Vat Savitri Vrat Rules: सुहागिन महिलाओं के लिए वट सावित्री व्रत बेहद खास होता है, जिसे ज्येष्ठ माह की अमावस्या तिथि पर रखा जाता है। मान्यता है कि, इस शुभ दिन पर सुहागिन महिलाएं पति की लंबी उम्र और अच्छे स्वास्थ्य के लिए उपवास रखती हैं। साथ ही सुख-समृद्धि व अखंड सौभाग्य की कामना करते हुए बरगद की पूजा करती हैं। इस वर्ष 16 मई 2026 को वट सावित्री व्रत रखा जाएगा। यह पर्व उन महिलाओं के लिए और भी खास होने वाला है, जो पहली बार इस उपवास को रखने जा रही हैं। हालांकि, पहली बार वट सावित्री व्रत रखने जा रही महिलाओं को कुछ जरूरी नियमों का ध्यान अवश्य रखना चाहिए। यह बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। मान्यता है कि नियम और श्रद्धा के साथ किया गया यह व्रत वैवाहिक जीवन में सुख-शांति और प्रेम बनाए रखता है। आइए इनके बारे में जानते हैं।
Vat Savitri Vrat Rules: पहली बार रख रही हैं वट सावित्री व्रत ? जान लें ये 5 जरूरी नियम
Vat Savitri Vrat Rules: वट सावित्री व्रत केवल एक परंपरा नहीं, बल्कि प्रेम, समर्पण और विश्वास का प्रतीक माना जाता है। यह व्रत महिलाओं के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना गया है।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
व्रत का संकल्प जरूर लें
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन पीले रंग के वस्त्र धारण कर सुबह-सुबह श्रद्धा भाव से व्रत का संकल्प लें। बिना संकल्प के व्रत अधूरा माना जाता है।
Vastu Tips: नए घर में प्रवेश करने से पहले अवश्य ध्यान रखें वास्तु से जुड़ी ये 5 बड़ी बातें
Jyeshtha Masik Shivratri 2026: ज्येष्ठ माह में कब है मासिक शिवरात्रि, जानें डेट और पूजा का समय
वट वृक्ष की परिक्रमा करें
मान्यताओं के अनुसार, बरगद के पेड़ की पूजा करने के बाद उसकी परिक्रमा अवश्य करें और कच्चा सूत बांधें। यह वैवाहिक जीवन की मजबूती और पति की लंबी उम्र का प्रतीक माना जाता है।
Pradosh Vrat 2026: 13 या 14 मई कब रखा जाएगा प्रदोष व्रत ? जानें तिथि, मुहूर्त और पूजा विधि
Vat Savitri Vrat 2026: 16 मई को वट सावित्री व्रत, पति की लंबी उम्र और सफलता के लिए करें ये उपाय
व्रत का पारण करना न भूलें
व्रत पूरा होने के बाद विधि-विधान से पारण जरूर करें। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, पारण किए बिना व्रत का पूर्ण फल नहीं मिलता।
Shani Jayanti 2026: शनि जयंती पर इन 5 चीजों का करें दान, दूर होंगे दोष और मिलेगा लाभ
पति-पत्नी साथ में पूजा करें
डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं, ज्योतिष, पंचांग, धार्मिक ग्रंथों आदि पर आधारित है। यहां दी गई सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है।
वट सावित्री के शुभ दिन पर पति-पत्नी का साथ में वट वृक्ष की पूजा करना बेहद शुभ माना जाता है। इससे रिश्तों में प्रेम, विश्वास और सामंजस्य बढ़ता है।
Nautapa 2026: मई के इन 9 दिनों में पड़ेगी भीषण गर्मी, जानिए डेट और इसका कारण
सोलह श्रृंगार अवश्य करें
वट सावित्री व्रत पर महिलाओं को पूरे सोलह श्रृंगार करने चाहिए। इसे अखंड सौभाग्य और शुभता का प्रतीक माना गया है।