फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

Mangala Gauri Vrat: सावन का पहला मंगला गौरी व्रत कल, इन उपायों से दूर होंगी विवाह में आ रही बाधाएं

Mon, 03 Aug 2026 04:24 PM IST
दीक्षा पाठक धर्म डेस्क, अमर उजाला
धर्म डेस्क, अमर उजाला Published by: दीक्षा पाठक Updated Mon, 03 Aug 2026 04:24 PM IST
सार

Mangala Gauri Vrat 2026: सावन में भगवान शिव के साथ मां पार्वती की पूजा का भी विशेष महत्व है।जानिए इन व्रतों की तारीख, महत्व, पूजा विधि, शुभ संयोग और 16 पूजन सामग्रियों का धार्मिक महत्व।
 

विज्ञापन
Mangala Gauri Vrat 2026 Date Significance Puja Vidhi and Rituals Know here
मंगला गौरी व्रत में क्यों चढ़ाई जाती हैं 16 चीजें - फोटो : AI

सावन का पावन महीना भगवान शिव की आराधना के लिए सबसे शुभ माना जाता है, लेकिन इस दौरान मां पार्वती की उपासना का भी विशेष महत्व है। सावन के हर मंगलवार को रखा जाने वाला मंगला गौरी व्रत देवी पार्वती को समर्पित होता है। धार्मिक मान्यता है कि इस व्रत को श्रद्धा और विधि-विधान से करने पर विवाहित महिलाओं को अखंड सौभाग्य का आशीर्वाद मिलता है, जबकि अविवाहित कन्याओं को योग्य जीवनसाथी की प्राप्ति होती है।

Mangala Gauri Vrat 2026 Date Significance Puja Vidhi and Rituals Know here
मंगला गौरी व्रत में क्यों चढ़ाई जाती हैं 16 चीजें - फोटो : freepik

कितने मंगला गौरी व्रत रखे जाएंगे?
साल 2026 में सावन के दौरान कुल चार मंगला गौरी व्रत रखे जाएंगे। पहला व्रत 4 अगस्त, दूसरा 11 अगस्त, तीसरा 18 अगस्त और चौथा 25 अगस्त 2026 को पड़ेगा। खास बात यह है कि 11 अगस्त को पड़ने वाले दूसरे मंगला गौरी व्रत के दिन मासिक शिवरात्रि का संयोग रहेगा, जबकि 25 अगस्त को चौथे व्रत के साथ भौम प्रदोष व्रत भी होगा। ऐसे शुभ संयोग में भगवान शिव और माता पार्वती की संयुक्त पूजा का विशेष फल मिलने की मान्यता है।

Mangala Gauri Vrat 2026 Date Significance Puja Vidhi and Rituals Know here
मंगला गौरी व्रत में क्यों चढ़ाई जाती हैं 16 चीजें - फोटो : adobe

पति पर आने वाले संकट कट जाते हैं
धार्मिक ग्रंथों के अनुसार स्कंद पुराण में मां गौरी की उपासना को सौभाग्य, लंबी आयु और समृद्धि प्रदान करने वाला बताया गया है। वहीं व्रतराज में मंगला गौरी व्रत की कथा और पूजन विधि का विस्तार से उल्लेख मिलता है। मान्यता है कि इस व्रत के प्रभाव से दांपत्य जीवन में सुख-शांति बनी रहती है, पति पर आने वाले अकाल मृत्यु के संकट टलते हैं और विवाह में आ रही बाधाएं दूर होती हैं। साथ ही कुंडली में मौजूद मंगल दोष के शमन की भी मान्यता है।

विज्ञापन
विज्ञापन
Mangala Gauri Vrat 2026 Date Significance Puja Vidhi and Rituals Know here
मंगला गौरी व्रत में क्यों चढ़ाई जाती हैं 16 चीजें - फोटो : adobe stock

मंगला गौरी व्रत की पूजा विधि
व्रत के दिन ब्रह्म मुहूर्त में उठकर स्नान करें और स्वच्छ अथवा नए वस्त्र धारण करें। इसके बाद मां मंगला गौरी का ध्यान करते हुए व्रत का संकल्प लें। संकल्प मंत्र है, "मम पुत्रापौत्रासौभाग्यवृद्धये श्रीमंगलागौरीप्रीत्यर्थं पंचवर्षपर्यन्तं मंगलागौरीव्रतमहं करिष्ये।" पूजा स्थान पर चौकी रखकर पहले सफेद और फिर लाल वस्त्र बिछाएं। उस पर माता मंगला गौरी की प्रतिमा या चित्र स्थापित करें। घी का दीपक जलाएं। परंपरा के अनुसार आटे का दीपक बनाकर उसमें 16 बत्तियां लगाने की परंपरा है। इसके बाद चंदन, अक्षत, पुष्प, धूप, दीप और नैवेद्य अर्पित कर षोडशोपचार पूजा करें।

विज्ञापन
Mangala Gauri Vrat 2026 Date Significance Puja Vidhi and Rituals Know here
मंगला गौरी व्रत में क्यों चढ़ाई जाती हैं 16 चीजें - फोटो : adobe

16 की संख्या का है विशेष महत्व
मंगला गौरी व्रत में 16 संख्या का विशेष महत्व माना जाता है। इसलिए माता को 16 मालाएं, 16 लौंग, 16 सुपारी, 16 इलायची, 16 पान, 16 लड्डू, 16 चूड़ियां, सुहाग की सामग्री, फल और मिठाई अर्पित की जाती है। इसके अलावा पांच प्रकार के सूखे मेवे तथा सात प्रकार के धान्य- गेहूं, उड़द, मूंग, चना, जौ, चावल और मसूर भी चढ़ाने की परंपरा है। पूजा के बाद मंगला गौरी व्रत कथा का श्रवण किया जाता है और दिनभर माता पार्वती का स्मरण करते हुए एक समय सात्विक भोजन ग्रहण किया जाता है।


Sawan Somwar: आज प्रदोष काल में करें सावन सोमवार व्रत का पारण, जानिए समय और क्या खाना होगा सही

Sawan 2026: सावन के पहले सोमवार पर बना शुभ योग, जानिए भोलनाथ की पूजा की विधि और उपाय


डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं, ज्योतिष, पंचांग, धार्मिक ग्रंथों आदि पर आधारित है। यहां दी गई सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है।
 

अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय हिंदी न्यूज़ वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें आस्था समाचार से जुड़ी ब्रेकिंग अपडेट। आस्था जगत की अन्य खबरें जैसे पॉज़िटिव लाइफ़ फैक्ट्स,स्वास्थ्य संबंधी सभी धर्म और त्योहार आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed