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अप्रैल के महीने में कब है प्रदोष व्रत? जानें तारीख और मुहूर्त

ज्योतिष डेस्क, अमर उजाला Published by: Shweta Singh Updated Fri, 10 Apr 2026 08:41 PM IST
सार

प्रदोष व्रत हर महीने कृष्ण और शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि पर रखा जाता है, जिसमें प्रदोष काल में भगवान शिव की पूजा का विशेष महत्व होता है। आइए जानते हैं कि अप्रैल में प्रदोष व्रत कब है और पूजा का शुभ मुहूर्त क्या रहेगा।
 

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April Month Pradosh Vrat 2026 Dates, Timing Puja Muhurat and Significance
Pradosh Vrat 2026 - फोटो : अमर उजाला

Pradosh Vrat 2026: हिंदू धर्म में प्रदोष व्रत का बहुत विशेष महत्व है। प्रदोष व्रत हर महीने दो बार आता है, एक बार शुक्ल पक्ष में और एक बार कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि को। इस दिन भगवान शिव की पूजा करने का एक विशेष विधान है। मान्यता के अनुसार, यदि इस दिन भगवान शिव की पूजा की जाए, तो उनकी कृपा सदैव भक्तों पर बनी रहती है और जीवन में सुख, शांति तथा समृद्धि में वृद्धि होती है। इसके साथ ही, भगवान शिव के साथ माता पार्वती की पूजा करना भी सुखी वैवाहिक जीवन के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है। आइए जानते हैं अप्रैल माह में प्रदोष व्रत किन-किन दिनों पड़ रहा है और इसका शुभ मुहूर्त क्या है।


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कृष्ण पक्ष प्रदोष व्रत तिथि और मुहूर्त - फोटो : adobe stock

कृष्ण पक्ष प्रदोष व्रत तिथि और मुहूर्त  
कृष्ण पक्ष प्रदोष व्रत तिथि आरंभ: 14 अप्रैल, मध्य रात्रि के बाद 12 बजकर 12 मिनट पर
कृष्ण पक्ष प्रदोष व्रत तिथि समाप्त: 15 अप्रैल, रात्रि  10 बजकर 31 मिनट पर
उदयातिथि के अनुसार प्रदोष व्रत 15 अप्रैल को रखा जाएगा।  

प्रदोष काल का मुहूर्त
15 अप्रैल, बुधवार, सायं 6 बजकर 1 मिनट से लेकर 7 बजकर 31 मिनट तक का समय पूजा के लिए शुभ रहेगा।

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April Month Pradosh Vrat 2026 Dates, Timing Puja Muhurat and Significance
शुक्ल पक्ष प्रदोष व्रत तिथि और मुहूर्त - फोटो : freepik

शुक्ल पक्ष प्रदोष व्रत तिथि और मुहूर्त 
शुक्ल पक्ष प्रदोष व्रत तिथि आरंभ: 28 अप्रैल, सायं 6 बजकर 51 मिनट पर
शुक्ल पक्ष प्रदोष व्रत तिथि समाप्त:29 अप्रैल, सायं 7 बजकर 51 मिनट पर
शुक्ल पक्ष प्रदोष व्रत    28 अप्रैल को रखा जाएगा। 

प्रदोष काल का मुहूर्त
28 अप्रैल, को सायं 6 बजकर 51 मिनट से लेकर सायं 7 बजकर 39 मिनट की अवधि पूजा करने के लिए सबसे उत्तम समय होगा। 

April Month Pradosh Vrat 2026 Dates, Timing Puja Muhurat and Significance
प्रदोष व्रत का महत्व - फोटो : Instagram

प्रदोष व्रत का महत्व 
प्रदोष व्रत को सभी व्रतों में सबसे अधिक शुभ माना जाता है। ऐसा माना जाता है कि इस व्रत का पालन करने से जीवन की समस्याएं दूर हो जाती हैं। इससे मन की शांति और आध्यात्मिक शक्ति में वृद्धि होती है। भगवान शिव की विशेष कृपा सदैव भक्तों पर बनी रहती है। कहा जाता है कि जो लोग नियमित रूप से इस व्रत का पालन करते हैं, उनके जीवन में सुख, शांति और समृद्धि बनी रहती है।



डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं, ज्योतिष, पंचांग, धार्मिक ग्रंथों आदि पर आधारित है। यहां दी गई सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है।

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