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Shani Jayanti 2026: 16 मई को शनि जयंती, जानिए शनिदेव की कृपा पाने के लिए क्या करें क्या न करें

धर्म डेस्क, अमर उजाला Published by: Vinod Shukla Updated Wed, 13 May 2026 02:22 PM IST
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सार

Shani Jayanti 2026: शनि जयंती पर शनिदेव को प्रसन्न करने के लिए कुछ उपाय बहुत ही कारगर होते हैं, वहीं कुछ कार्यों को करना वर्जित होता है।

Shani Jayanti 2026 Date Astrological Remedies To Get Shani Dev Blessing
शनि जयंती 2026 - फोटो : Amar Ujala
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विस्तार

हिंदू कैलेंडर के अनुसार, हर वर्ष ज्येष्ठ माह की अमावस्या तिथि पर शनिदेव का जन्मोत्सव मनाया जाता है। ज्योतिष में शनिदेव का विशेष महत्व होता है और इनको न्यायाधिपति और कर्मफलदाता माना जाता है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, शनिदेव का जन्म अमावस्या तिथि और शनिवार के दिन हुआ था। सूर्यदेव इनके पिता और  छाया इनकी माता हैं। शनि जयंती पर शनि मंदिरों पर भारी भीड़ होती है और इस दिन मुख्य रूप से शनिदेव को प्रसन्न करने और शनिदोषों से मुक्ति पाने के लिए धार्मिक अनुष्ठान पूजा-पाठ, दान और मंत्रों का जाप किया जाता है। इससे शनि और पितृदोषों से मुक्ति मिलती है। शनि जयंती पर शनिदेव की पूजा करने पर साढ़ेसाती, ढैय्या और दोषों से राहत मिलती है। इस वर्ष शनि जयंती पर सौभाग्य और शोभन योग का संयोग रहेगा। इस बार ज्येष्ठ अमावस्या तिथि की शुरुआत 16 मई को सुबह 5 बजकर 11 मिनट से होती है जो देर रात 01 बजकर 30 मिनट तक रहेगी। शनि जन्मोत्सव पर शनिदेव को प्रसन्न करने और शनिदोषों से मुक्ति पाने के लिए कुछ कार्य ऐसे हैं जो हमें इस दिन करने चाहिए और कुछ कार्य ऐसे हैं जिनको करने से बचना चाहिए।

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शनि जयंती पर क्या करें
- शनि जन्मोत्सव पर पितृ दोष से मुक्ति पाने के लिए अपने पितरों को प्रिय चीजों को अर्पित करें। शनि जयंती पर गाय, कौआ, कुत्ते को भोजन जरूर खिलाएं, ऐसा करने से पितृ प्रसन्न होते हैं और आशीर्वाद देते हैं।
-शनि अमावस्या पर पीपल के वृक्ष पर कच्चा दूध, जल चढ़ाने, तिल या सरसों के तेल का दीपक जलाने से अनेक प्रकार के कष्टों का निवारण होता है। शनि की साढ़ेसाती या ढैय्या से मुक्ति पाने के लिए पीपल के पेड़ की पूजा करना शुभ फलदायी होता है।
-शनि जयंती पर शनिदेव के मंत्र ‘ऊं प्रां प्रीं प्रौं स: शनैश्चराय नम:’का जाप अवश्य करें।
-शनि जयंती पर शनिदेव की पूजा के साथ-साथ शिवजी पर काले तिल मिले हुए जल से  'ॐ नमः शिवाय' का उच्चारण करते हुए अभिषेक करें।
-शनि जयंती के दिन व्रत रखें और गरीब लोगों की मदद करें ,ऐसा करने से शनिदेव की कृपा मिलती है।
-शनि जयंती पर भगवान शनिदेव की पूजा के साथ-साथ हनुमानजी की भी पूजा करें। 

शनि जयंती पर क्या न करें
-शनि अमावस्या पर घर में लोहे से बनी कोई वस्तु ना लेकर आए। इससे शारीरिक और आर्थिक परेशानियां बढ़ सकती हैं ।
-शनि अमावस्या पर सरसों का तेल, लकड़ी, जूते-चप्पल और काली उड़द को ना खरीदें वरना आपको शनिदेव की कुदृष्टि का सामना करना पड़ सकता है।
-शनि जयंती पर शनि मंदिर में शनि के दर्शन करते समय भूल से भी उनकी आंखों को न देखें। 



डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं, ज्योतिष, धार्मिक ग्रंथों आदि पर आधारित है। यहां दी गई सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है।

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