Hindu Festival Vrat Tyohar 2026: प्राचीन काल से ही सुहागिन महिलाएं अपने वैवाहिक जीवन को सुखी और सुरक्षित बनाए रखने के लिए व्रत, पूजा और धार्मिक परंपराओं का पालन करती आ रही हैं। पति की दीर्घायु और दांपत्य जीवन में आने वाली परेशानियों से रक्षा के लिए साल भर में कई खास व्रत रखे जाते हैं। हिंदू धर्म में यह मान्यता है कि सच्ची श्रद्धा और विश्वास के साथ किए गए ये व्रत पति को बड़ी से बड़ी विपत्ति से भी बचा सकते हैं। करवा चौथ और वट सावित्री व्रत के अलावा भी कुछ ऐसे महत्वपूर्ण व्रत हैं, जिनका विशेष महत्व बताया गया है। आइए इनके बारे में विस्तार से जानते हैं।
Vrat List 2026: पति की लंबी आयु के लिए हर सुहागिन को रखने चाहिए ये 4 व्रत, जानें इस साल कब-कब पड़ेंगे
Vrat List 2026: हिंदू धर्म में यह मान्यता है कि सच्ची श्रद्धा और विश्वास के साथ किए गए ये व्रत पति को बड़ी से बड़ी विपत्ति से भी बचा सकते हैं। करवा चौथ और वट सावित्री व्रत के अलावा भी कुछ ऐसे महत्वपूर्ण व्रत हैं, जिनका विशेष महत्व बताया गया है। आइए इनके बारे में विस्तार से जानते हैं।
वट सावित्री व्रत
वट सावित्री व्रत ज्येष्ठ माह की अमावस्या तिथि को मनाया जाता है। इसी दिन शनि जयंती भी होती है। वहीं अमांत कैलेंडर के अनुसार यह व्रत ज्येष्ठ पूर्णिमा के दिन रखा जाता है। इसी कारण इसे वट पूर्णिमा व्रत भी कहा जाता है। इस व्रत में महिलाएं वट यानी बरगद के पेड़ की पूजा कर पति की लंबी उम्र और सुखी जीवन की कामना करती हैं।
वट सावित्री अमावस्या – 16 मई 2026
वट सावित्री पूर्णिमा – 29 जून 2026
हरतालिका तीज
हरतालिका तीज भाद्रपद महीने के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को मनाई जाती है। इस दिन महिलाएं भगवान शिव और माता पार्वती की रेत से बनी अस्थायी प्रतिमाओं की पूजा करती हैं। मान्यता है कि इस व्रत को रखने से वैवाहिक जीवन सुखमय होता है और संतान सुख की प्राप्ति होती है।
हरतालिका तीज – 14 सितंबर 2026
हरियाली तीज
हरियाली तीज का व्रत श्रावण मास के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को रखा जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस दिन सोलह श्रृंगार कर शिव-पार्वती की विधि-विधान से पूजा करने पर महिलाओं को अखंड सौभाग्य का आशीर्वाद मिलता है। इस व्रत को कुंआरी कन्याएं भी मनचाहा जीवनसाथी पाने की कामना से रखती हैं।
हरियाली तीज – 15 अगस्त 2026
करवा चौथ
करवा चौथ का व्रत कार्तिक माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि को किया जाता है। इस दिन करवा माता के साथ भगवान शिव, माता पार्वती, भगवान गणेश और भगवान कार्तिकेय की पूजा की जाती है। मान्यता है कि करवा माता की कृपा से महिलाओं को अखंड सौभाग्य का वरदान मिलता है। सुहागिनें इस दिन निर्जल व्रत रखती हैं और शाम को चंद्र देव के दर्शन व पूजा के बाद ही व्रत खोलती हैं।
करवा चौथ – 29 अक्तूबर 2026
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