ ही जीवन में सुख, शांति और समृद्धि का वास होता है।
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Mahashivratri 2026: किन लोगों को नहीं रखना चाहिए महाशिवरात्रि का व्रत, जानें शिव जी की आराधना के नियम
धर्म डेस्क, अमर उजाला
Published by: ज्योति मेहरा
Updated Tue, 10 Feb 2026 03:15 PM IST
सार
Mahashivratri Vrat: शास्त्रों में भी यह स्पष्ट किया गया है कि हर व्रत सभी के लिए अनिवार्य नहीं होता। महाशिवरात्रि का व्रत भी कुछ विशेष परिस्थितियों में नहीं रखना चाहिए। इसलिए यह जानना आवश्यक है कि किन लोगों को यह व्रत नहीं रखना चाहिए और ऐसे में वे किस प्रकार से भगवान शिव की आराधना कर सकते हैं।
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कौन नहीं रख सकता महाशिवरात्रि का व्रत?
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गर्भवती और स्तनपान कराने वाली महिलाएं
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गर्भवती और स्तनपान कराने वाली महिलाएं
- गर्भावस्था और स्तनपान की अवस्था में महिलाओं के शरीर को पर्याप्त पोषण की आवश्यकता होती है।
- ऐसे समय में कठिन उपवास रखना स्वास्थ्य के लिए नुकसानदायक हो सकता है।
- इसलिए गर्भवती और स्तनपान कराने वाली महिलाएं निर्जला या कठोर व्रत से बचें।
- डॉक्टर की सलाह लेकर फलाहार या बिना नमक वाला हल्का भोजन ग्रहण करें और मन से शिव आराधना करें।
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गंभीर बीमारियों से पीड़ित व्यक्ति
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गंभीर बीमारियों से पीड़ित व्यक्ति
- डायबिटीज, हाई या लो ब्लड प्रेशर, हृदय रोग या किसी भी गंभीर बीमारी से ग्रस्त लोगों को व्रत रखने से बचना चाहिए।
- लंबे समय तक भूखे रहना उनकी सेहत पर नकारात्मक असर डाल सकता है।
- ऐसे लोगों को बिना चिकित्सकीय सलाह के व्रत नहीं रखना चाहिए।
- बुजुर्गों को भी अपनी शारीरिक क्षमता के अनुसार ही व्रत या पूजा करनी चाहिए।
मासिक धर्म के दौरान महिलाएं
- फोटो : Freepik.com
मासिक धर्म के दौरान महिलाएं
- धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, मासिक धर्म के समय महिलाओं को मंदिर या शिवलिंग का स्पर्श नहीं करना चाहिए।
- इस दौरान महिलाएं व्रत रख सकती हैं और भगवान शिव का मानसिक जाप, ध्यान और मंत्र स्मरण कर सकती हैं।
- यह भी एक प्रकार की साधना मानी जाती है।
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व्रत न रख पाने की स्थिति में क्या करें
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व्रत न रख पाने की स्थिति में क्या करें
शास्त्रों में बताया गया है कि यदि कोई व्यक्ति स्वास्थ्य या अन्य कारणों से व्रत नहीं रखता है, तो उसे चिंता करने की आवश्यकता नहीं है। सच्चे मन से की गई शिव पूजा, मंत्र जाप, दान-पुण्य और सात्विक भोजन से भी भगवान शिव की कृपा प्राप्त की जा सकती है। महाशिवरात्रि पर भावना और श्रद्धा सबसे अधिक महत्वपूर्ण मानी जाती है, न कि केवल उपवास।
शास्त्रों में बताया गया है कि यदि कोई व्यक्ति स्वास्थ्य या अन्य कारणों से व्रत नहीं रखता है, तो उसे चिंता करने की आवश्यकता नहीं है। सच्चे मन से की गई शिव पूजा, मंत्र जाप, दान-पुण्य और सात्विक भोजन से भी भगवान शिव की कृपा प्राप्त की जा सकती है। महाशिवरात्रि पर भावना और श्रद्धा सबसे अधिक महत्वपूर्ण मानी जाती है, न कि केवल उपवास।
डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं, ज्योतिष, पंचांग, धार्मिक ग्रंथों आदि पर आधारित है। यहां दी गई सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है।